बैकुण्ठपुर@आयोजक ने मुख्य अतिथि के कुर्सी ऐसी लगाई की आगे अकेले बैठी रही, वरिष्ठ कांग्रेसी पीछे कुर्सी पर दिखे विराजमान

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  • बैकुंठपुर जामपारा धान खरीदी केंद्र शुभारंभ अवसर पर मंच व्यवस्था में वरिष्ठ कांग्रेसजनों को मिला पीछे का स्थान।
  • सामने केवल विधायक के बैठने लगाई गई कुर्सी, अन्य वरिष्ठजनों के लिए पीछे की गई व्यवस्था।
  • वरिष्ठ कांग्रेसजनों को पिछली पंक्ति में बैठाना कहाँ तक सही, कहीं यह कद छोटा करने का उपक्रम तो नहीं?
  • आमंत्रण पत्र में भी विधायक के खास सहकारी समिति प्रबंधक ने नहीं दिया अन्य किसी को स्थान।
  • विधायक सहित समिति प्रबंधक के नाम से ही छपा और बंटा आमंत्रण कार्ड।
  • बैकुंठपुर विधानसभा में नहीं रह गया वरिष्ठ कांग्रेसजनों का सम्मान, कब तक वरिष्ठ कांग्रेसजनों को सहना पड़ता रहेगा अपमान?
  • क्या बैकुंठपुर विधायक के खास समर्थक समिति प्रबंधक ने विधायक को खुश करने छपवाया अनोखा आमंत्रण पत्र?
  • आमंत्रण पत्र में विधायक सहित खुद के नाम को समिति प्रबंधक ने छपवाया मोटे अक्षरों में।
  • धान खरीदी केंद्र का हुआ शुभारंभ, कभी भाजपा के खास रहे वर्तमान में कांग्रेस में अच्छी पैठ रखने वाले समिति प्रबंधक रहे आयोजक।
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-रवि सिंह –

