बैकुण्ठपुर/मनेन्द्रगढ@भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के द्वारा राज्यपाल के नाम आरक्षण संशोधन मामले को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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बैकुण्ठपुर/मनेन्द्रगढ 23 सितम्बर 2022 (घटती-घटना)। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के द्वारा महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराते हुये बताया कि विगत 19 सितंबर 2022 को माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने लोक सेवा आरक्षण संशोधन अधिनियम 2012 को घोषित किया। कांग्रेस की प्रदेश सरकार के लापरवाही कारण अपात्र घोषित कर दिया है माननीय उच्च न्यायालय के इस निर्णय से प्रदेश के जनजाति वर्ग में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है।
ज्ञात हो पूर्व भाजपा की सरकार में डॉ रमन सिंह ने दिसंबर 2011 में जनजाति समाज को प्रदेश की उनकी जनसंख्या के अनुपात में 32 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था और 2018 में सरकार रहते आरक्षण प्रदान किया था। जबकि इस मामले में उच्च न्यायालय में याचिका भी लगी रही इसके बावजुद भाजपा सरकार द्वारा 2018 तक जनजाति समाज के हित में मजबूती के साथ खड़ा होकर उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखते रहे हैं जिसके कारण आरक्षण दिया था। परंतु कांग्रेस की सरकार ने जनजाति समाज के साथ षड्यंत्र करते हुये माननीय उच्च न्यायालय में जनजातीय वर्ग का पक्ष नहीं रखा गया, भूपेश सरकार की विफलता के परिणाम स्वरूप माननीय उच्च न्यायालय में जनजाति समाज के खिलाफ ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय सामने आया है। इसी तारतम्य में भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के तत्वधान में जनजाति समाज के अभिभावक होने के नाते है। जनजाति वर्ग को मिलने वाले संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, आरक्षण पर कोई विपरीत प्रभाव ना पड़े इस बावत प्रदेश की आदिवासी विरोधी सरकार के विरोध में महामहिम राज्यपाल महोदया के नाम जिला मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर कलेक्टर कार्यालय में अपर कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। अयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रेणुका सिंह जिला कोरिया, भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राम लखन सिंह, रामप्रताप सिंह बीजेपी जिला महामंत्री और पूर्व जनपद अध्यक्ष सोनहत, संतोष सिंह नेता प्रतिपक्ष चिरमिरी, श्रीमती सुनीता सिंह बीजेपी जिला उपाध्यक्ष, पुष्पा नेताम, श्रीमती चुन्नी पैकरा जिला पंचायत सदस्य, श्रीमती सोनमती उर्रे अध्यक्ष जनपद पंचायत खडगांव, अनिल केशरवानी, वीरेंद्र सिंह राणा, धर्मेंद्र पटवा, विवेक अग्रवाल, जेके सिंह, धनेश यादव, बीरबल पार्षद चिरमिरी, रूपचंद पार्षद, उजित नारायण सिंह, उपेंद्र सिंह सरपंच के साथ जनजाति वर्ग से कई सम्मानियजन उपस्थित रहे।
कांग्रेस की सरकार ने पूर्व में भी अनुसूचित जनजाति को छलने का किया था काम
जिला पंचायत अध्यक्ष रेणुका सिंह ने वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुये कहा कि इसके पूर्व भी कांग्रेस की सरकार ने अनुसूचित जनजाति वर्ग को छलने का काम किया है छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पदोन्नति में आरक्षण का नया नियम बनाने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 3 साल लगाए। माननीय उच्च न्यायालय में इस पदोन्नति के नियम 2002 को भाजपा सरकार ने अपने पूरे 15 साल के कार्यकाल तक कानूनी चुनौती से बचा कर रखा परंतु कांग्रेस की सरकार आते ही मूल कंडिका 6 फरवरी 2019 को पास हो गई। तब से लेकर अब तक पदोन्नति में आरक्षण का कोई रास्ता भूपेश बघेल की सरकार ने नहीं निकाला, भूपेश बघेल की सरकार बनने के बाद से पदोन्नति में आरक्षण का लाभ भी अनुसूचित जनजाति वर्ग को नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस की सरकार अनुसूचित जनजाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने में रही नाकाम संवैधानिक अधिकारों के परिपालन में जब-जब मामला कानूनी हुआ है, तब-तब भूपेश बघेल की सरकार जनजाति वर्ग की उपेक्षा करते हुए माननीय उच्च न्यायालय में फिसड्डी साबित हुई है।


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