नई दिल्ली, 28 सितम्बर 2022। काग्रेस नेता दिग्विजय सिह ने पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामाकन दाखिल करने का फैसला किया है, जिसके लिए 17 अक्टूबर को चुनाव होना है। उनके बुधवार रात तक दिल्ली पहुचने की उम्मीद है। सिह के करीबी सूत्रो ने बुधवार को कहा कि चुनाव लड़ने का फैसला उनका निजी है, गाधी परिवार से किसी ने भी उन्हे ऐसा करने के लिए नही कहा है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमत्री 30 सितबर तक नामाकन दाखिल कर सकते है। काग्रेस सबसे पहले राजस्थान के मुख्यमत्री अशोक गहलोत को पार्टी के शीर्ष पद के लिए मैदान मे उतारने की सोच रही थी, लेकिन राजस्थान मे हाई-वोल्टेज ड्रामे ने गाधी परिवार को नाराज कर दिया।
इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रो ने कहा, गहलोत को अभी दौड़ से बाहर नही किया गया है। वही दूसरी तरफ काग्रेस कोषाध्यक्ष पवन कुमार बसल ने पार्टी के केद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईए) से नामाकन फॉर्म लिया है। अपनी ओर से बसल ने कहा कि वह केवल एक प्रस्तावक है, उम्मीदवार नही। सीईए के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने मगलवार को कहा था, अब तक शशि थरूर और पवन बसल ने सीईए से नामाकन फॉर्म लिया है।
काग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ जिनका नाम भी सामने आया था और उन्होने सोमवार को काग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाधी से मुलाकात की थी, उन्होने कहा कि, वह पार्टी प्रमुख नही बनना चाहते है, और मध्य प्रदेश मे पार्टी के लिए काम करना जारी रखना चाहते है।
राजस्थान मे ड्रामे ने काग्रेस नेतृत्व को पार्टी के शीर्ष पद के लिए ‘प्लान बी’ के बारे मे सोचने पर मजबूर कर दिया है। इससे पहले गहलोत को एक दावेदार के रूप मे देखा जा रहा था। उनके प्रति वफादार उनके विधायको द्वारा खुली अवहेलना ने काग्रेस हाईकमान को नाराज कर दिया और ऐसा लगता है इस रेस से भी गहलोत को बाहर कर दिया है।
मप्र नही छोड़ूगा – कमल नाथ
भले ही काग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर चल रही कयासबाजी मे मध्य प्रदेश इकाई के प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ का नाम लिया जा रहा हो मगर उन्होने साफ कर दिया है कि वे मध्य प्रदेश नही छोड़ेगे।
काग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, मै पहले भी कह चुका हू कि मै मध्यप्रदेश नही छोड़ना चाहता हू , 12 माह बचे है और यदि मै कोई जिम्मेदारी लेता हू तो मेरा ध्यान मध्य प्रदेश से हटेगा। अभी मेरा पूरा फोकस सिर्फ मध्यप्रदेश पर है, मै अपना ध्यान मध्यप्रदेश से हटाना नही चाहता।
राजस्थान मे मचे सियासी घमासान पर उन्होने बताया कि, मेरी खुद अशोक गहलोत जी से बात हुई है, उन्होने कहा कि मैने तो बैठक बुलाई थी। कुछ लोगो ने अनुशासनहीनता की है तो उनको शोकाज नोटिस जारी हो गए है। वही पर्यवेक्षको ने अपनी रिपोर्ट दे दी है।
केद्र सरकार की पीएफआई को लेकर की गई कार्रवाई के सवाल पर कमल नाथ ने कहा, यदि कोई सबूत है कि वह आतकवादी गतिविधियो मे लिप्त है, आतकवादी सस्थाओ से जुड़े है, तब पीएफआई हो या कोई भी सगठन हो, उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होना चाहिए।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कमल नाथ ने कहा, आज आतकवाद बड़े खतरे की बात है और आम जनता को तो सुरक्षा चाहिए और यदि इतने वर्षो से पीएफआई की गतिविधिया चल रही थी तो यह आपका इटेलिजेस फेल्यूअर है, आप इतने वर्षो से क्या कर रहे थे। यह कोई आज तो पैदा नही हुई, इसका रजिस्ट्रेशन कब से हुआ है यदि यह पहले से ही आतकवादी सस्थाओ से जुड़ी हुई थी तो आप इतने वर्षो से क्या कर रहे थे, आज यह सवाल सामने है?
राज्य मे 46 नगरीय निकायो के लिए मतदान हो चुका है और गुरुवार को 30 सितबर को नतीजे आने वाले है। इन चुनाव को लेकर कमल नाथ ने कहा, हमारे सभी नेता लगे हुए थे, भाजपा ने पुलिस, प्रशासन, पैसे का इन चुनावो मे भी जमकर दुरुपयोग किया। हमारा फोकस हर पर चुनाव रहता है और आगामी विधानसभा चुनाव पर भी हमारा मुख्य फोकस है।
भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कमल नाथ ने कहा, यात्रा को बेहद सफलता मिल रही है और यह सफल रहेगी, क्योकि आज जनता मे बेहद आक्रोश है। मीडिया की राजनीति से अब जनता प्रभावित होने वाली नही है क्योकि जनता समझदार है। आज भाजपा बेरोजगारी की बात नही करती, किसानो की बात नही करती, छोटे व्यापारी की बात नही करती है, यह तो जनता को गुमराह करने के लिए विभिन्न मुद्दो को सामने लाते है।
काग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव 17 अक्टूबर को
काग्रेस के नए अध्यक्ष का चुनाव 17 अक्टूबर को होगा। अधिसूचना जारी करने की तिथि 22 सितबर है, नामाकन 24 से 30 सितबर तक सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच दाखिल किया जा सकता है। जबकि स्क्रूटनी 1 अक्टूबर को होगी। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 8 अक्टूबर और मतदान की तारीख 17 अक्टूबर है। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे सभी पीसीसी मुख्यालयो पर मतदान होगे।
मतगणना 19 अक्टूबर को होगी।
