अम्बिकापुर, 18 अगस्त 2022 (घटती-घटना)। सरगुजा जिले के मैनपाट तहसील कार्यालय के राजस्व अधिकारियों का कारनामा सुर्खियों में है। यहां एक जीवित महिला को राजस्व विभाग के आरआई (राजस्व अधिकारी) और पटवारी ने जीवित महिला को मुर्दा घोषित कर दिया है। दरअसल मैनपाट तहसील के अंतर्गत आने वाले अमगांव गांव के आश्रित पारा ढ़ोहाडीह में नोहरीबाई नाम की महिला की पुर्वजों की जमीन है। .इस जमीन पर अपना अधिकार पाने के लिए महिला (नोहरी बाई) ने अपने बेटे के साथ मिलकर तहसील कार्यालय में सीमांकन की अर्जी लगाई थी। लेकिन जब महिला और उसके बेटे को नोहरी बाई के मृत होने और परिवार पलायन की जानकारी मिली. तो उनके पैरो तले की जमीन खिसक गई। इसे लापरवाही कहे या मिलीभगत ज़मीन सीमांकन की अर्जी पर रिवेन्यू इंस्पेक्टर (आर आई) और पटवारी ने दूसरे पारा के भोले भाले ग्रामीणों से दस्तखत करा कर नोहरी बाई के मृत होने के पंचनामा बना लिया और जीवित महिला को सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया। लेकिन जब ग्रामीणों की इसकी जानकारी मिली तो वो भी जीवित महिला नोहरीबाई को देख कर दंग रह गए। ग्रामीणों ने बताया कि पटवारी और आर आई हमारे पारा में ज़मीन सीमांकन के लिए आए थे जहां पर उनसे दस्तखत कराया गया। लेकिन ये दस्तखत क्यों करा रहे हैं हम भी समझ नहीं पाए।।वहीं सीतापुर एसडीएम ने जीवित महिला को मृत घोषित करने वाले दोषी आर आई और पटवारी पर कार्रवाई की बात कही है। जीवित महिला को मृत घोषित करने का ये कारनामा आर आई और पटवारी की मिलीभगत को उजागर करता है। अब इन्होंने ऐसा किसके दबाव में किया..और क्यों किया ये जांच का विषय है। बहरहाल एसडीएम ने मामले में दोषी लोगों पर कार्रवाई करने का हवाला दिया है। लेकिन देखने वाली बात होगी क्या महिला को इंसाफ मिलेगा.या फिर दफ्तरों में अपने जीवित होने की अर्जी लगाते रह जाएगी।
