- लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की सह पर ठेकेदार कर रहा है मनमानी
- लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पर ठेकेदार पड रहा है भारी
- ठेकेदार के द्वारा मनमाने तरीके से कराया जा रहा बैकुंठपुर मुख्य मार्ग ठगगवा से सिंघत सड़क मार्ग का नव निर्माण एवं, पुल- पुलिया निर्माण कार्य में गुणवत्ताहीन सामाग्री का उपयोग,
- लोक निर्माण विभाग के अधिकारीओ के सामने ठेकेदार कर रहा है सडक की लम्बाई चौडाई और मोटाई मे खेल अधिकारियों को जानकारी के बाद भी नहीं कर रहे हैं कार्यवाही
- लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री के द्वारा गुणवत्ता विहीन सड़क निर्माण कार्य कराये जाने पर कडी कार्यवाही करने के निर्देश के बाद भी सड़क निर्माण कार्य धड़ल्ले से गुणवत्ता विहीन निर्माण किया जा रहा है
- सडक निर्माण कार्य में ठेकेदार के द्वारा डब्ल्यू एम एम का निर्माण समाग्री बिना डब्ल्यू एम एम प्लांट के और बिना पेवर मशीन से बिना ग्रेडिंग के कार्य कराया जा रहा है। जबकि यहां सडक निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की सारी जानकारी और इनके सह पर कराया जा रहा है सडक की निर्माण सामग्री किस डब्ल्यू एम एम प्लांट से कया कया सामग्री किस किस मात्रा में मिल कर आ रही है इसकी जाच करने की जरुरत कभी नहीं समझी अधिकारीयों ने जिससे इनके किए गए निरीक्षण पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है अधिकारी सिर्फ करते हैं निरीक्षण का दावा
–राजेन्द्र शर्मा –
खड़गवां, 10 दिसम्बर 2022(घटती-घटना)। लोक निर्माण विभाग संभाग कोरिया छत्तीसगढ़ के द्वारा बैकुंठपुर मुख्य मार्ग ठगगवा से सिंघत सडक निर्माण कार्य के तहत करोडो रुपए की लागत से हो रहे मुख्य मार्ग ठगगवा से सिंघत तक सड़क नवनिर्माण एवं उन्नयन के कार्य मे नियोजित ठेकेदार द्वारा जमकर मनमानी बरती जा रही है। सड़क निर्माण के इस कार्य मे पुल- पुलिया निर्माण के दौरान भी गुणवत्ताहीन निर्माण सामाग्री का उपयोग करते हुए कार्य को अंजाम दिया गया है।
बता दें कि मुख्य मार्ग ठगगवा से सिंघत होते हुए दुग्गी पटमा को जोड़ने वाले उक्त सड़क मार्ग का नवनिर्माण व उन्नयन कार्य का ठेकेदार को मिला है लेकिन ठेकेदार की मनमानी के कारण कार्य बिना डब्ल्यू एम एम प्लांट के इस सडक का निर्माण कार्य लगभग डब्ल्यू एम एम का 100 प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है सिर्फ डामरीकरण कार्य बाकी है।
लोक निर्माण विभाग के देखरेख में हो रहे कार्य में पुल- पुलिया निर्माण में कांक्रीटिंग के दौरान प्राक्कलन के विपरीत निर्माण सामाग्री का उपयोग किया जा रहा है, जबकि जो कांक्रीट सामाग्री मलिटी परीक्षण हेतु रखा जा रहा उसमें अतिरिक्त सीमेंट डालकर गुणवत्तापरख दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार जमकर गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। जिसका मौके पे जाकर जांच करने पर सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। लेकिन ऐसा नही हो पा रहा है, जिससे होने वाले कार्य की मजबूती पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। जबकि इस कार्य का देखरेख करने वाले संबंधित अधिकारी ठेकेदार के हाथों की कठपुतली बन उनके इशारे पर नाचते नजर आते है, तो वही क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनियों के पास भी इतनी फुर्सत नही कि किस कदर कार्य कराया जा रहा है, उसका मौके पर जाकर निरीक्षण कर सके।
इस संबंध पर जब निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर विभागीय इंजिनियर के एस लोध से फोन पर सड़क निर्माण कार्य कि जानकारी के लिए फोन किया गया तो उनके द्रारा फोन रिसिव नहीं किया गया सड़क निर्माण कार्य कि गुणवत्ता के बारे में एवं सड़क पर बिछाई जा रही निर्माण सामग्री के बारे मे इस निर्माण सामग्री को डब्ल्यू एम एम प्लांट से मिक्स करके लाना है मगर जिस जगह से निर्माण सामग्री आ रही है उस सथल पर डब्ल्यू एम एम प्लांट सथित नहीं है उसके बाद भी अधिकारी ठेकेदार के पक्ष में सामग्री का डब्ल्यू एम एम प्लांट से लाना बता रहे हैं।
अधिकारी कहा रहे हैं कि सामग्री डब्ल्यू एम एम प्लांट से आ रही है और कहा कि ग्रेडिंग सही है
अब सवाल ये उठता है कि जब सड़क निर्माण कार्य का अनुबंध ठेकेदार ने निर्माण सामाग्री को डब्ल्यू एम एम प्लांट से मिश्रण डालें जाने किया गया है और ठेकेदार जे सी बी से गिट्टी को डमफरो में भरकर सड़क निर्माण स्थल गिरा दिया जाता है और उसके बाद उस पर पानी डालकर ग्रेडर से बिछाया गया है जबकि सामग्री को पेवर मशीन से सडक पर बिछाना था जो कि ये प्रकिया ठेकेदार के अनुबंध मे है और ठेकेदार के द्वारा लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री के निर्देशों को ठेंगा दिखाया जा रहा है।