रायगढ़, 02 अक्टूबर 2022। कोई भी चीज अनुपयोगी नही होती, बस उन्हे देखने का नजरिया होना चाहिए, जिससे उन्हे बेहतर इस्तेमाल कर सके और इस मामले मे हम भारतीयो का कोई तोड़ नही, जिसे आम भाषा मे जुगाड़ भी कहते है। यही नजारा ग्राम पचायत लाखा के स्कूल मे देखने को मिलेगा, जहा अनुपयोगी हो चुके गाड़ी के पहिए आज बच्चो के बीच मनोरजक खेल सामग्री बन गए है और उनके बेहतर शारीरिक विकास को रफ्तार दे रहे है।
रायगढ़ विकासखण्ड के अतर्गत आने वाले ग्राम पचायत लाखा के स्कूल मैदान मे अलग-अलग रगो से पेटेड टायर्स को जमीन मे लगाया गया है। जो देखने मे बड़े आकर्षक लगते है और बच्चो मे फिजिकल एक्टिविटी के लिए उत्सुकता भी जगाते है। खेल कुद के समय बच्चो की यहा भीड़ रहती है। खेल के इस नए तरीके को लेकर उनमे बड़ा उत्साह है। चहल-कदमी पूरे दिन होती होती है। असल मे खूबसूरत अर्ध चद्राकर जमीन मे गड़े हुए दिखने वाले मालवाहक गाडिय़ो के खराब टायर है। जो बिल्कुल अनुपयोगी हो चुके थे, लेकिन इन वेस्ट टायर को बेहतरीन और मनोरजक शारीरिक गतिविधि सामग्री (बेस्ट इटरटेनिग फिजिकल एक्टिविटी इक्यूपमेट) के रुप मे इजाद कर दिया गया है।
कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने बच्चो के लिए बेहतर मानसिक और शारीरिक विकास के लिए माहौल उपलध करवाने के निर्देश दिए है। इसी क्रम मे जिला पचायत सीईओ श्री अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन मे इन खराब मटेरियल के बेहतर इस्तेमाल के साथ बच्चो के लिए एक्टिविटी मैटेरियल के रूप मे उपयोग करने की रूपरेखा बनी। इसके लिए यूनिसेफ के साथ जनपद स्तर के अधिकारियो ने भी अपना योगदान दिया और इन खराब हो चुके सामग्रियो का सकलन के साथ इन्हे उपयोगी बनाने मे सहयोग दिया। खराब होने के बाद यहा वहा पड़े रहने वाले टायर आज मैदान की खूबसूरती बढ़ा रही है, वही ये आगनबाड़ी के साथ स्कूल के बच्चो के लिए भी खेल सामाग्री की तरह उपयोग मे आ रहे है, जिससे स्कूली बच्चो को शारीरिक क्षमता भी विकसित कर रही है। आज की जीवनशैली मे बच्चे अमूमन मैदानी खेलो से दूर घर की चारदीवारी मे टीवी मोबाइल से चिपके नजर आते है। ऐसे मे उन्हे वापस मैदानी खेलो से मनोरजक तरीके से जोडऩे की कोशिश इस खास पहल का भी उद्देश्य है।
