बैकुण्ठपुर@गजब है प्रशासन का मापदंड,जहां ज्यादा जाम लगता है वहां 20 फिट,जहां पहले से चौड़ा वहां 40 फिट होगी सड़क चौड़ी

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  • खरवत चौक से जमगहना तक बराबर मापदंड रखने की जरूरत,एकरूपता नहीं होने से फिर करना पड़ेगा विरोध का सामना
  • बाजारपारा,महलपारा आदि प्रमुख सड़को को भी चैड़ा करने की जरूरत
  • जहां समस्या है वहां पर चौड़ीकरण कम और जहां की समस्या नहीं है वहां पर चौड़ीकरण ज्यादा

रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 17 दिसम्बर 2022 (घटती-घटना)। जहां समस्या है वहां पर चौड़ीकरण कम और जहां की समस्या नहीं है वहां पर चौड़ीकरण के लिए ज्यादा माप किया जा रहा जिसे लेकर भेदभाव की बात उठने लगी, चौड़ीकरण मामला कब अंतिम रूप लेगा इसका तो पता नहीं पर बीच-बीच में अलग-अलग विवाद उत्पन्न होकर बाधित हो जाता है क्योंकि प्रशासन भी निष्पक्ष तरीके से सड़क चौड़ीकरण को करने में नहीं दिखा रही तत्परता, लोगों का कहना है कि शासन एक बराबर करें सड़क चौड़ीकरण का मापदंड यदि 40 फिट ले रहे तो हर तक 40 ले और यदि 20 फिट ले रही है तो हर तरफ 20 फिट ले।
बैकुंठपुर शहर में सड़क चैड़ीकरण की उम्मीद लगाए बैठे व्यापारियों समेत आम जन में अब थोड़ी राहत मिली है, जब कलेक्टर की पहल पर एक बार फिर सड़क चैड़ीकरण की फाईल बनने लगी है। पहले चरण में आवश्यक रिपोर्ट तैयार करने का काम चल रहा है, एक सप्ताह में बनने वाले उक्त रिपोर्ट के परीक्षण के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हलांकि प्रारंभिक जनचर्चा के अनुसार मुख्य चैक से लेकर आसपास के इलाके में 20 फिट सड़क चैड़ीकरण किये जाने की बात चल रही है, बाकी क्षेत्र में 40 फिट चैड़ीकरण किया जा सकता है। अब सवाल उठना जरूरी है कि घड़ी चैक से लेकर आसपास के क्षेत्र में ही आए दिन ज्यादा जाम की स्थिति निर्मित होती है बाकी के मुख्य सड़क में ऐसी स्थिति नही है। लेकिन यदि प्रषासन ऐसा मापदंड अपनाता है तो जाहिर सी बात है कि एक बार फिर से व्यापारियों के विरोध का सामना करना पड़ेगा। सड़क चैड़ीकरण में एकरूपता अपनाये जाने की आवष्यकता है जिससे कि विरोध की आग को शांत किया जा सके। ज्ञात हो कि कलेक्टर की पहल पर एक बार फिर से खरवत चैक से जमगहना तक लगभग 10 किमी सड़क का चैड़ीकरण किये जाने की कार्यवाही शुरू हुई है, चारपहिया वाहनो की बढती आावाजाही और यातायात के दबाव को देखते हुए बाजारपारा और महलपारा सड़क को भी चैड़ा किया जाना अब आवष्यक हो गया है।
एक सप्ताह मे तैयार होगा रिपोर्ट
घटती-घटता अखबार में लगातार खबर प्रकाशन और युवा तथा आमजन की मांग को देखते हुए कोरिया कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इस बार सड़क चैड़ीकरण को लेकर रूचि दिखलाई है। पिछले मंगलवार को संपन्न हुई समय-सीमा बैठक के बाद कलेक्टर श्री लंगेह ने प्रशासनिक टीम को साथ लेकर खरवत चैक से लेकर घड़ी चैक व जमगहना तक प्रमुख स्थानो पर खुद नापजोख का कार्य कराया है। उन्होने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, लोक निर्माण विभाग,लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी व विद्युत मंडल के अधिकारियो से एक सप्ताह के भीतर चैड़ीकरण को लेकर रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देष दिया है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद इस बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सड़क चैड़ीकरण में एकरूपता की ज्यादा जरूरत
