लखनऊ, 30 अक्टूबर 2022। वरिष्ठ नेता मो. आजम खान को विधानसभा मे अयोग्य करार दिए जाने पर सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमत्री अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान फिर कायराना ताकतो की खिलाफत की कीमत चुका रहे है। सपा प्रमुख ने एक बयान मे कहा कि आजम खान ने रामपुर और आसपास के जिलो मे युवाओ के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम किया है। सत्ता मे आने के बाद से उनके जौहर विश्वविद्यालय को लगातार भाजपा द्वारा लक्षित किया गया है। मत्री के रूप मे, आजम खान ने सफलतापूर्वक कुभ मेले का आयोजन किया और कार्यक्रम बाद मे एक विषय बन गया। हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अध्ययन के लिए जिसमे उनके प्रयासो की सराहना की गई। हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने आजम खान को इस पर एक प्रस्तुति देने के लिए आमत्रित किया था।
अखिलेश ने कहा कि, रामपुर और आसपास के क्षेत्रो के युवाओ के लिए उच्च शिक्षा के लिए एक उच्च श्रेणी के सस्थान मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना मे आजम की भूमिका ने भी भाजपा को चितित किया, जो केवल राज्य मे शिक्षा प्रणाली को बाधित करने मे रुचि रखता है। उन्होने भाजपा पर जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के लिए सरकारी साधनो का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। बीजेपी शैक्षणिक सस्थान को नष्ट करने के लिए ²ढ़ है और इसलिए आजम खान पर झूठे मामले थोपे गए।
भाजपा ने आजम खान के खिलाफ एक साजिश रची है। उन्होने आगे कहा कि आजम खान भारतीय सविधान की धर्मनिरपेक्ष साख को सुरक्षित करने के लिए विधानसभा, ससद के अदर और बाहर साप्रदायिक ताकतो का कड़ा विरोध और चुनौती देने का खामियाजा भुगत रहे है। ऐसा लगता है कि भाजपा हर सभव तरीके से उन्हे निशाना बनाने के लिए एक तेज गति मे चली गई है।
उन्होने कहा, “यह एक लोकतात्रिक, समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था के प्रति आजम खान की अडिग प्रतिबद्धता है, जिसे भाजपा ने अपवाद के रूप मे लिया है। सपा प्रमुख ने कहा कि, भाजपा को यह याद रखना चाहिए कि राजनीति मे प्रतिशोध के लिए कोई जगह नही है क्योकि सरकार और विपक्ष दोनो का सुशासन सुनिश्चित करने का एक साझा लक्ष्य है। अखिलेश ने कहा कि आजम खान 10 बार विधायक, तीन बार सासद रहे है और उत्तर प्रदेश सरकार मे मत्री रहे है और उन्हे राजनीति मे दरकिनार करने के प्रयास केवल भाजपा का पदार्फाश करेगे।
