नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2022। सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक मामले मे सुनवाई के दौरान कहा है कि एक करोड़ रुपये 15 होम बायर्स के लिए रिलीज किया जाए। कोर्ट ने कहा कि सुपरटेक लिमिटेड के अतरिम रिजॉल्यूशन प्रफेशनल (आईआरपी) की ओर से डिपॉजिट किए गए रुपये बायर्स को दिए जाए।
8 दिसबर तक एक करोड़ रुपये और जमा करे
सुप्रीम कोर्ट ने 26 अगस्त को सुपरटेक की आईआरपी से कहा था कि वह एक करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री मे जमा करे, ताकि होम बायर्स को राहत दी जा सके। सुप्रीम कोर्ट को कोर्ट सलाहकार गौरव अग्रवाल ने बताया कि पैसे जमा किए जा चुके है और पैसे होम बायर्स को दिया जा सकता है। जस्टिस डी. वाई. चद्रचूड़ की बेच ने आईआरपी से कहा है कि वह 8 दिसबर 2022 तक एक करोड़ रुपये और जमा करे। ये रकम फ्लैट बायर्स को दिए जा रहे है। सुप्रीम कोर्ट उस कटेप्ट पिटिशन पर सुनवाई कर रहा है जिसमे होम बायर्स ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल ट्विन टावर ध्वस्त करने के निर्देश के साथ-साथ फ्लैट बायर्स के रकम वापस करने को कहा था, लेकिन पैसे नही मिले।
सुपरटेक ने फ्लैट के पैसे वापस नही किए
जस्टिस डीवाई चद्रचूड़ की अगुआई वाली बेच ने आईआरपी और कोर्ट सलाहकार गौरव अग्रवाल से कहा था कि वह होम बायर्स के बकाया कितने है, इसे पता लगाने के लिए मिलकर काम करे और सुप्रीम कोर्ट के सामने डिटेल पेश किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शीर्ष अदालत ने होम बायर्स के प्लैट की कीमत वापस करने का जो आदेश दिया था उसे सुनिश्चित करने के लिए हम आईआरपी को निर्देश देते है कि एक करोड़ रुपये रजिस्ट्री मे जमा किए जाए।
सुप्रीम कोर्ट कटेप्ट पिटिशन पर सुनवाई कर रही है जिसमे होम बायर्स ने कहा है कि सुपरटेक ने उनके फ्लैट के पैसे वापस नही किए जबकि कोर्ट ने इस मामले मे 31 अगस्त 2021 को आदेश पारित किया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सुपरटेक के ट्विन टावर ध्वस्त करने के आदेश दिए थे और जिन लोगो का उसमे फ्लैट था उसे पैसे रिफड करने का आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा स्थित सुपरटेक के एमरॉल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के 40 फ्लोर के ट्विन टावर (टी-16 और टी-17) को अवैध करार देते हुए गिराने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट के फैसले को बिल्डर कपनी सुपरटेक लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी थी। कोर्ट के आदेश से ट्विन टावर को ध्वस्त किया जा चुका है।
टावर के जो बॉयर्स है उन्हे 12 फीसदी बयाज के साथ पैसे रिफड किए जाए
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्विन टावर मे जो भी फ्लैट बॉयर्स है उन्हे 2 महीने के भीतर उनके पैसे रिफड किए जाए। साथ ही उस रकम का 12 फीसदी बयाज का भी भुगतान किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही बिल्डर को निर्देश दिया है कि वह एमरॉल्ड कोर्ट ओनर रेजिडेट्स वेलफेयर असोसिएशन को हर्जाने के तौर पर दो करोड़ रुपये का भुगतान एक महीने के भीतर करे।
