- दो कलेक्टरों के अधीन काम करेंगे एक जिला पंचायत सीईओ,दो जिलों का प्रभार होगा एक ही सीईओ के पास।
- क्षेत्र के हिसाब से दो जिलों के इकलौते जिला अधिकारी होंगे जिला पंचायत सीईओ।
- दो जिलों के दो होंगे जिला कलेक्टर लेकिन सीईओ जिला पंचायत होंगे एक ही।
- नवगठित एमसीबी जिले के कोरिया जिले से विभाजन के बाद बनी है यह स्थिति।
- नवीन जिला पंचायत क्षेत्र गठन तक ऐसी ही बनी रहेगी स्थिति, गठन उपरांत ही बदलेगी तस्वीर।
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 24 सितम्बर 2022 (घटती-घटना)। कभी-कभी हालात इतिहास बन जाती कुछ ऐसा भी कोरिया के जिला पंचायत सीईओ के साथ देखा जा सकता है। कुछ चीजें संयोग पर निर्मित हो जाते हैं जैसा कि कोरिया जिले के जिला पंचायत सीईओ के साथ 2 कलेक्टर के साथ काम करने का सौभाग्य मिला। कोरिया के जिपं सीईओ को कभी अपना तजुर्बा बताना पड़ा तो वह कह सकेंगे की मैं दो कलेक्टर के साथ काम किया हुआ आईएएस अधिकारी हूं। कोरिया जिले से विभाजित होकर नवीन जिला एमसीबी अस्तित्व में आ चुका है और अब दोनों ही जिले कोरिया व एमसीबी में अलग अलग कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जिले की अपने अपने विभाग की जिम्मेदारी सम्हाल रहें हैं वहीं कोरिया जिले के विभाजन के बाद जिले का एक ऐसा विभाग भी है जिसके जिला अधिकारी दोनों ही जिलों का प्रभार सम्हालेंगें और वह दोनों ही जिलों के इकलौते अधिकारी बनकर जिलों में विभाग की बागडोर सम्हालेंगें। यह विभाग है पंचायत विभाग जो वर्तमान में फिलहाल एक ही रहने वाला है और भविष्य में जिला पंचायत के नवीन गठन जो जिला अनुसार होगी के पश्चात ही अलग अलग हो सकेंगे।
नवीन जिला एमसीबी के कोरिया जिला से अलग होने उपरांत अविभाजित कोरिया जिले से ही जिला पंचायत का संचालन दोनों ही जिलों का होगा और वर्तमान जिला पंचायत सीईओ ही दोनों जिलों के पंचायत स्तर के कामकाज देखेंगे और पंचायत विभाग के कार्यों को गति देंगे। अब एक तरह से देखा जाए तो यह बड़ी विचित्र स्थिति रहने वाली है क्योंकि जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जहां अलग अलग होंगे वहीं सीईओ जिला पंचायत एक ही होंगे और वह दोनों जिलों के कलेक्टर के अधीन काम करेंगे वहीं यदि क्षेत्र के हिसाब से देखा जाएगा तो जिला पंचायत सीईओ का रुतबा कलेक्टर से ऊपर का होगा क्योंकि वह संयुक्त रूप से अविभाजित कोरिया जिले के इकलौते अधिकारी बने रहेंगे। यह स्थिति कब तक बदलेगी इसपर जब जानकारों से राय ली गई तो यह बात सामने आई कि फिलहाल तो जिला पंचायत एक ही दोनों जिलों का रहने वाला है और भविष्य में किस तरह इसका विभाजन होगा यह देखने वाली बात होगी क्योंकि कम से कम जिला पंचायत के लिए अनिवार्य जिला पंचायत क्षेत्रों का गठन दोनों ही जिलों के लिए किया जाना जरूरी रहेगा वहीं जिला पंचायत क्षेत्रों का किस तरह गठन होगा यह देखने वाली बात होगी। वहीं जब नवीन जिला पंचायत क्षेत्रो का गठन हो जाएगा और नवीन जिला पंचायत क्षेत्र में चुनाव सम्पन्न हो जाएंगे तभी जिला पंचायत अलग हो सकेगा।