भगवत,नड्डा समेत आरएसएस के 37 आनुषगिक सगठनो की बनेगी आगामी कार्ययोजना
रायपुर, 26 अगस्त 2022। राजधानी रायपुर अगले महीने तीन दिनो तक भाजपा और आरएसएस के राष्ट्रीय लीडरो का केद्र बिदु रहेगी। पहली बार आरएसएस की तीन अहम् बैठको मे से सबसे खास समन्वय बैठक रायपुर मे आयोजित होने वाली है। यह बैठक सितम्बर महीने की 10, 11 और 12 तारीख को रायपुर के माना एयरपोर्ट के पास जैनम मानस भवन मे होगी। इसमे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा व राष्ट्रीय सगठन महामत्री बीएल सतोष भी तीन दिन का समय बिताएगे। सारे पदाधिकारी 9 सितबर तक पहुच जाएगे। सभी के रहने की व्यवस्था जैनम मे ही होगी 2018 के चुनाव मे बस्तर, सरगुजा ही नही, बल्कि जशपुर से भाजपा पूरी तरह साफ हो गई थी। आरएसएस के सभी सगठनो की अपनी अलग कार्ययोजना होती है, लेकिन यह माना जाता है कि इन कार्यो का लाभ भाजपा को मिलता है। इसके विपरीत 2018 के चुनाव मे आरएसएस की नाराजगी की बात सामने आई थी, जिसकी वजह से भाजपा को तगड़ी हार का सामना करना पड़ा था। समन्वय बैठक मे इन बिदुओ पर बात होगी कि आरएसएस ने क्या सुझाव दिए थे और भाजपा ने क्यो अनदेखी किया और आगामी चुनाव के लिए सभी दलो के समन्वय से पराजय को जीत मे तबदील करने के लिए क्या करे।
क्या क्या होगा तीन दिन
सघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक पहली दफा राजधानी रायपुर मे रखी गई है। सर सघ चालक मोहन भागवत के साथ सघ परिवार के 37 आनुषागिक सगठनो के 200 से ज्यादा अखिल भारतीय पदाधिकारी आगामी कार्ययोजना पर मथन करेगे। यह बैठक 10, 11 व 12 सितबर को एयरपोर्ट के सामने स्थित जैनम मानस भवन मे होगी। इसमे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्?डा व राष्ट्रीय सगठन महामत्री बीएल सतोष भी तीन दिन का समय बिताएगे। सारे पदाधिकारी 9 सितबर तक पहुच जाएगे। सभी के रहने की व्यवस्था भी यही की गई है। स्थानीय स्वयसेवक जो व्यवस्था मे रहेगे, उनके अलावा किसी को भी भीतर जाने की अनुमति नही होगी। आरएसएस के पदाधिकारियो के मुताबिक सभी आनुषागिक सगठनो के प्रमुख सालभर के जो कार्य निर्धारित किए गए थे, उस पर अपनी रिपोर्ट देगे। साथ ही, बाकी सगठनो से जो अपेक्षाए थी, उस पर भी अपनी बात रखेगे। आरएसएस की यह बैठक हर साल होती है, इससे पहले यह तेलगाना और राजस्थान मे हुई थी।
