सुप्रीम कोर्ट के जज को भी दिया ऑफर
नई दिल्ली, 19 अगस्त 2022। अपनी बनाई दवाए लिखने के लिए राजी करने के लिए फार्मा कपनिया लबे समय से डॉक्टरो को गिफ्ट देती आ रही है, लेकिन अब ये मामला इतना बढ़ गया है कि सुप्रीम कोर्ट मे सुनवाई की जा रही एक याचिका मे कहा गया है कि गिफ्ट देने वाली फार्मा कपनियो को अब इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। याचिका मे उदाहरण के लिए बुखार के लिए उपयोग होने वाली एक टैबलेट डोलो-650 का हवाला दिया गया और कहा गया है कि इसको बनाने वाली कपनी ने केवल फ्री गिफ्ट मे 1000 करोड़ रुपये खर्च किया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस डीवाई चद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने इसे ‘गभीर मामला’ बताया और केद्र सरकार से 10 दिनो के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। न्यायमूर्ति डीवाई चद्रचूड़ ने कहा कि ‘ऐसी बात सुनना अच्छा नही लगता है। यहा तक ??कि मुझे भी वही दवा लेने के लिए कहा गया था, जब मुझे कोविड था। यह एक गभीर मामला है। सुप्रीम कोर्ट मे ये याचिका फेडरेशन ऑफ मेडिकल एड सेल्स रिप्रेजेटेटिव एसोसिएशन ऑफ इडिया ने दायर की थी। फेडरेशन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सजय पारिख ने कहा कि डोलो ने डॉक्टरो को गिफ्ट देने मे 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किया जिससे वे दवा की सेल को बढ़ावा दे।
याचिका मे कहा गया है कि इन तरीको से न केवल दवाओ का ज्यादा उपयोग होता है, बल्कि यह रोगियो के स्वास्थ्य को भी खतरे मे डाल सकता है। इस तरह का भ्रष्टाचार बाजार मे महगी या बेकार दवाओ की खपत को भी बढ़ाता है। याचिका मे कहा गया है कि मौजूदा नियमो की स्वैच्छिक प्रकृति के कारण फार्मा कपनियो का अनैतिक व्यवहार फल-फूल रहा है। यहा तक कि कोविड महामारी के दौरान भी ऐसे कई मामले सामने आए थे।
