अम्बिकापुर@परसा क्षेत्र में महिलाओं के आत्मविश्वास से आर्थिक विकास की नई सुबह ले रही अंगड़ाई

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अम्बिकापुर 14 सितम्बर 2022(घटती-घटना)। उदयपुर क्षेत्र के ग्राम परसा,हरिहरपुर, साल्हि मैं ज्यादा दिन नहीं हुए जब इस क्षेत्र के ग्रामीण विकास की मुख्यधारा से बिल्कुल ही पीछे थे। खासतौर से यहां की ग्रामीण महिलाएं जिन्हें घर के बाहर क्या काम किया जा सकता है इसका अंदाजा ही नहीं था।
राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) और अदाणी फाउंडेशन की पहल से पिछले 10 सालों में जहां सरगुजा के इस परसा गाँव के किसानों ने कृषि के आधुनिक तकनीकों को सीखकर आज आर्गेनिक फार्मिंग को अपनाकर शहरी उपभोक्ताओं को उन्नत किस्म के खाद्यान तथा सबि्ज़यां मुहैया करा अपनी आमदनी को दुगना किया वही अब यहां की महिलाओं का आत्मविश्वास आर्थिक विकास की नई सुबह की अंगड़ाई ले रहा है।
अदानी फाउंडेशन के प्रशिक्षण के बाद आत्मनिर्भर बनी महिलाएं आज गांव में कई काम कर रहे हैं।
ग्राम परसा स्थित महिला उद्यमी बहुउद्देशीय सहकारी समिति (मब्स) की महिलाओं द्वारा सिर्फ मसाला प्रसंस्करण इकाई में गत वर्ष डेढ़ करोड़ का टर्न ओवर प्राप्त किया। लगातार बढ़ते आत्मविश्वास को लेकर आज महिलाएं किसी के भी सामने सिर उठाकर खड़ी रह सकती हैं मसाला प्रसंस्करण इकाई की ऑपरेशन है रीना देवी देवांगन व महिला उद्यमी बहुउद्देशीय सहकारी समिति के अध्यक्ष अनीता सिंह ने कहा कि वर्ष 22- 23 में उनके द्वारा ढाई करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ साथ आप भी राइस मिल और मास्टर ऑयल बनाने का भी काम शुरू करने की दिशा में लगभग काम शुरू कर चुकी है। इसके अलावा डेयरी के क्षेत्र में महिला उद्यमी बहुउद्देशीय सहकारी समिति के उपाध्यक्ष वेद मति उईके, व जैविक खाद प्रसंस्करण के क्षेत्र में मीना बघेल का कार्य भी लोगों के लिए एक मिसाल के समान है। डेयरी से जहां हर माह महिलाएं आर्थिक लाभ कमा रहे हैं वही जैविक खाद से आसपास के क्षेत्र में जैविक कृषि को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा महिलाओं के द्वारा हैंडवाश, फिनाइल का भी निर्माण किया जा रहा है।
सेनेटरी पैड में साल का 15 लाख का टर्नओवर
आरआरवीयूएनएल और अदाणी फाउंडेशन द्वारा सामाजिक उत्थान के तहत ना सिर्फ माहवारी सुरक्षा अभियान और स्वछता जागरूकता के लिए ग्राम हरिहरपुर, साल्हि, घाटबर्रा तथा फत्तेपुर में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बल्कि महिला उद्यमी बहुउद्देशीय सहकारी समिति के द्वारा सेनेटरी पैड बनाए जाने का भी काम शुरू किया गया। सेनेटरी पैड की ऑपरेशन हेड रजनी श्रीवास्तव ने बताया कि उनके हर साल का टर्नओवर 15 लाख है।
समूह में ढाई सौ महिलाएं, उनसे जुड़े परिवार व अन्य महिलाएं भी विकास से जुड़ी
क्षेत्र के विकास और यहां के लोगों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने जिस प्रकार का कार्य पिछले कुछ वर्षों में
आरआरवीयूएनएल और अदाणी फाउंडेशन द्वारा किया गया यह उस क्षेत्र में जाकर देखने से ही स्पष्ट होता है। पूरी तरह से प्रशिक्षण पाकर महिला उद्यमी बहुउद्देशीय सहकारी समिति में आज लगभग ढाई सौ महिलाएं हैं। यह सभी महिलाएं अलग-अलग काम करती हैं। इस काम के एवज में उन्हें वेतन भी मिलता है। यही नहीं इन ढाई सौ महिलाओं से अलग जो महिलाएं इन से अलग से जुड़ी है उनको भी रोजगार प्राप्त हो रहा है।
बच्चों को भी दे पा रहे अच्छी शिक्षा
इन्हीं महिला समूह के द्वारा क्षेत्र में नौनिहाल शिक्षा आवासीय आश्रय भी खोला गया है। इनमें आस-पास के गांव कि जो समूह की महिलाएं हैं उनके बच्चे रहकर पढ़ाई करते हैं। इस आवासीय आश्रम में उन्हें शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद व अन्य शिक्षा के लिए टीचर भी रखा गया है।


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