बिलासपुर@नीट के स्ट्रे राउंड में आरक्षण नहीं देने की याचिका पर हुई सुनवाई

Share


बिलासपुर,26 दिसम्बर 2022(ए)।हाईकोर्ट ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए छुट्टी वाले दिन रविवार को एक याचिका में सुनवाई की है। याचिका नीट एंट्रेंस एग्जाम को पास कर चुके छात्रों के एडमिशन से जुड़ा है। इसमें एमआईसी और डीसीसी ने परीक्षा पास कर चुके छात्रों को मेरिट के आधार पर 25 दिसंबर तक एडमिशन के लिए कहा था, लेकिन कुछ छात्रों ने आपत्ति जताई कि जो मेरिट लिस्ट तैयार की गई है उसमें आरक्षण के नियमों का पालन नहीं किया गया। लिहाजा अब हाईकोर्ट ने मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी समेत डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया डेन्टल कौंसिल ऑफ इंडिया समेत राज्य शासन से 2 जनवरी तक मामले में जवाब मांगा है।
आरक्षित वर्ग के स्टूडेंट हुए वंचित
दरअसल, इस राउंड में आरक्षण नहीं देने के कारण प्रदेश के आरक्षित वर्ग के स्टूडेंट एडमिशन से वंचित हो गए हैं, जिन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट देने वाले स्टूडेंट्स के लिए मेडिकल कॉलेज और डेंटल कॉलेजों की बची हुई सीटों पर एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है। हृश्वश्वभ् ने स्ट्रे वैकेंसी राउंड के फाइनल नतीजे जारी कर दिए गए हैं। ये रिजल्ट मेडिकल काउंसिल कमेटी ने रिलीज किया है। लेकिन, इसमें आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया है और मेरिट लिस्ट के आधार पर सूची जारी की गई है, जिसे चुनौती देते हुए रायगढ़ के स्टूडेंट राजेंद्र साव और धमतरी के मयंक देवांगन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
अर्जेंट हियरिंग की मांग पर क्रिसमस को खुला कोर्ट
स्टूडेंट्स के एडवोकेट ने उनके भविष्य और एडमिशन को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से आग्रह किया था कि इस केस की अर्जेंट सुनवाई की जाए, जिस पर जस्टिस एनके व्यास और जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की डिवीजन बेंच गठित कर रविवार को अवकाश के दिन हाईकोर्ट खुल गया और उन्होंने केस की सुनवाई की।
2 जनवरी तक देना है जवाब
याचिका में बताया गया कि स्ट्रे राउंड के लिए डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन ने 21 दिसंबर को नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें 25 दिसंबर तक रिक्त सीटों पर स्टूडेंट्स को सीधे एडमिशन के लिए आवेदनपत्र जमा करना था। याचिकाकर्ता छात्रों का कहना है कि जारी लिस्ट में आरक्षण नियम लागू नहीं किया गया है, जिसके कारण उनका नाम ही लिस्ट में नहीं है। आरक्षण रोस्टर लागू होता, तो उनका एडमिशन होने का चांस रहता। डिवीजन बेंच ने उनके वकील के तर्कों को सुनने के बाद मेडिकल काउंसिल कमेटी, डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया और राज्य शासन के डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन को नोटिस जारी कर दो जनवरी तक जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है।


Share

Check Also

रायपुर@ भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर डॉ महंत ने गडकरी को लिखी चिट्ठी

Share ्र> सीबीआई जांच की मांग भी की… परियोजना में करोड़ों के भ्रष्टाचार का लगाया …

Leave a Reply