नई दिल्ली, 06 सितम्बर 2022। केद्र सरकार ने एयरपोर्ट से सीआईएसएफ के 3 हजार से अधिक पोस्ट को खत्म कर दिया है। अब उनकी जगह हवाईअड्डो पर गैर-सवेदनशील ड्यूटी निजी सुरक्षा गार्ड करेगे। नागर विमानन मत्रालय तथा गृह मत्रालय की तरफ से सयुक्त रूप से तैयार 2018-19 कार्य योजना को अब देश भर के 50 असैन्य हवाईअड्डो पर लागू किया जा रहा है। इसका क्रियान्वयन नागर विमानन सुरक्षा बयूरो और केद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल मिलकर करेगे। विमानन सुरक्षा के नियामक सगठन बीसीएएस की योजना के मुताबिक, सीआईएसएफ के कुल 3,049 विमानन सुरक्षा पदो को खत्म कर दिया गया है और उनकी जगह पर 1,924 निजी सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएगे। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे और सामान के स्कैनर जैसी स्मार्ट निगरानी तकनीको का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा, इस नए सुरक्षा ढाचे से विमानन क्षेत्र मे 1,900 से अधिक नौकरिया पैदा होगी। इससे सीआईएसएफ के मानव ससाधन भी बढ़ेगे जिससे यह बल सुरक्षा दायरे मे आने वाले नए हवाईअड्डो और मौजूदा हवाईअड्डो पर सुरक्षा ड्यूटी की बढ़ती जरूरतो को पूरा कर सकेगा। उन्होने कहा कि इस व्यवस्था से हवाईअड्डो के सचालको का विमानन सुरक्षा पर होने वाला खर्च भी कुछ कम होगा। एक विश्लेषण मे पाया गया है कि कई गैर-सवदेनशील कामो के लिए सशस्त्र सीआईएसएफ जवानो की जरूरत नही है और ऐसे काम निजी सुरक्षाकर्मी भी कर सकते है जबकि कुछ क्षेत्रो मे सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी की जा सकती है।
बीसीएएस के सयुक्त महानिदेशक जयदीप प्रसाद ने कहा कि निजी सुरक्षा एजेसियो और उनके कर्मियो को मजूरी बीसीएएस देगा और वे विमानन सुरक्षा के लिए बने नियमो से सचालित होगे। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि दिल्ली, मुबई तथा अन्य हवाईअड्डो पर गैर-सवदेनशील ड्यूटी के लिए निजी सुरक्षाकर्मी लगाए गए है। इनमे कतार प्रबधन, एयरलाइन कर्मियो और यात्रियो को सुरक्षा सहायता और टर्मिनल क्षेत्र के भीतर कुछ स्थानो पर निगरानी जैसे काम शामिल है। इसके साथ ही अधिकारी ने यह साफ किया कि हवाईअड्डा मे प्रवेश पर यात्रियो के विवरण की जाच, यात्रियो की जाच, तोड़फोड़-रोधी अभियान, आगे की जाच और सभी आतकवाद-रोधी सेवाए सीआईएसएफ पहले की ही तरह देती रहेगी।
