अंबिकापुर 19 नवम्बर 2022 (घटती-घटना)। जिला मुख्यालय अंबिकापुर से लगे लुण्ड्रा क्षेत्र के ग्राम केपी के ग्रामीण आज भी सड़क,पानी जैसी मूलभूत समस्या से वंचित हैं। ऊंचाई पर बसे ग्राम केपी में आने-जाने के लिए न तो सड़क है और न ही पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था है। इन दो महत्वपूर्ण समस्या को लेकर स्थानी लोगों ने कई बार गांव के सरपंच से लेकर विधायक, मंत्री व कलेक्टर को भी अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद भी इन्हें सड़क व पानी जैसी मूलभूत समस्या से निजात नहीं मिल पाया है।
इन गंभीर समस्याओं को लेकर ग्राम-केपी में सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं वहां के ग्रामीणों द्वारा सड़क व पानी के लिए बस्ती में ही धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया। ग्रामवासियों का कहना है, कि 50 साल से यहां रह रहे लोग सड़क और पानी के लिए वंचित हैं। बस्ती में लगभग 50 घर है और 300 लोगों की जनसंख्या है और यहां एक ही बोरिंग है, जो खराब पड़ा हुआ है। रोड़ नहीं होने के कारण 1 किलोमीटर जब पैदल जाते हैं तब जाकर पक्की सड़क मिलता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया इसी परेशानी को लेकर कलेक्टर, विधायक, सरपंच और मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन इसपे आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जब कोई बुजुर्ग सिरियस हो जाता है या कोई डिलीवरी महिला को अस्पताल ले जाना पड़ता है तो इन्हें खाट पर लेटा कर ले जाना पड़ता है यहां ग्रामीणों का कहना है चुनाव के समय नेता लोग वोट मांगने आते हैं। लेकिन चुनाव के बाद कोई हाल खबर लेने तक नहीं आता कि पानी और सड़क के बिना आप लोग कैसे रह रहे हैं जिसको लेकर आज ग्रामीणों ने बस्ती में ही धरना कर विरोध जताया है और अगर जल्द मांग पूरा नहीं होता है तो ग्रामीणों के द्वारा विधायक जी के आवाज के सामने ही जाकर धरना दिया जाएगा। इस धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से सामाजिक संगठन केअंकुर सिन्हा, ज्योति चौरसिया, बसंत गिरी एवं ग्रामवासी मुन्ना गिरी, गोलु गिरी, कपिल गिरी, कार्तिक गिरी, मन्नु गिरी, सुधू गिरी, सोभरन गिरी, अशोक गिरी, संजय गिरी, कुसुम गिरी, पिताम्बल गिरी, तिरथ गिरी, सुरेश गिरी, सहौदरा गिरी, मानकुंवर, रामकेली ,गायत्री, बुधियारो, अहिल्या, बिंद्रा, मनियां सोमारीबाई, अनिता, ममता, नेहा, नानीबाई, तारा, रेखा सहित अन्य ग्रामीणा शामिल थे।
