बैकुण्ठपुर@कोरिया के नाम से स्वीकृत चिकित्सा महाविद्यालयक्या नवीन जिले एमसीबी में होगा स्थापित?

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  • क्या कोरिया के अस्तित्व और उसके अधिकार से फिर एकबार होगा खिलवाड़ ?
  • सत्तापक्ष के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि दें जवाब…क्या चिकित्सा महाविद्यालय जिले में ही होगा स्थापित?


-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 20 अक्टूबर 2022 (घटती-घटना)। सत्तापक्ष के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि दें जवाब, क्या चिकित्सा महाविद्यालय जिले में ही होगा स्थापित? कमजोर इक्षाशक्ति साथ ही अपने क्षेत्र को लेकर असंवेन्दनशीलता से पहले ही जिले का हो चुका है बंटाधार। क्या नाममात्र का ही रह जायेगा जिला कोरिया जिला, विकास और अवसर क्या अब जिले के हिस्से से होंगे दूर, वर्तमान परिदृश्य में तो यही लगता है, जिले को लेकर जिले के अधिकार को लेकर सत्ताधारी हैं मौन।
कोरिया जिला दो भागों में विभक्त हो गया साथ ही कोरिया जिले का अस्तित्व ही अब संकट में नजर आ रहा है, प्रदेश के उन जिलों में जिले को शुमार कर दिया गया जो जिला हैं तो जरूर लेकिन जिले के अस्तित्व पर ही सवाल है। वहीं अब कोरिया जिले के अधिकार की एक और सौगात नवीन जिले में न स्थापित हो जाये इसकी आशंका बढ़ गई है और वह सौगात है कोरिया जिले में स्थापित होने वाले चिकित्सा महाविद्यालय का, विभाजन से पहले कोरिया जिले को चिकित्सालय महाविद्यालय देने की घोषणा हुई थी उस समय मनेंद्रगढ़ कोरिया जिले का हिस्सा था जैसे ही जिला अलग हुआ कोरिया के नेता भी निष्कि्रय हो गए, वही नवीन जिला के नेता ऊर्जावान बने हुए हैं यही वजह है कि कोरिया में बनने वाला चिकित्सक महाविद्यालय नवीन जिले में बनाने को लेकर जोर आजमाइश चल रही है पर सवाल यह है क्या मूल जिले से सारे हक के छीन लिए जाएंगे और नवीन को सब सब दिया जाएगा? जो कोरिया को मिला था उसे नवीन जिले में शामिल क्यों किया जाए? क्या कोरिया के जनप्रतिनिधि अपनी उपलब्धि को ही दूसरे के जिले को सौंप देंगे? क्या इनके पास बिल्कुल भी इच्छा शक्ति खत्म हो चुकी है?
अविभाजित कोरिया जिले में चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित होगा ऐसी घोषणा थी और जबतक चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित हो पाता जिले का बंटवारा हो गया, अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या चिकित्सा महाविद्यालय नवीन जिले एमसीबी में स्थापित कर दिया जाएगा क्योंकि जैसी चर्चा है और जैसी सुगबुगाहट है उसके अनुसार लगता यही है कि सौगात एमसीबी नवीन जिले को ही मिलना तय है,पूरे मामले में कोरिया जिले के सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधियों की मौन कार्यशैली भी यही बता रही है कि चिकित्सा महाविद्यालय कोरिया जिले के हाँथ से निकल चुका है और उनका इसे जिले में ही स्थापित करने को लेकर कोई सार्थक प्रयास कभी नहीं रहा। कोरिया जिले के साथ लगातार अन्याय होता चला जा रहा है और जनप्रतिनिधियों की मौन कार्यशैली को लेकर जनमानस भी चिंतित है कि आने वाले समय मे जिले का भविष्य क्या होगा जब अभी ही यही हाल है।


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