3 की क्षमता वाले सोफे पर बैठे चार लोग, खुद मुख्य अतिथि विधायक भी बैठे उसी सोफे पर।
बैकुंठपुर विधायक से उपेक्षित कोरिया जिले के वरिष्ठ कांग्रेसियों ने भरतपुर सोनहत विधायक के साथ राज्योत्सव का लिया भरपूर आनंद।
बैकुंठपुर विधायक मुख्य अतिथि होतीं, नहीं नजर आते वरिष्ठ कांग्रेसी, नहीं मिलता वरिष्ठों को सम्मान।
-रवि सिंह –
बैकुण्ठपुर 4 नवम्बर 2022 (घटती-घटना)। राज्योत्सव में कोरिया जिले के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सविप्रा उपाध्यक्ष भरतपुर सोनहत विधायक गुलाब कमरों का स्वागत कोरिया जिले के कांग्रेसियों ने खासकर वरिष्ठ कांग्रेसियों ने इस तरह किया जैसे वह भरतपुर सोनहत के नहीं बैकुंठपुर के ही विधायक हों, एक तरफ जहां यह माना जा रहा था कि छत्तीसगढ़ शासन में संसदीय सचिव बैकुंठपुर विधायक खुद को मुख्य अतिथि नहीं बनाने से नाराज थीं और वह जिले के कार्यक्रम का ही बहिष्कार कर राजधानी के राज्योत्सव कार्यक्रम में शामिल होने चली गईं थीं और माना जा रहा था कि बैकुंठपुर विधायक के विरोध का असर बहिष्कार का असर जिले के कांग्रेसजनों में भी देखा जाएगा लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और मुख्य अतिथि भरतपुर सोनहत विधायक के बैकुंठपुर विश्राम भवन पहुंचते ही वरिष्ठ कांग्रेसजनों को उनके आगवानी में उत्साह के साथ उपस्थित पाया गया जो आश्चर्य का विषय रहा।
बैकुंठपुर विधायक भले ही अपने विधानसभा से ही पलायन कर गईं हों फिर भी उनकी नाराजगी का कांग्रेसजनों पर प्रभाव बिल्कुल नहीं देखा गया बशर्ते उनकी उपस्थिति में भी जो वरिष्ठ कांग्रेसजन कार्यक्रम में शामिल नहीं होते वह भी उनकी अनुपस्थिति में शामिल हुए और कार्यक्रम में पूरे समय उपस्थित रहे। भरतपुर सोनहत विधायक का स्वागत करने विश्राम भवन पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेसजनों की यदि राज्योत्सव दिवस की तस्वीर देखी जाए तो यह देखा जाएगा कि कुर्सी भी अपना आकार भूलकर अपनी क्षमता से अधिक लोगों को खुद पर सवार होने का मौका दे गई जो उस दिन की सबसे बेहतरीन तस्वीर भी मानी जा रही है। वैसे बैकुंठपुर विधायक की नाराजगी भले ही सरकार के मुख्य अतिथि बनाये जाने के निर्णय से थी और इसीलिए वह अपना क्षेत्र छोड़कर राजधानी चली गईं और उन्हें अनुमान भी था कि उनकी अनुपस्थिति का असर कार्यक्रम पर पड़ेगा लेकिन यदि लोगों की माने तो इसबार का राज्योत्सव कार्यक्रम अन्य किसी भी शासकीय कार्यक्रम जो 2018 के बाद हुए हैं उनसे बेहतर रहा कांग्रेसजनों के लिए क्योंकि उन्हें वह सम्मान मिला जो कांग्रेसजन चाहते थे। कांग्रेसजनों खासकर वरिष्ठ कांग्रेसजनों को जिस तरह उत्साहित देखा गया भरतपुर सोनहत विधायक के मुख्य आतिथ्य में राज्योत्सव के दौरान उतना वह बैकुंठपुर विधायक की उपस्थिति में उत्साहित नहीं दिखते यह भी माना जा रहा है, वैसे कहने को लोगों का यह भी कहना है कि बैकुंठपुर विधायक यदि कार्यक्रम की मुख्य अतिथि होतीं तो उनके कुछ सीमित समर्थंको के अलावा किसी वरिष्ठ कांग्रेसजन को सम्मान इस तरह नहीं मिलता जो गुलाब कमरों की उपस्थिति में मिला।
क्या कोरिया जिला अविभाजित के बाद भी कोरिया में गुलाब कमरों लोकप्रिय हैं?
गुलाब कमरों वैसे भी अविभाजित कोरिया जिले में कांग्रेस के उन नेताओं में शामिल हैं जो पूरे अविभाजित कोरिया जिले में लोकप्रिय हैं और हर जगह उनके चाहने वाले लोग उपलब्ध हैं, वहीं बैकुंठपुर विधायक अपने कार्यकाल के 4 वर्षों पश्चात भी विधानसभा स्तर के कांग्रेसजनों में ही लोकप्रिय नहीं हो सकीं हैं जिसका जीता जागता उदाहरण इसबार का राज्योत्सव रहा जहां उनके बहिष्कार का भी असर नहीं हुआ और कांग्रेसजनों ने पूरे उत्साह से कार्यक्रम में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया। 4 वर्षों के कार्यकाल में बैकुंठपुर विधायक एवम उनके सीमित समर्थंको के द्वारा वरिष्ठ कांग्रेसजनों को एक भी ऐसा अवसर प्रदान नहीं कराया गया है जहां उन्हें गर्व या सम्मान की अनुभूति हो, लगातार उपेक्षित होते कांग्रेसजनों को जब उनकी पूछ परख करने वाला जनप्रतिनिधी सम्मान प्रदान करेगा वह क्यों नहीं उसके साथ जुड़ेंगे और उसके साथ चलेंगे यह सोचने वाली बात है।
राज्योत्सव का बैकुंठपुर विधायक द्वारा बहिष्कार उन्ही के लिए विचारणीय हो गया
कुल मिलाकर राज्योत्सव का बैकुंठपुर विधायक द्वारा बहिष्कार उन्ही के लिए विचारणीय हो गया क्योंकि बैकुंठपुर के कांग्रेसजनों ने बहिष्कार का ही बहिष्कार किया और सरकार द्वारा आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम को जिले में सफल बनाया। वहीं यदि इस पुरे मामले को आगामी विधानसभा चुनाव से यदि जोड़कर देखा जाए तो यह बात बैकुंठपुर विधायक के लिए चिंता का विषय होना चाहिए कि उनके ही विधानसभा में उनके समर्थंको की संख्या नगण्य होती जा रही है और वरिष्ठ कांग्रेसजनों का तो मोह ही भंग होता जा रहा है,वरना बैकुंठपुर विधायक के बहिष्कार का असर देखने को मिलता और मंच पर बैकुंठपुर के कांग्रेसजनों को बैठे नहीं देखा जाता।