- क्या शिकायत के बाद कार्यवाही करने में सीईओ के हाथ पांव तो नहीं फूल रहे हैं?
- उप सरपंच का कहना प्रस्ताव डायरी में 7 पंचों का हस्ताक्षर गलत किए गए हस्ताक्षर हमारे नहीं है
- मामला खडगवां जनपद अंतर्गत ग्राम रतनपुर का

–रवि सिंह –
रतनपुर/खडगवां 20 दिसम्बर 2022 (घटती-घटना)। ग्राम पंचायत के बड़े-बड़े घोटाले तो आप ने सुना ही होगा लेकिन इस बार जो हेरा फेरी हुआ है वह कोरिया जिला के रतनपुर ग्राम पंचायत का है ग्राम पंचायत के सचिव और सरपंच पति मिल कर पंचायत के शासन से प्राप्त राशि का द्रुप्रयोग किया जा रहा है। जी हां यह आरोप सीधे ग्राम पंचायत के पंचो के द्वारा सीधे अपने ही ग्राम पंचायत के सचिव और सरपंच पर लगाया जा रहा है।
पंचों ने लिखित मे भी शिकायत जनपद पंचायत खडगंवा के सीईओ राजेश सेंगर से किया है मामले के गंभीरता को देखते हुए जनपद पंचायत के सीईओ राजेश सेंगर ने पंचायत इंस्पेक्टर को निर्देशित कर जांच रिपोर्ट माँगा था लेकिन विडंबना इस बात की है कि मामले को एक महीने बीतने को है लेकिन जनपद पंचायत के मुखिया के तरफ से अब तक किसी प्रकार का सचिव के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई है। पंच का कहना है कि जिस प्रस्ताव रजिस्टर मैं फर्जी हस्ताक्षर किया गया है कहीं ना कहीं पंचायत के पैसे का आहरण किया गया है हम सभी पंचो के विस्वास के साथ धोखा धडी किया जा रहा है। इनका आरोप है कि सरपंच और उसके पति ने सचिव के साठ गांठ से पंचायत के राशि को बेवजह कभी रंग मंच के नाम से तो कभी अन्य कार्यो के लिए बे हिसाब पैसा निकाल कर तीनों मिल कर डकार जाते हैं, जब भी हम पंचो ने पंचायत के कार्यो और पैसों का हिसाब माँगा है सरपंच के पति पंचायत के कामों मैं अड़ंगा डालते है। सूत्रों के माने तो फर्जी हस्ताक्षर के मामले में सरपंच का पकड क्षेत्र के जनप्रतिनिधि से हैं और मालूम पडता हैं कि उक्त मामले कि कार्यवाही में लेट लतीफ जानबूझकर कर कराया जा रहा हैं, सूत्र बताते है की सरपंच सचिव के पीछे राजनीतिक संरक्षण है और कहीं ना कहीं सीईओ को कार्यवाही करने से रोका जा रहा है, इस लिए कार्यवाही करने में सीईओ के हाथ पांव तो नहीं फूल रहे हैं? बहरहाल सभी पंचों ने कार्यवाही के लिए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है अब देखना होगा कि जिला कलेक्टर के हस्तक्षेप से सरपंच और सचिव के विरुद्ध कार्रवाई होती है कि नहीं? आज हम देखते हैं कि कोई भी व्यक्ति फर्जी तरीके से कोई भी चेक पर हस्ताक्षर कर लेते हैं या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख से तैयार किसी भी नोटिस या दस्तावेज में अपने हस्ताक्षर कर या आदेश को बदल देते हैं। हम आज आपको कूटरचना संबंधित अपराध के बारे में जानकारी आज के लेख में जानिए।
सचिव बने अंजाना
जब हम सचिव से फर्जी हस्ताक्षर को लेकर बात करनी चाहा तो सचिव ने कहा कि मेरे से सरपंच ने प्रस्ताव रजिस्टर माँगा गया था मैं उस वक्त बेमा में अन्य कामों में व्यस्त था, उन्हें रजिस्टर दे दिया था लेकिन मुझे इस बारे में कुछ भी पता नहीं। क्या सचिव इस प्रकार की बाते करें तो क्या यह सौभा देता है पंचायत का काम एक बहोत बड़ी जिम्मेवारी होती है? क्या सचिव को यह नहीं पता इन सब बातों से यह मालूम पड़ता है कि कहीं ना कहीं फर्जी हस्ताक्षर के मामले को दबा दिया जा रहा है अगर ऐसा नहीं है तो जनपद पंचायत के सीईओ क्यों त्वरित कार्रवाई करते है? जब पंचों ने सीधे सरपंच और सचिव के विरूद्ध लिखित आरोप पत्र दिया है तो क्या कारण है कार्यवाही में विलंब हो रहा है?
क्या होती हैं यह कूटरचना?
भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अध्याय 18, में धारा 463 से 489 तक दस्तावेजों और चिन्हों संबधी अपराधों एवं दण्डो के विषय में बताया गया है। पर आज के लेख में हम कूटरचना संबधित अपराध को जानेंगे। कूटरचना से तात्पर्य है किसी व्यक्ति के द्वारा झूठे दस्तावेज बनाना या तैयार करना। उन दस्तावेजों का प्रयोग व्यक्ति अपने वास्तविक रूप में करता है, या कोई धोखा देने के उद्देश्य से, कोई व्यक्ति झूठे दस्तावेज बनाता है, वह कूटरचना होती है। वही ग्रामपंचायत के पंचों ने स्टाम्प में अपना काबुल नामा स्वीकार किया है और एसडीएम कार्यालय में मामले की सुनवाई के लिए गुहार लगाया है वही सीईओ खडगावां राजेश सेंगर ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के बाद जो भी बात सामने आयेगी उस पर कार्यवाही की जाएगी और सब लोगों को नोटिस दी जाएगी।
पंच का शपथ पूर्वक कथन
श्रीमती सुमित्रा पति बजरंग, उम्र करीब 30 वर्ष, जाति गोड़, निवासी ग्राम- रतनपुर, थाना व तहसील खड़गवां, जिला-मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छ0ग0) का मूल निवासी हूँ तथा निम्नलिखित कथन शपथ पूर्वक करती हूँ यह कि, मैं उपरोक्त वर्णित पते पर स्थायी रूप से निवास करती हूँ तथा ग्राम पंचायत रतनपुर, वार्ड क्रमांक 06 का चयनित वार्ड पंच हूँ। यह कि, ग्राम पंचायत रतनपुर के सरपंच उमा सिंह एवं सचिव शिवभजन सिंह के द्वारा दिनांक 12/10/2022 को एक बैठक किया गया, बैठक की जानकारी मुझे नहीं दी गई और ना ही मुझे बुलाया गया उक्त बैठक में मेरे नाम का प्रस्ताव के समर्थन में फर्जी हस्ताक्षर कुटरचित कर अंकित किया गया है। यह कि, ग्राम पंचायत रतनपुर के सरपंच / सचिव के द्वारा फर्जी प्रस्ताव पारित कर बैंक से राशि आहरण कर लिया गया है, कितनी राशि बैंक से आहरण की गई है इसकी जानकारी मुझे नही है तथा उक्त प्रस्ताव पंजी में मेरी कुट रचित हस्ताक्षर फर्जी तरीके से किया गया है। प्रस्ताव पंजी में मेरे द्वारा हस्ताक्षर नही किया गया है।