बैकुण्ठपुर 4 नवम्बर 2022 (घटती-घटना)। कुछ ना कुछ ऐसा हो जाता है या फिर कर दिया जाता है कि सुर्खिया खुद ब खुद बन जाती, एक बार फिर कुछ ऐसा वाक्या हुआ जो सुर्खियों में आ गया, एक आयोजित कार्यक्रम में आयोजकों ने मुख्य अतिथि के लिए सिंगल कुर्सी लगाई जिसमें मुख्य अतिथि विराजमान रही और अगल-बगल कोई भी नहीं रहा, क्योंकि अगल-बगल के लिए कुर्सी ही नहीं लगाई गई, सीधे मुख्य अतिथि के पीछे एक लाइन कुर्सी लगाई गई जिसमें वरिष्ठ कांग्रेसी बैठे दिखे, ऐसा लगा कि मुख्य अतिथि किसी से बातचीत करना ही नहीं चाहती इस वजह से कुर्सी की लाइन मुख्य अतिथि के पीछे लगाई गई हो? अब ना जाने क्या सोचकर ऐसी योजनाबद्ध तरीके से आयोजकों ने मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों के लिए कुर्सी लगाई सुर्खी बन गई।
कोरिया जिले के बैकुंठपुर अंतर्गत जामपारा में धान खरीदी केंद्र का शुभारंभ संसदीय सचिव बैकुंठपुर विधायक की उपस्थिति में शुक्रवार को हुआ। धान खरीदी केंद्र के शुभारंभ अवसर पर जिले के वरिष्ठ कांग्रेसजनों को भी आमंत्रण दिया गया था और सभी उपस्थित भी हुए थे लेकिन मंच पर बैठक व्यवस्था देखकर कहा जा सकता है कि वरिष्ठ कांग्रेसजनों को सम्मान नहीं दिया गया और उन्हें पीछे की पंक्ति में जगह मिला जो उनके हिसाब से सही नहीं कहा जा सकता। जिले में या यह कहें बैकुंठपुर विधानसभा में कांग्रेसजनों को बेहतर सम्मान नहीं मिल रहा है और यह कोई पहला मामला नहीं है जब वरिष्ठों को किनारे बैठाया गया, पहले भी कई आयोजनों में ऐसा देखा गया है कि वरिष्ठ कांग्रेसजनों को उनके कद के हिसाब से जगह नहीं मिलती और ऐसा तभी होता है जब कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बैकुंठपुर विधायक होती हैं।
बैकुंठपुर विधायक की अनुपस्थिति में मिला सम्मान
वरिष्ठ कांग्रेसजनों को बैकुंठपुर विधायक से सम्मान नहीं मिलने की वजह से ही राज्योत्सव कार्यक्रम के दौरान यह देखने को मिला कि बैकुंठपुर के वरिष्ठ कांग्रेसजनों ने भरतपुर सोनहत विधायक का जहां विश्राम भवन पहुंचकर अगवानी की वहीं उनके साथ सम्मान महसूस करते हुए राज्योत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। भरतपुर सोनहत विधायक वरिष्ठ कांग्रेसजनों का किस तरह सम्मान करते हैं इसकी बानगी उस समय देखी गई जब राज्योत्सव कार्यक्रम के दौरान ही दर्शक दीर्घा में उन्हें वरिष्ठ कांग्रेसी नजर आए और उन्होंने उन्हें मंच पर बुलाया और उनका सम्मान कराया। बैकुंठपुर विधायक वरिष्ठ कांग्रेसजनों को सम्मान देने में कभी रुचि नहीं रखती इसबात का ही उदाहरण धान खरीदी केंद्र का शुभारंभ अवसर पर देखने को मिला।
आमंत्रण पत्र छपवाया गया था वह भी कुछ कम खास नहीं था
वैसे जामपारा धान खरीदी केंद्र के शुभारंभ अवसर के लिए जो आमंत्रण पत्र छपवाया गया था वह भी कुछ कम खास नहीं था, विधायक प्रसन्न हों इसलिए आमंत्रण पत्र में केवल एक ही नाम विधायक का छपवाया गया था वहीं प्रेषक बनकर विधायक के सबसे खास समिति प्रबंधक ने अपना नाम छपवाया था। अन्य किसी वरिष्ठ का न तो आमंत्रण पत्र में नाम था और न सम्मान। वैसे अगले वर्ष चुनाव है और बैकुंठपुर विधायक लगातार वरिष्ठ कांग्रेसजनों को उपेक्षित कर रहीं हैं ऐसे में चुनावी नैया किस तरह पार लगेगी यह भी अब सोचने वाली बात हो गई है।
जामपारा समिति प्रबंधक भी राजनीतिक पकड़ बनाने में माहिर हैं क्या चुक की यही वजह?
बैकुंठपुर विधानसभा में पहले भी कई अवसरों पर शासकीय कार्यक्रमों में वरिष्ठ कांग्रेसजनों को इसी तरह के व्यवहार का सामना करना पड़ा है और इसलिए वह अब बहोत अधिक कार्यक्रमों में शिरकत करते नजर नहीं आते। वैसे जब कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कांग्रेस विधायक थीं और उन्ही के हांथों शुभारंभ होना था तो ऐसे में वरिष्ठ कांग्रेसजनों को सामने की पंक्ति में बिठाया गया होता तो गलती नहीं होती। जामपारा समिति प्रबंधक भी राजनीतिक पकड़ बनाने में माहिर हैं और जनप्रतिनिधियों की नब्ज भांपकर किस तरह उन्हें खुश करना है जानते हैं क्योंकि जब भाजपा की सरकार थी तब वह भाजपा विधायक के सबसे खास हुआ करते थे और जैसे ही सत्ता परिवर्तन हुआ वह वर्तमान विधायक के खास हो गए। समिति प्रबंधक भी जानते थे कि बैकुंठपुर विधायक किस तरह प्रसन्न होंगी और अनुमान यही लगाया जा रहा है कि इसीलिए उन्होंने अनोखा आमंत्रण पत्र भी छपवाया जिसमे केवल विधायक का नाम था वहीं बैठक व्यवस्था भी ऐसी रखी जिससे विधायक प्रसन्न हो सकें भले ही वरिष्ठ कांग्रेसजनों का अपमान ही क्यों न हो जाये।



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