अम्बिकापुर,08 अक्टूबर 2022 (घटती-घटना)।. छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार पर जनजाति विरोधी सरकार का आरोप लगाते हुए भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा संभाग सरगुजा द्वारा स्थानीय बिलासपुर चौक अंबिकापुर में दोपहर 1 से चक्का जाम किया गया। प्रदेश भाजपा के निर्देश भाजपा जिला अध्यक्ष के मार्गदर्शन में आदिवासी कद्दावर नेता नंदकुमार साय, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय एवं पूर्व मंत्री रामसेवक पैकरा के साथ सरगुजा संभाग के अन्य जिलों से जनजाति समाज के नेताओं ने चक्का जाम में भाग लिया।
नंद कुमार साय ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि यह सरकार आदिवासी विरोधी सरकार है, आरक्षण में कटौती किए जाने पर जनजाति समाज को भारी नुकसान हुआ है, सरकार चाहे तो एक अध्यादेश ला सकता है और उसे पारित करा सकता है लेकिन इस कांग्रेस सरकार का दोहरा चरित्र जनता के सामने आ गया है, आने वाले चुनाव में अब इन्हें एक वोट नहीं मिलेगा। आगे उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जानबूझकर हाईकोर्ट में साक्षी और सही तर्क पेश नहीं किया, जिसके कारण जनजाति समाज को प्राप्त 32 प्रतिशत आरक्षण में भी 12 प्रतिशत की कमी कर दी गई, आज का यह हड़ताल चक्का जाम संकेतिक था, आने वाले दिनों में कांग्रेस सरकार के विरोध में पूरा जनजाति समाज और संगठन वृहद आंदोलन करेगा।
चक्का जाम में भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय ने कहा कि आदिवासी समाज को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार ने दोहरा चरित्र का प्रदर्शन किया है, वास्तव में यह जनजाति विरोधी सरकार है, भाजपा सरकार के समय भी यह मामला न्यायालय में लंबित था जहां भाजपा द्वारा जनजाति आरक्षण तथ्यों को सही तरीके से न्यायालय के समक्ष रखती रही जिससे 32 प्रतिशत आरक्षण बना रहा परंतु कांग्रेस सरकार के 3 साल में ही इन्होंने अपना रंग दिखा दिया, आदिवासी समाज के लिए इस सरकार की नीयत साफ नहीं है, हमारा पूरा समाज इसके लिए एकजुट है और हम संघर्ष करते रहेंगे। सांकेतिक चक्काजाम का संचालन अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संभाग प्रभारी राम लखन सिंह पैकरा ने किया। इस अवसर पर पत्थलगांव पूर्व विधायक शिव शंकर पैकरा, पूर्व सांसद कमलभान सिंह, राम लखन सिंह पैकरा, विजय नाथ सिंह, भरत सिंह सिसोदिया, अभिमन्यु गुप्ता, प्रशांत त्रिपाठी, उद्धश्वरी पैकरा, प्रबोध मिंज, अंबिकेश केसरी, देवनाथ सिंह पैकरा, आलोक दुबे, अभिषेक शर्मा, रूपेश दुबे, रोहित साय, रेणुका सिंह, चंपा देवी पावले, कमला प्रसाद सिंह, कौशल प्रताप सिंह, रवि शंकर सिंह, राम किशुन सिंह, बंशीधर उरांव, फुलेश्वरी सिंह मंजूषा भगत, आनंदी बड़ा, राजा राम भगत, शिव शंकर पैकरा, राम प्रताप सिंह, धनाराम नागेश, ललित नागेश, अनूप सिन्हा, शकुंतला पोर्ते, शशि कला भगत,पुष्पा सिंह, अनामिका पैकरा, सत्यनारायण सिंह, अनुज एकका, शालिक साय, दीपक कोरवा, कमलेश टोप्पो, अंकित तिर्की समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
