निगम व राजीवमितान मद को अपना खजाना समझने वाले विधायक व महापौर नाकामियों को छिपाने के लिए महोत्सव आयोजन का सहारा ले रहे।
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 27 सितम्बर 2022 (घटती-घटना)। नगर पालिक निगम चिरमिरी को अपनी जागीर समझने वाले तथा निगम मद व राजीव मितान क्लब मद को अपना खजाना समझने वाले मनेंद्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल व नगर निगम महापौर कंचन जयसवाल ने अपनी गलतियों व नाकामियों को छिपाने के लिए चिरमिरी महोत्सव आयोजन का सहारा लिया है, जिसमें शासकीय नियमों की खुल्लम-खुल्ला अवहेलना करते हुए जमकर भ्रष्टाचार किए जाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक सहयोग देने वाले निगम चिरमिरी आयुक्त भी संलिप्त होने के चलते पूरी तरह दोषी नजर आ रहे हैं जिसके लिए आने वाले समय में संगठन आंदोलन के साथ-साथ न्यायालय की शरण में भी जा सकती है।
उपरोक्त आरोप लगाते हुए भाजपा मंडल महामंत्री रामचरित द्विवेदी ने आरोप लगाते हुये कहा है कि मनेंद्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल व निगम चिरमिरी महापौर कंचन जयसवाल की कार्य प्रणाली भ्रष्टाचार पर ही आधारित है जिन्होंने अस्तित्व से संघर्ष कर रहे चिरमिरी के लोगों से बड़े-बड़े वादे तो समय-समय पर किए लेकिन अपने किसी भी वादे पर वह खरा नहीं उतर पाए जिसके चलते उनके गृह निवास पर लोगों का आक्रोश सड़कों से लेकर थानों तक नजर आता रहा है जिसको भापते हुए एक ही परिवार के इन लोगों द्वारा स्वयं के लोगों से प्रायोजित स्वागत कार्यक्रम करा कर झूठी वाहवाही लेने का भी प्रयास किया गया लेकिन मनेंद्रगढ़ विधानसभा के लोगों ने इन आप्रवासी जनप्रतिनिधि के काले कारनामे व कार्यप्रणाली को नजदीक से देख कर अच्छे से भलीभांति समझ चुके हैं जिसकी खबर राज्य सरकार के मुखिया को होने के कारण उन्हें नवीन गठित जिला के प्रमुख समारोह में भी वह स्थान व महत्व नहीं दिया गया जो कि दूसरे विधायक को दिया गया
रामचरित द्विवेदी ने आरोप लगाते हुए कहा है कि जिस प्रकार सोशल मीडिया में खबरें चल रही हैं उससे स्पष्ट रूप से यह प्रमाणित हो जाता है कि चिरमिरी महोत्सव मात्र एक परिवार के दो सदस्य विनय जयसवाल व कंचन जयसवाल का महोत्सव बनकर रह गया है जिसमें चिरमिरी में इनके द्वारा किए गए वादों व छल कपट को छिपाने के उद्देश्य से भारी भारी खर्च करके बाहर से गरबा व डांडिया करने के लिए शासकीय पैसों को पानी की तरह बहाया जा रहा है और जिस प्रकार इस आयोजन की भारी-भरकम तैयारियां चल रही हैं तो कोई बड़ी बात नहीं होगी कि चिरमिरी महोत्सव के नाम पर चालीस से पचास लाख तक शासकीय राशि का बंदरबांट ना किया जाए जिसके लिए निगम चिरमिरी के विभिन्न मदो के साथ-साथ राजीव मितान क्लब के नाम पर आने वाले बड़ी राशि का समायोजन शासकीय नियमों को अंगूठा दिखाते हुए किये जाने की संभावना है जबकि इन्हीं विधायक विनय जायसवाल व महापौर कंचन जयसवाल के चलते निगम के स्थाई व अस्थाई कर्मचारी कई कई माह से वेतन को तरसते हुए खाली पेट तीज त्यौहार मनाने के लिए विवश हो रहे हैं वही कोरिया नीर में काम करने वाले कर्मचारी भी पिछले 21 माह से वेतन को तरस रहे हैं जिससे यह प्रमाणित होता है कि नगर पालिक निगम चिरमिरी सही मायनों में दिवालियापन की ओर बढ़ चुका है जिसके लिए एक परिवार के ये दो लोग ही दोषी हैं जो कि निगम चिरमिरी को अपनी जागीर समझ कर नियम विरुद्ध तरीके से फिजूलखर्ची कर दिनों दिन चिरमिरी को और परेशानियों की ओर धकेल रहे हैं श्री द्विवेदी ने कहा है कि अच्छा होता कि चिरमिरी महोत्सव के स्थान पर इसमें खर्च होने वाले संभावित चालीस से पचास लाख रुपयो से निगम कर्मचारियों व ठेकेदारों का भुगतान किया जाता जिससे वो भी तीज त्यौहार आराम से मना सके।
