बैकुण्ठपुर @आखिर ऐसा क्या हो गया है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों व जनपद सीईओ बैकुंठपुर का तालमेल नहीं बैठ पा रहा है?

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  • जनपद सीईओ की शिकायत लेकर निर्वाचित जनप्रतिनिधि पहुंचे प्रभारी मंत्री के पास।
  • जनपद सीईओ की शिकायत करने पहुंचे जनप्रतिनिधियों के साथ ठेकेदार क्या करने पहुंचे?
  • क्या प्रभारी मंत्री को शिकायत मिलते ही तीन सालों बाद मिलेंगे 11 वें सीईओ?
  • जनपद पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सरपंच संघ ने बैकुंठपुर सीइओ को अन्यत्र हटाने प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू को शिकायत सौंपी है।
  • जनपद सीईओ बिना मूल्यांकन निर्माण कार्यों के भुगतान को सहमत नहीं हो रहे यही वजह है विरोध की,सूत्र।
  • ईमानदार छवि के डिप्टी कलेक्टर बैकुंठपुर जनपद पंचायत के हैं सीईओ।


-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 24 अगस्त 2022 (घटती-घटना)। जनपद पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सरपंच संघ ने बैकुंठपुर सीईओ को अन्यत्र हटाने प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू को शिकायत सौंपी है। प्रभारी मंत्री शिकायत को गंभीरता से लेंगे तो तीन साल छह महीने में बैकुंठपुर जनपद से 11 वें सीईओ का तबादला होना तय है, प्रभारी मंत्री से जनप्रतिनिधियों द्वारा शिकायत करना तो समझ में आता है पर जनप्रतिनिधियों के बीच में कुछ ठेकेदार भी शामिल दिखे आखिर उनकी क्या शिकायत थी यह बड़ा प्रश्न है?
जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने इससे पहले भी कई जगह शिकायत की है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे सीईओ के अडिय़ल रवैये से परेशान हैं। इससे पहले विधायक, सम्भागायुक्त, कलक्टर से शिकायत कर चुके हैं जनप्रतिनिधि, बावजूद जनपद सीईओ पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि हम किसी भी समस्या को लेकर उनके पास जाते हैं तो वे कहते हैं मैं डिप्टी कलेक्टर हूं, मेरे पास बात करने के लिए समय नहीं है। सरपंच संघ का आरोप है कि पंचायत स्तर पर जो भी विकास कार्य कराया जाता है, उसमें भी सीईओ द्वारा भारी भरकम कमिशन की मांग किया जाता है, कमिशन नहीं देने पर निर्माण एजेंसियों का काम रोक कर बेवजह परेशान किया जाता है। सरपंच संघ ने शिकायत में बताया कि सरपंचों से गलत बर्ताव एवं दुर्व्यवहार भी किया जाता है। जनपद पंचायत की दुकानों की जगहों को भी मनमानी बढ़ोत्तरी करवा दिया गया है, जिससे जनपद पंचायत को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, जिसे लेकर प्रभारी मंत्री से शिकायत करने पहुंचे जनप्रतिनिधियों के साथ पंचायत स्तर के ठेकेदारों को भी जनप्रतिनिधियों के साथ देखा गया और यह भी कयास लगाया गया की जनपद सीईओ के कारण ठेकेदारों की भी पंचायतों में इंट्री बंद है और यह भी एक वजह शिकायतों की है, इस दौरान जनपंद अध्यक्ष सौभाग्यवती सिंह कुसरो, उपाध्यक्ष आशा महेश साहू, जनपद सदस्य प्रमिला सिंह, चांदनी सोनी, रामा शंकर, रामचन्द्र राजवाड़े, दिनेश चेरवा, पारस राजवाड़े, सरपंच संघ से लाल सिंह, शिवमंगल सिंह, पिताम्बर सिंह, तुलेश्वर सिंह, प्रताप सिंह आदि शामिल थे।
