- पटना के दो वरिष्ठ भाजपाई क्या भाजपा के लिए जाग रहे हैं या एक युवा से द्वेष साधने के लिए जागने का ढोंग कर रहे?
- चार साल बाद भाजपा पटना मंडल दिख रही सक्रिय, गायत्री मंदिर परिसर में जिलाध्यक्ष का हुआ स्वागत।
- भाजपा मंडल पटना के सभी भाजपाइयों को किया गया याद, सभी ने जुटकर कार्यक्रम को बनाया सफल।
- चुनाव करीब आते ही दिख रही सक्रियता, 2023 में है विधानसभा चुनाव।
- भाजपा मंडल पटना के दो भीष्म पितामह को भी जाग्रत करने हुई बैठक ,सूत्र।
- भाजपा पटना मंडल के वर्तमान अध्यक्ष नहीं हैं उतना सक्रिय जितना पूर्व के अध्यक्ष थे सक्रिय।

-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 9 नवम्बर 2022 (घटती-घटना)। भारतीय जनता पार्टी के लिए पटना मंडल शुरू से ही खास रहा है इसके पहले जिन्हें जिन्हें मंडल की जवाबदारी मिली उन्होंने बखूबी निभाया और अच्छी तरीके से मंडल को चलाएं पर इस बार जिसके कंधे पर मंडल की जिम्मेदारी है वह कहीं न कहीं उस तरीके से नहीं चला पा रहे जैसा पहले के मंडल अध्यक्षों ने चलाया था, सत्ता से बाहर हुई भाजपा के सत्ता से बाहर होने के 4 साल के दौरान मंडल पटना को कमजोर ही पाया गया, लंबे अरसे बाद मंडल पटना में मंडल का कार्यक्रम आयोजित हुआ पर यह आयोजन भी दो नेताओं के इशारे पर आयोजित हुआ और उसका स्थल का चयन भी उन्हीं के मर्जी से किया गया, जबकि हर बार मंडल कार्यक्रम ग्राउंड मैदान पर बने दुर्गा पंडाल 108 में आयोजित होता था, इस बार ऐसा क्या हुआ की कार्यक्रम को गायत्री मंदिर परिसर में आयोजित किया गया? इसे भी कहीं ना कहीं कार्यक्रम एक गरिमा को लेकर सवाल उठे खड़े हुए।
भाजपा चुनाव समीप आते ही सक्रिय हो रही है और लगातार बैठकें कर अपनी सक्रियता जता रही है वहीं अपने कार्यकर्ताओं को भी जगाने का प्रयास कर रही है जो लगातार देखने को मिल रहा है। इसी तारतम्य में भाजपा पटना मंडल की भी बैठक गायत्री मंदिर परिसर पटना में आयोजित हुई जिसमें पुनः जिलाध्यक्ष कोरिया चुने जाने पर कृष्णबिहारी जायसवाल का स्वागत पटना मण्डल के कार्यकर्ताओं ने किया।भाजपा पटना मंडल विधानसभा चुनावों के नजरिए से भाजपा के लिए महत्वपूर्ण मंडल है जिसमे शामिल ग्रामों से भाजपा को पर्याप्त मत समर्थन प्राप्त होता है। पटना भाजपा मंडल की बैठक जो अयोजित हुई उसे लेकर यही माना जा रहा है कि मंडल अंतर्गत भाजपा को चुनाव पूर्व इस कदर मजबूत किया जाए जिससे चुनाव में आसानी से भाजपा को जनमत प्राप्त हो सके और विधानसभा में उनकी जीत सुनिश्चित हो सके। पटना भाजपा मंडल में वैसे तो भाजपा के कई कद्दावर नेता मौजूद हैं लेकिन यदि मुख्य रूप से बड़े कद के नेताओं की यदि बात की जाए तो ऐसे दो नेता ही पटना भाजपा मंडल अंतर्गत आते हैं जिन्हें भीष्म पितामह भी पार्टी का क्षेत्र में कहा जाता है। इन्ही दो भीष्म पितामह की मंशानुरूप इसबार पटना मंडल भाजपा की बैठक हुई जो सूत्र बताते हैं।
क्या एक युवा को पार्टी से बाहर करने की शर्त पर बैठक में शामिल हुए भीष्म पितामह?
बताया जाता है कि दोनों विगत दिनों से कुछ कारणों से पार्टी से दूरी बनाकर चल रहे थे और उन्हें ही पुनः मनाने और मानकर साथ लेकर चलने के लिए बैठक आहूत हुई जो उन्हीं की मंशानुरूप गायत्री मंदिर परिसर में अयोजित हुई जो पहले दुर्गा पूजा पंडाल में आयोजित हुआ करती थी। बताया यह भी जा रहा है कि भाजपा पटना मंडल के दो भीष्म पितामह पार्टी में ही शामिल एक युवा भाजपाई जो पटना के ही निवासी हैं से परेशान थे और उसे पार्टी से बाहर करने की शर्त पर ही उन्होंने पार्टी की बैठकों में जाना तय किया और बैठक में शामिल हुए। युवा भाजपाई लगातार दोनों नेताओं के विरुद्ध आरोप लगाते आये हैं और आरोपों की वजह से दोनों का युवा नेता सहित पार्टी के ही वरिष्ठ नेताओं से दूरी बनती जा रही थी जो युवा नेता को भाजपा में शामिल रखने को लेकर नाराजगी थी। अब युवा नेता को पार्टी से बाहर निकाला जा रहा है जो सूत्रों से पता चल रहा है और इसकी पटकथा भी अयोजित बैठक में ही रखी गई जो सूत्रों का कहना है। वैसे जिन दो भीष्म पितामह कहे जाने वाले भाजपा नेताओं की बात की जा रही है उनकी भाजपा पटना मंडल के अन्य युवा नेताओं से भी नहीं जमती और युवा नेता लगातार इनसे दूरी बनाकर चलते हैं जो देखने को भी मिलता है। युवा नेताओं ने अक्सर इन दोनों नेताओं को लेकर सकारात्मक रुख अख्तियार नहीं किया है और यह भी वजह रही जो पटना मंडल में भाजपा कहीं न कहीं कमजोर हुई।
भाजपा के वर्तमान मंडल अध्यक्ष से अच्छा पूर्व मंडल अध्यक्ष का कार्यकाल रहा
वैसे वर्तमान मंडल अध्यक्ष भाजपा मंडल पटना की बात की जाए तो उनकी भी सक्रियता काफी कम है और अब तक के सबसे कमजोर मंडल अध्यक्षों में उनकी गिनती होती है और माना जाता है इसके पहले के अध्यक्ष अपेक्षाकृत इनसे काफी सक्रिय पर्व अध्यक्ष साबित हुए। वर्तमान मंडल अध्यक्ष के कार्यकाल में पटना मंडल में पार्टी की गतिविधियां और पार्टी का आयोजन बिल्कुल देखने को नही मिला वहीं विरोध प्रदर्शनों में भी इनका प्रदर्शन कमजोर रहा ऐसा माना जाता है,कुल मिलाकर अब जब पार्टी सक्रिय हो रही है और प्रदेश से भी सक्रिय रहकर आगामी चुनावों के लिए कमर कसने की बात कही गई है ऐसे में सक्रियता नजर आना कोई आश्चर्य की बात नहीं लेकिन एक बात जरूर है कि पार्टी के अंदर अभी भी सभी कुछ सामान्य है पटना मंडल अंतर्गत लगता नहीं है।