- क्या भंवरलाल की बढ़ती संपत्ति के पीछे किसी वन विभाग के अधिकारी का है हाथ।
- वन विभाग के अंदर भंवरलाल का बड़ा नाम,आखिरी यह नाम कैसे हुआ बड़ा?
- वन विभाग के डिपो में क्या कर रहा ठेकेदार का मशीन व ट्रक?
- वर्तमान एसडीओ के आवास के समीप डिपो में खड़ड़े मशीन व ट्रक किसी वन विभाग के अधिकारी का ही तो नहीं?

-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 06 सितम्बर 2022 (घटती-घटना)। कोरिया वन मंडल में जितना बड़ा नाम रेंजर से एसडीओ बने अखिलेश मिश्रा का नहीं है उससे बड़ा नाम एक भंवरलाल नाम के व्यक्ति का आता है आखिर यह भंवरलाल कौन है कहां का है और कब से अपनी पैठ जमा रहा है और इसके पीछे किस अधिकारी का हांथ है यह एक बड़ा सवाल है पर सूत्रों की माने तो भंवरलाल के नाम पर वन विभाग में सारे काम किए जाते हैं, इसी के नाम पर बड़ी-बड़ी मशीनें व गाडç¸यां है जो वन विभाग किराए पर लेता है जबकि इसके अलावा भी कई लोगों के पास जिले में मशीन व गाडç¸यां मौजूद है पर वन विभाग उसे किराए पर ना लेकर आखिर इस व्यक्ति के नाम पर ही क्यों किराए पर लेता है? यह एक बड़ा सवाल है, वही इस बीच एक और जानकारी सूत्रों से आई है इस व्यक्ति के नाम पर गजब की संपत्ति अर्जित हो रही है और उस संपत्ति के पीछे किसी वन विभाग के अधिकारी का हाथ बताया जा रहा है अब इस व्यक्ति का आय से ज्यादा संपत्ति की जांच की जाए तो खुल सकते हैं कई राज पर कौन करेगा इस व्यक्ति के संपत्ति की जांच?
बता दें कि यदि बैकुंठपुर वन मण्डल में भंवरलाल के विषय मे जांच में बड़ा खुलासा हो सकता है वहीं भंवरलाल को बैकुंठपुर में जानने वाले बहोत ही कम लोग हैं, बताया तो यह भी जाता है कि बैकुंठपुर वन मण्डल के एक एसडीओ के पास व उनके रिश्तेदारों के पास जो चार पहिया गाçड़यां हैं वह भंवरलाल के नाम से ही रजिस्टर्ड हैं। भंवरलाल बैकुंठपुर वन मण्डल में एक जाना माना नाम भले है लेकिन उसका परिचय बताने वाला कोई नहीं है। जैसा कि सूत्रों का कहना है कि भंवरलाल के नाम पर ही कई मशीनें कई वाहन ऐसे हैं जो वन विभाग में ही उपयोग किए जा रहें हैं, जबकि बैकुंठपुर में ही कई ऐसे मशीनों व वाहन के मालिक हैं जिनके पास भी वन विभाग में काम करने के लिए वाहन व मशीनें उपलब्ध हैं लेकिन उनको काम नहीं दिया जाता सभी काम भंवरलाल को मिल जाता है जैसा सूत्रों का कहना है।
कोरिया वन मंडल में सिर्फ मशीन व गाड़ी किराए पर देने वाला क्या एक ही व्यक्ति है?
कोरिया जिले के वल मंडल में क्या एक ही व्यक्ति किराए पर वाहन देने वाला है? क्या और कोई बड़ा व्यक्ति कोरिया जिले में नहीं जो वाहन व गाडç¸यां वन विभाग को सस्ते दामों पर किराए में उपलब्ध करा सके? क्योंकि एक ही नाम से लगभग बिल निकाले जाते हैं ऐसी जानकारी सूत्रों से मिल रही है गाड़ी की संख्या भी जो बढ़ रही है वह भी समझ के परे है, आनंदपुर नर्सरी से लेकर बैकुंठपुर के फॉरेस्ट डिपो तक में मशीन व गाडç¸यां काफी संख्या में खड़ी है आखिर इतनी मशीनें व गाडç¸यां किसकी है क्या वन विभाग द्वारा जप्त की गई हैं या फिर वन विभाग में किराए पर इस्तेमाल होने वाली गाडç¸यां है और यदि यह इस्तेमाल होने वाली गाडç¸यां हैं तो आखिर इसकी रक्षा विभाग क्यों कर रहा? क्या गाड़ी मालिक या मशीन मालिक इसकी रक्षा करने में सक्षम नहीं, बताया जाता है जिसके नाम से बिल निकाला जा रही है व्यक्ति राजस्थान का है पर पिछले कई सालों से कोरिया जिले के वन मंडल में अपनी पैठ जमा हुआ है और आखिर इस पेठ के पीछे किस अधिकारी का हाथ है यह तो जांच का विषय है।
आखिर वन विभाग परिसर में खड़ड़ी वाहन एवम मशीनें किसकी
वन विभाग परिसर बैकुंठपुर में अभी हाल फिलहाल में कई वाहन व मशीनें खड़ी हैं, अब यह सवाल उठता है कि यह वाहन और मशीनें किसकी हैं जिसको वन विभाग संरक्षण प्रदान कर रहा है और एक तरह से पार्किंग की व्यवस्था दे रहा है, कहा जा रहा है यह वाहन भंवरलाल का हो सकता है और यह वही भंवरलाल है जिसे कोई नहीं जानता और जो एसडीओ फारेस्ट का खास है।
एसडीओ के रिश्तेदारों के नाम की जगह उनकी गाçड़ड़यां भंवरलाल के नाम पर
जैसा कि बताया जा रहा है कि बैकुंठपुर के फारेस्ट एसडीओ के कई रिश्तेदारों के पास महंगी महंगी गाçड़या हैं और उनके स्वयं की भी गाड़ी भंवरलाल के नाम पर परिवहन विभाग में रजिस्टर्ड है। अब सवाल यह उठता है कि एसडीओ फारेस्ट व उनके रिश्तेदारों को महंगी महंगी गाड़ी भंवरलाल ने क्यों खरीदकर चढ़ने के लिए दी है। आखिर क्या वजह है कि उसने ढेर सारी गाçड़यों को दूसरों को उपयोग करने को दे रखा है।