जनप्रतिनिधियों की सहमति नहीं होने की बात
पूरे मामले में सरपंच संघ एवम जनप्रतिनिधियों ने जनपद सीईओ पर जनपद पंचायत के सामने की दुकानों का आकार बढ़ाने का भी आरोप लगाया है, जिसमें जनप्रतिनिधियों की सहमति नहीं होने की बात सामने आ रही है, जबकि पूरे मामले में जनप्रतिनिधियों की राय ली गई है यह भी बताया जा रहा है, कुल मिलाकर यदि देखा जाए तो सीईओ को जनपद के व पंचायत के जनप्रतिनिधियों की बातें सुननी चाहिए।
दूसरा पक्ष का माने तो जनपद सीईओ को ईमानदार छवि का बताता है
वहीं पूरे मामले में एक दूसरा पक्ष भी सामने आया है जो जनपद सीईओ को ईमानदार छवि का बताता है और जैसा कि बताया जा रहा है कि जनपद सीईओ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उसकि पूर्णता को लेकर गंभीर हैं और वह बिना कार्य पूर्ण हुए या गुणवत्ताविहीन कार्यों के भुगतान को लेकर तैयार नहीं होते हैं और यही वजह है जिसके कारण उनका विरोध हो रहा है। वहीं यह भी कहा जा सकता है कि यदि जनप्रतिनिधियों द्वारा सीईओ से गलत कार्यों पर सहमति के लिए दबाव बनाया जा रहा है तो तब यह विरोध गलत है, वैसे बैकुंठपुर जनपद पंचायत का सीईओ पद प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर के लिए आरक्षित पद है और यही वजह है कि यहां सीईओ का बारबार बदल जाने का दौर आम बात है, अब प्रभारी मंत्री शिकायतों पर क्या निर्णय लेते हैं, क्या जनपद सीईओ को बदलते हैं या नहीं बदलते हैं यह तो सामने समझ मे आएगा ही लेकिन पूरे मामले की जांच की जानी चाहिए क्योंकि कई पंचायतों में निर्माण कार्य पूर्ण किये बगैर राशि आहरण कर लिए जाने की बात भी सामने आती रहती है और यदि जनपद सीईओ उसपर लगाम लगा रहें हैं तो उन्हें गलत नहीं ठहराया जा सकता है।
वर्तमान सीइओ तीन महीने से कार्यरत हैं इन्हें भी हटाने की कवायद शुरू
जनपद पंचायत बैकुंठपुर में राजनीति हावी होने के कारण साढ़े तीन साल में 10 जनपद सीइओ बदल दिए गए हैं, वहीं 11 वां सीइओ का तबादला करवाने दांव पेंच की रणनीति बनी है, बैकुंठपुर में 8 जनवरी 2019 से 2 मई 2022 तक कुल 10 जनपद सीइओ कार्य कर चुके हैं। यानी महज तीन साल छह महीने में 10 जनपद सीइओ बदल दिए गए। वहीं 2 मई 2022 से 11 वां सीइओ कार्यरत हैं। जिससे महज तीन महीने कार्य कराने के बाद अन्यत्र तबादला कराने प्रभारी मंत्री तक शिकायत पहुंची है। जनपद बैकुंठपुर राजनीति का अखाड़ा जैसा है और जनपद में कामकाज पटरी पर नहीं लौट पा रहा है, कई ग्राम पंचायतों में मिली वित्तीय अनियमितता की शिकायतों की जांच लंबित है, गौरतलब है कि जिला गठन के 24 साल में जनपद पंचायत बैकुंठपुर में कुल 27 सीइओ कार्य कर चुके हैं। लेकिन 21 साल में 17 सीइओ बदले गए हैं। जिसमें महज साढ़े तीन साल में 10 सीइओ बदल चुके हैं। वहीं 11 वां जनपद सीइओ का अन्यत्र तबादला कराने दांव-पेंच शुरू कर दिया गया है।


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