महिलाओ को कानूनी अधिकारो के प्रति जागरुक करने चलाई जा रही मुख्यमत्री महतारी न्याय रथ
रायपुर, 17 सितम्बर 2022। बस्तर क्षेत्र की भौगोलिक और सास्कृतिक परिस्थितिया प्रदेश के अन्य जिलो से भिन्न है। इस क्षेत्र की महिलाओ मे कानून और अपने अधिकारो के प्रति जागरुकता की कमी है, वे स्वय आगे आकर शिकायत दर्ज नही करती। ऐसे मे आपराधिक प्रकरणो के चिन्हाकन और उस पर त्वरित कार्यवाही जिला पुलिस और महिला बाल विकास विभाग की महती जिम्मेदारी हो जाती है। उक्त बाते राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने सुकमा जिले मे मानव तस्करी रोकथाम, अन्य हितधारको तथा पीडि़तो के पुनर्वास के विषय पर चर्चा के दौरान कही। महिला आयोग ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियो, पत्रकारो से सुझाव लेते हुए जिले मे महिला उत्पीड़न और महिलाओ के समस्याओ सहित विभिन्न विषयो मे जानकारी ली।
आज सुकमा पहुची राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, सदस्य नीता विश्वकर्मा एव अर्चना उपाध्याय ने सयुक्त जिला कार्यालय सुकमा के सभाकक्ष मे जन सुनवाई की। जिले मे दर्ज मानसिक प्रताड़ना की एक प्रकरण की सुनवाई हुई। इसमे अनावेदिका के अनुपस्थित होने और रायपुर मे निवासरत रहने के फलस्वरुप प्रकरण को रायपुर स्थानानतरित किया गया, जिसमे आवेदिका की सहमती ली गई।
डॉ. नायक ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के साथ ही प्रदेश भर मे महिलाओ को प्रताड़ना, उत्पीड़न, शोषण आदि से सबधित कानूनी अधिकारो के प्रति जागरुक करने के उद्देश्य से मुख्यमत्री महतारी न्याय रथ का क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना के तहत महतारी न्याय रथ जिलो मे जाकर शिक्षात्मक वीडियो के माध्यम से महिलाओ को जागरुक कर रहा है। उन्होने महिला आयोग के कार्य प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि महिला आयोग का उद्देश्य है कि आपसी झगड़ो का आसानी और शीघ्रता से निपटारा हो। हमारी कोशिश होती है कि प्रकरणो मे आपसी सुलह हो जाए और कोर्ट कचहरी व थाने के चक्करो के बगैर शीघ्र निराकरण सभव हो। इस दौरान कलेक्टर श्री हरिस.एस, एसपी सुनील शर्मा, जिला पचायत सीईओ डी.एन. कश्यप सहित महिला बाल विकास विभाग, जिला प्रशासन एव पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
