राजपिपला, 20 अक्टूबर 2022। प्रधानमत्री नरेद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि दुनिया के चार टन प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन की तुलना मे भारत का कार्बन फुटप्रिट 1.5 टन प्रति व्यक्ति है। देश अक्षय ऊर्जा प्रणालियो और अन्य विकल्पो को स्थापित कर कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमत्री मोदी और सयुक्त राष्ट्र महासचिव एटोनियो गुटेरेस ने गुजरात मे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी मे मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए लाइफस्टाइल) का शुभारभ किया।
मिशन लाइफ के बारे मे सक्षिप्त जानकारी देते हुए प्रधानमत्री ने कहा कि यह दैनिक जीवन शैली मे बदलाव लाकर पर्यावरण की रक्षा और सरक्षण की दिशा मे जन आदोलन है। एक उदाहरण देते हुए उन्होने कहा कि एक व्यक्ति जिम तक पहुचने के लिए पाच किमी तक कार चलाता है, ऐसा करने से वह कार्बन उत्सर्जन मे इजाफा कर रहा है, इसके बजाय अगर वह चल कर जिम जाए, तो यह जलवायु की रक्षा करने मे मदद करेगा।
प्रधानमत्री ने कहा, अगर हम प्रकृति की रक्षा करेगे, तो प्रकृति हमारी रक्षा करेगी। उन्होने कहा, कुछ साल पहले, देश ने एलईडी बल्बो पर स्विच करने का फैसला किया और साल मे 160 करोड़ बल्ब लगाए जिससे कार्बन उत्सर्जन मे 10 मिलियन टन की कमी आई। यह लाभ आने वाले वर्षो तक चलने वाला है।
सभा को सबोधित करते हुए, गुटेरेस ने कहा, जी-20 के पास प्रकृति के खिलाफ युद्ध को समाप्त करने के लिए ससाधन और शक्ति है। यह दुनिया को स्थायी जीवन की ओर ले जा सकता है। उन्होने यह भी कहा कि जी-20 देशो मे गैस का उत्सर्जन करने वाले वैश्विक ग्रीनहाउस का 80 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन साथ ही यह दुनिया के 80 प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद मे भी योगदान देता है।
