अम्बिकापुर, 09 दिसम्बर 2022 (घटती-घटना)। आदिवासी एकतामहासभा ने कलेक्टर जिला सरगुजा के माध्यम से राष्ट्रपति को केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आदिम जनजाति सूची में सार्थक संशोधन हेतु निवेदन पत्र प्रेषित किया गया । ज्ञात हो कि केंद्र सरकार द्वारा आदिम जनजाति सूची में तथाकथित रूप से संशोधन हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है और उसका पçलक नोटिफिकेशन भी किया गया है जिसकी जानकारी होती हीआदिवासी एकता महासभा के कार्यकर्ता अंबिकापुर आकर कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किए हैं । ज्ञापन में कहा गया है कि आदिम जनजाति की सूची में सरगुजा के संदर्भ में दो महत्वपूर्ण संशोधन होने चाहिए थे जो कि इसमें नहीं किए गए हैं पहला नगेसिया जनजाति के संबंध में है ।सरगुजा जिला में रहने वाले नगेसिया जनजाति के मूल अभिलेख सरगुजा सर्वे सेटेलमेंट में किसान शद का उल्लेख किया गया है जबकि भारत सरकार द्वारा घोषित सूची में नगेसिया अथवा नगासिया का उल्लेख 32 वे क्रम में है। क्योंकि इनके राजस्व अभिलेखों में किसान शद का उल्लेख है इसलिए इन्हें नगेसिया जनजाति को मिलने वाली किसी भी प्रकार की सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है । उसी प्रकार से सरगुजा जिला की एक और जनजाति है अगरिया इस जनजाति के सरगुजा सर्वे सेटेलमेंट में लोहार शद का उल्लेख किया गया है इस कारण से इन अगरिया आदिवासियों को आदिवासी के नाते मिलने वाली सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। वास्तव में इन दोनों जनजातियों के जाति विसंगति में जो सुधार किया जाना चाहिए था वो इस संशोधन बिल में कहीं नजर नहीं आता है । इसी बात को लेकर आज आदिवासी एकता महासभा द्वारा ज्ञापन कलेक्टर सरगुजा के माधयम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है ।
