अम्बिकापुर@3 सूत्रीय मांगों को लेकर रसोईयों का अनिश्चितकालीन हड़ताल

Share


अम्बिकापुर 20 अक्टूबर 2022(घटती-घटना)। रसोईया कर्मचारी संघ पिछले पिछले कुछ दिनों से अपने 3 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। गुरुवार को इनकी सब्र की बांध टूट गई और ये सड़क पर आ गए। सरगुजा संभाग से काफी संख्या में रसोई कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय अंबिकापुर पहुंचे और धरनास्थल कलेक्टोरेट शाखा के सामने शामिल हुए। इसके बाद सभी अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए सड़क पर पहुंच गए। शहर के घड़ी चौक पर चक्का जाम कर दिया और नारेबाजी की। इसके बाद पुन: कलेक्टोरेट शाखा के पास काफी देर तक सड़क पर बैठे रहे। इसके बाद अपनी मांगों को समर्थन में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा इस दौरान रसोई संघ के संभाग अध्यक्ष्ज्ञ एवं प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष चिन्तामणी दास का कहना है कि जबतक सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
गौरतलब हे कि छत्तीसगढ़ स्कूल मध्यान भोजन रसोईया संयुक्त संघ द्वारा तीन सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। सरकार द्वारा इनकी मांगों के समर्थन में किसी तरह कोई बात नहीं की गई और इनका सब्र का बांध टूट गया और बुधवार को संभाग भर से रसोइया शामिल हुए। दोपहर करीब 2.30 बजे रैली धरनास्थल स्टेट बैंक कलेक्ट्रेट ब्रांच के सामने से रैली निकाल कर चौपाटी होते हुए आकाशवाणी चौक, गांधी चौक, घड़ी चौक, दुर्गाबाड़ी चौक होते हुए कलेक्ट्रेट बैंक के सामने आकर सड़क पर बैठ गए। सूचना पर नायब तहसीलदार अजय गुप्ता धरनास्थल पर पहुंचे और इनकी बाते सुनीं इस दौरान संघ के संभागीय अध्यक्ष चिंतामणि दास, विनय पांडेय जिला अध्यक्ष बलरामपुर, सरस्वती पैकरा जिला अध्यक्ष कोरिया, अमरावती जिला अध्यक्ष सूरजपुर, रामबिलास जिला अध्यक्ष सरगुजा के नेतृत्व में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
दो हजार की संख्या में पहुंचे थे रसोईया
अपनी मांगों के समर्थन में करीब 2 हजार से अधिक की संख्या में संभाग भर से रसोईया रैली में शामिल हुए। शहर में जाम की स्थिति निर्मित हो गई। रैली धरनास्थल कलेक्टोरेट शाखा से निकल कर घड़ी चौक पहुंची। यहां सभी सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी की।


Share

Check Also

रायपुर@ भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर डॉ महंत ने गडकरी को लिखी चिट्ठी

Share ्र> सीबीआई जांच की मांग भी की… परियोजना में करोड़ों के भ्रष्टाचार का लगाया …

Leave a Reply