- रावण तेरा नहीं मेरा सत्ता का जोर लगाकर प्रशासन से ली रावण दहन की अनुमति।
- क्या अहंकार के प्रतीक रावण का पुतला दहन अहंकार से भरे सत्ता पक्ष के प्रतिनिधि करेंगे?
- अहंकार को अहंकार से मारने की तैयारी तो नहीं?
- रावण दहन कार्यक्रम को लेकर गुटबाजी आई सामने, प्रशासन ने सत्ता पक्ष को दी रावण दहन की अनुमति।
- 15 वर्षों से शहर में रावण दहन करते चले आ रहे शहर की समिति को प्रशासन ने नहीं दीया अनुमति, समिति में आक्रोश।
- अहंकार के दहन के प्रतीक रावण दहन कार्यक्रम के आयोजन में नजर आया सत्ताधारी दल का अहंकार।
- प्रशासन से पुनः आयोजन की जिम्मेदारी हेतु पुरानी समिति लगाएगी गुहार, तैयारी पूरी हो चुकी है कहना है पुरानी समिति सदस्यों का।

-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 24 सितम्बर 2022 (घटती-घटना)। विजयदशमी में कुछ दिन ही बचे हैं और विजयदशमी क्यों मनाई जाती है यह सभी को पता है विजयदशमी असत्य पर सत्य की जीत मानकर मनाया जाता है, यही वजह है कि ज्ञानी रावण भी अहंकारी हो गया था, जिसके अंहकार को श्रीराम ने उनका वध कर ख़त्म किया था, तब से लेकर आज तक विजयदशमी में रावण का पुतला दहन करने की परम्परा लोग में चली आ रही है। लोग रावण दहन कर अपने अंदर का अहंकार भी निकाल देते हैं और अपने आप को श्रीराम से तुलना करते हैं पर क्या वास्तव में ऐसा होता है? यह एक बड़ा सवाल है जो कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर में इस समय देखने को मिल रहा है, वह यही है की असत्य पर सत्य का विजय तो मिला पर विजयदशमी के दिन जब अहंकारी रावण का पुतला दहन होता है तो पुतला दहन करने वाले भी अहंकार से लबरेज रहते हैं और मुख्य अतिथि भी वही बनते हैं जो रावण से भी बड़े अहंकारी होते हैं इस समय कोरिया जिले में रावण दहन के लिए सत्तापक्ष में अहंकार दिखने लगा है। अहंकार भी ऐसा की रावण तेरा नही मेरा देखने को मिला, अहंकार भी ऐसा की रावण को दहन करने का मौका पाने का है रावण के कार्यक्रम को हाईजैक करने का है, पर सवाल यह है कि रावण दहन कौन करेगा? क्या उस व्यक्ति को रावण दहन करने का मौका मिलेगा जो वाकई में सत्य है…बिना अहंकार के हैं…क्या वैसा व्यक्ति को ही रावण दहन करना चाहिए या फिर अहंकारी रावण के पुतले को एक अहंकारी व्यक्ति को ही दहन करना चाहिए?
ज्ञात हो की कोरिया जिले के बैकुंठपुर शहर में भी 15 वर्षों से रावण दहन कार्य्रकम आयोजित होता चला आ रहा है और कोरोना की वजह से दो वर्ष पिछला जो बीता उसमें यह अयोजन नहीं हो सका और वर्ष यह आयोजन होने जा रहा है जिसे लेकर अब अहंकार ही टकराने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि 15 वर्षों से रांवन दहन करते चली आ रही समिति ने रावण के पुतले का निर्माण मिनी स्टेडियम में जब कराना आरंभ किया तो सत्तापक्ष के लोगों ने इसपर आपत्ति दर्ज कर स्वयं आयोजन करने की जिम्मेदारी की मांग प्रशासन से कर दी, जिसके बाद दोनों ही आमने सामने आ गए एक तरफ 15 सालों से रावण दहन की जिम्मेदारी निभाती समिति चली आ रही थी, वहीं एक तरफ सत्तापक्ष प्रशासन ने पहले तो दोनों ही पक्षों को आपस में ही हल निकालने का जिम्मा दे दिया जिसमें हल नहीं निकल सका वहीं जब हल आपस मे नहीं निकल सका और दोनों ही पक्ष रावण दहन करने को लेकर अडिग रहे तब प्रशासन ने सत्तापक्ष को अनुमति प्रदान कर अपने ऊपर पड़ रहे दबाव का हल निकाल दिया लेकिन अब एक पक्ष आक्रोशित हो गया। रावण दहन कार्यक्रम जहां अहंकार के दहन के प्रतीक स्वरूप आयोजित किया जाता है वहीं शहर में दो पक्षों का अहंकार ही आपस मे टकरा गया और विजय उसको मिल सकी जिसके पास सत्ता का जोर था। कुल मिलाकर सत्ता का जोर लगाकर सत्तापक्ष ने रावण दहन कार्यक्रम को अपने हिस्से में प्राप्त कर लिया लेकिन पुरानी समिति जिसने तैयारी आरम्भ कर दी थी वह अब प्रशासन से पुनः विचार कर जिम्मेदारी उन्हें देने की बात करने की बात कह रही है और निर्णय को गलत बता रही है। कुल मिलाकर रावण दहन कार्यक्रम सत्तापक्ष के अहंकार की वजह से एकपक्षीय निर्णय की भेंट चढ़ गया ऐसा पुरानी समिति का आरोप है।
सर्वविकास समिति को अनुमति न देना आपत्तिजनक
भाजपा नेता देवेन्द्र तिवारी ने कहा की हमारी तैयारी पूर्ण, वरिष्ठों से सलाह लेंगे। रावण दहन आयोजन के लिए अपनी तैयारी पूरी कर चुके कोरिया सर्वविकास समिति के आवेदन पर विचार नहीं किया गया। वहीं प्रशासन ने स्व रामचंद्र सिंहदेव स्पोर्ट्स कमेटी को रावण दहन की अनुमति दे दिया है। इस पर कोरिया सर्वविकास समिति के संरक्षक देवेन्द्र तिवारी ने बयान जारी कर कहा है कि यह बेहद आपत्तिजनक है। बैकुंठपुर में नवीन समिति के गठन का हम स्वागत करते हैं, किन्तु पिछले कुछ दिनों में हुए घटनाक्रम ने अधिकारसंपन्न लोगों के असहिष्णुता को दर्शाया है। सत्ता पक्ष ने इस पर राजनीति करनी शुरू कर दी है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में ऐसी परंपरा की शुरुआत होना बेहद दुखद है। इस पर जिलेवासियों को विचार करना चाहिए। कोरिया सर्वविकास समिति अपने वार्षिक कार्यक्रम के लिए प्रशासन और समाज के समक्ष अपना पक्ष पूरी ताकत के साथ रखेगी। मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि रावण दहन का कार्यक्रम सार्वजनिक कार्यक्रम है। विगत 15 वर्षों से परंपरागत रूप से इस आयोजन को निरंतरता देने वाली समिति किसी भी दृष्टि से राजनीतिक नहीं है। समिति में शहर के नागरिकगण और कोरिया जिले के सभी विकासखंड के लोगों की सहभागिता है। प्रशासन का निर्णय एकपक्षीय है। हम सोमवार को कलेक्टर कोरिया को पुनः अभ्यावेदन प्रस्तुत करेंगे। समिति द्वारा मिनी स्टेडियम में रावण दहन की तैयारी पूर्ण कर ली गयी है। आयोजन में शहर के सभी वरिष्ठों व जनसामान्य को आमंत्रण भेजा जाएगा।