आईजी रायपुर रेंज में 2 आईजी होने से कार्यालय और ऑफिस स्टाफ में भी होगा बंटवारा, वर्तमान आईजी दफ्तर में आईजी शेख बैठेंगे या आईजी यादव इस पर महकमे में चर्चा
रायपुर,19 नवम्बर 2022 (ए)।छत्तीसगढ़ में पुलिस महकमे का शक्ति समीकरण बदला है। संकेत साफ हैं कि इस मोर्चे पर पुलिस की सक्रियता बढ़ने जा रही है। पिछले दिनों प्रशासन और पुलिस महकमें की समीक्षा के बाद से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बढ़ते क्राइम और लंबित मामलों को लेकर नाराजगी जाहिर किया था। उसके बाद जो सरकार को परिणाम दे ऐसे अधिकारीयों की तलाश तेज हो गई थी। काफी मंथन के बाद शक्ति, कार्य क्षेत्र और अफसरों की अनूठी जिम्मेदारी तय हुई है। इसके साथ ही रेंज और पुलिस जिलों में पहली बार ऐसा प्रयोगात्मक फेरबदल किया गया है जिसे खुद अफसर भी नहीं पचा पा रहे।
सवाल सभी के ज़ेहन में कौंध रहा है कि रायपुर रेंज और रायपुर जिलों का जिम्मा दो महानिरीक्षक स्तर के अफसरों को सौंपने का क्या तुक? क्या एक मात्र रायपुर जिला सम्हालने के लिए आईपीएस और सीपीएस अधिकारी की तादात बढ़ने से अपराध रोका जा सकेगा। जबकि राजधानी रायपुर की जनसंख्या करीब 21 लाख पार हो गई है और शहर का विस्तार भी हुआ है। ऐसे में अधिकारी नहीं थाना, चौकिया, और पुलिस बल बढ़ाया जाना चाहिए। जमीनी स्टाफ की किल्लत का अंदाज़ा इसी से लग जाता है कि एक पुलिस वाले के जिम्मे औसतन 800 लोग हैं।
रायपुर रेंज आईजी पद और कार्यक्षेत्र ही नहीं ऑफिस सेटअप को लेकर भी संशय की स्थिति है। क्योंकि आईजी आरिफ एच.शेख को रायपुर जिला छोड़कर रेंज के 4 जिलों का अधिकार दिया गया है और आईजी गुप्तवार्ता अजय यादव को रायपुर जिला का। ऐसे में अब तक रायपुर आईजी रेंज कार्यालय शंकर नगर में किसका अधिकार होगा यह स्पष्ट नहीं किया गया है। वैसे ही अब तक रायपुर रेंज के तहत महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और बलौदा बाजार-भाटापारा समेत रायपुर जिला के लिए सेटअप और मैन पावर भी किस तरह से होगा यह चर्चा का विषय है।
आमतौर पर आईजी रायपुर जिला अजय यादव से अगर पुलिस कार्रवाई या न्याय की आस लेकर पीçड़त मुलाकाती क्या गुप्तवार्ता दफ्तर जायेंगे। आईजी रायपुर को क्या अलग से स्टाफ मिलेगा और रायपुर रेंज के 4 जिला देखने वाले आईजी आरिफ एच शेख को अतिरिक्त स्टाफ या पुराना स्टाफ में बंटवारा करना होगा? क्योंकि आईजी शेख के पास न्याय की आस लेकर 4 जिलों से लोग आएंगे।
