नई दिल्ली ,11 दिसम्बर 2022(ए)। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि बच्चों का यौन शोषण एक छिपी हुई समस्या है क्योंकि चुप्पी की संस्कृति है, इसलिए सरकार द्वारा परिवारों को दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, भले ही अपराधी परिवार का सदस्य ही क्यों न हो।
यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण कानून पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य है कि आपराधिक न्याय प्रणाली इस तरह से कार्य करती है जिससे कभी-कभी पीडि़तों का आघात बढ़ जाता है, इसलिए कार्यपालिका को ऐसा होने से रोकने के लिए न्यायपालिका से हाथ मिलाना चाहिए।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि बाल यौन शोषण के लंबित मामलों के मद्देनजर राज्य और अन्य हितधारकों के लिए बाल यौन शोषण की रोकथाम और इसकी समय पर पहचान तथा कानून में उपलब्ध उपचार के बारे में जागरूकता पैदा करना अनिवार्य बनाते हैं। बच्चों को सुरक्षित स्पर्श और असुरक्षित स्पर्श के बीच का अंतर सिखाया जाना चाहिए।
