अंबिकापुर, 02 जनवरी 2023 (घटती-घटना)। दो अलग अलग तापक्रमों की हवाओं के आपसी सम्पर्क से बनने वाले कोहरे को सम्पर्कीय कोहरा कहते हैं। ठंडे धरातल पर जब गर्म और आर्द्र हवा क्षैतिज संचरण करती है तब उसके तापमान में गिरावट के कारण इस प्रकार का कोहरा बनता है। शीत ऋतु में स्थलीय भाग और ग्रीष्म ऋतु के समय सागरीय भागों में इसके लिये अनुकूल परिस्थितियां रहती हैं। इसकी ऊंचाई या मोटाई 300 से 600 मीटर तक होता है। घना कोहरा मतलब स्थानीय भूसतही वायुमण्डल का संतृप्त हो जाना। संतृप्त वायु में आर्द्रता की मात्रा 100 प्रतिशत हो जाती है जिससे उसमें और अधिक जल वाष्प कणों को धारण करने की क्षमता समाप्त हो जाती है जिससे संघनन की क्रिया प्रारम्भ होती है और वायुमण्डल के जलवाष्प का द्रवीकरण होने लगता है जो ओस के रूप में धरातल पर दिखता है। दो दिशाओं से चल रही हवाओं के कारण तापमान में पिछले कुछ दिनों से उतार चढ़ाव हो रहा है। इस लिए तापमान स्थिर रहीं है। वहीं सोमवार को इस सिजन का पहला कोहरा अंबिकापुर क्षेत्र में छाया रहा। कोहरा काफी घना होने के कारण दृश्यता 500 मीटर तक सिमटी थी। मौसम विज्ञानी के अनुसार न्यूनतम तापमान में गिरावट नहीं हुआ वहीं 24 घंटे के अंदर एक डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। रविवार का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस था वहीं सोमवार को यह तापमान बढ़कर 10 डिग्री हो गया है। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट के अनुसा सोमवार की सुबह इस सिजन का पहला घना कोहरा पड़ा है। कोहरा लगभग 9 बजे तक छाया रहा। वहीं मौसम साफ होने के बाद एक बार फिर कडा¸के की ठंड पडऩे की उम्मीद है।