सड़क चैड़ीकरण की दिषा में प्रषासन ने जिस प्रकार कदम उठाया है वह निष्चित ही सराहनीय कदम है, लेकिन अब इसमें जो बात सामने निकलकर आ रही है यदि उस पर विष्वास किया जाए तो घड़ी चैक के आसपास जहां ज्यादा जाम की स्थिति बन रही है, वहां पर सबसे ज्यादा चैड़ा किये जाने की जरूरत है लेकिन बिना मापदंड के घड़ी चैक समेत आसपास की सड़क को 20 फिट और बाकी स्थानो पर 40 फिट चैड़ा करने की बात भी चल रही है ऐसी जनचर्चा है। और यदि प्रषासन ऐसा करता है तो यह कहीं से उचित नही होगा। लोगो का कहना है कि जमगहना से लेकर खरवत चैक तक एक निर्धारित मापदंड पर काम करना होगा,जिससे कि एकरूपता बनी रहे और विरोध का सामना न करना पड़े।
व्यापारी भी चाहते हैं हर जगह बराबर हो सड़क चैड़ीकरण
प्रशासन द्वारा चैड़ीकरण की दिषा में रिपोर्ट तैयार करने का काम जैसे चालू हुआ है वैसे ही शहर के व्यापार भी अपनी बात सामने रख रहे हैं उनका कहना है कि आज व्यापार की बुरी स्थित देखकर सड़क चैड़ीकरण किया जाना सबसे जरूरी हो गया है। सड़क चैड़ी न होने से व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भविष्य में स्थिति और बिगड़ेगी,इसलिए जितना जल्दी हो सड़क का चैड़ीकरण हो जाना चाहिए। हलांकि शहर में भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को इसके लिए आगे आना चाहिए और प्रषासन का साथ देना चाहिए लेकिन वोट बैंक की राजनीति के कारण चैड़ीकरण के मुद्वे पर जनप्रतिनिधि कुछ बोलने और आगे आने से बचना चाहते हैं।
व्यापार संघ को दूर रखने की जरूरत, चंद लोगो का समूह है यह संघ
जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में एक नाममात्र का व्यापार संघ बना हुआ है, व्यापारियों के हितो को छोड़ इस संघ ने आज तक चैड़ीकरण जैसे प्रमुख कार्य पर अड़ंगा लगाने का काम ही किया है। चैड़ीकरण न होने से प्रभावित व्यापारी इस वजह से व्यापार संघ से अब दूर जा चुके हैं, इसलिए यह संघ गिनती के लोगो का एक समूह बन कर रह गया है। न तो यह संघ पंजीकृत है और न ही इसे व्यापारियों का समर्थन प्राप्त है। संघ के चुनिंदा पदाधिकारी अपना स्वार्थ सिद्व करने का काम जरूर कर रहे हैं। फिर भी जब सड़क चैड़ीकरण जैसे प्रमुख मुद्वा सामने आता है तो अपने स्वार्थ में इस समूह के लोग प्रषासन के सामने अपनी बात रखने पहुंच जाते हैं और चार-पांच लोगो के निर्णय को सभी व्यापारियों का निर्णय बतलाकर प्रषासन तथा जनप्रतिनिधियों को गुमराह करते हैं उनके द्वारा प्रषासन से उलजलूल सवाल किया जाता है जिससे कि चैड़ीकरण का काम ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। अब एक बार फिर से जब सड़क चैड़ीकरण की दिषा में काम शुरु हुआ है तो प्रषासन को भी चाहिए कि यदि उसे व्यापारियों का मत जानना है तो उसके लिए सभी व्यापारियों को एक जगह एकत्र कर उनकी बात सुनना चाहिए न कि संघ के नाम पर चुनिंदा व्यापारियो के समूह को बुलाकर उनकी बात सुननी चाहिए।


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