कर्नाटक , 17 अगस्त 2022। कर्नाटक के शिवमोगा मे स्वतत्रता दिवस पर स्थानीय आमिर अहमद सर्कल पर वीर सावरकर और मैसूर के शासक टीपू सुल्तान का पोस्टर लगाने को लेकर दो गुटो के बीच विवाद के कारण इलाके मे तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है. इसी के मद्देनजर शिवमोगा मे धारा 144 लागू है. इस दौरान पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने फ्लैग मार्च किया.
वीर सावरकर और टीपू सुल्तान के पोस्टर से विवाद
बता दे कि टीपू सुल्तान के अनुयायियो के एक समूह ने 15 अगस्त को शहर के अमीर अहमद सर्कल मे टीपू सुल्तान के बैनर लगाने के लिए वीडी सावरकर के बैनर हटाने की कोशिश की थी. इसके बाद इलाके मे तनावपूर्ण माहौल बन गया. इसके बाद पुलिस को इलाके मे कर्फ्यू लगा दिया है. वही, शिवमोगा के डीसी आर सेल्वमणि ने मगलवार को शिवमोगा शहर और भद्रावती शहर की सीमा मे स्कूल और कॉलेज बद करने का भी आदेश जारी किया. उन्होने कहा कि इन दोनो जगहो पर 18 अगस्त तक कर्फ्यू लागू रहेगा. फिलहाल तनाव के बाद स्थिति नियत्रण मे है.
ईश्वरप्पा का आरोप, शिवमोगा मे साम्प्रदायिक तनाव बढ़ा रहे है कुछ मुस्लिम गुडे
वही, मगलवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता केएस ईश्वरप्पा ने शिवमोगा मे साप्रदायिक तनाव के लिए कुछ मुस्लिम गुडो पर आरोप लगाया और यह कहते हुए उन्हे चेतावनी दी कि हिदू समाज को कमजोर नही समझा जाना चाहिए और यदि पूरा समुदाय एकसाथ खड़ा हो जाए तो वे बच नही पाएगे. ईश्वरप्पा ने त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस की सराहना करते हुए मुस्लिम समुदाय के वरिष्ठो से अपने बच्चो का मार्गदर्शन करने का आग्रह किया, जिन्होने गलत रास्ता चुना है. उन्होने कहा कि सरकार शाति बनाए रखने के लिए सभी प्रयास कर रही है, मै यह नही कह रहा हू कि सभी हिदू और मुस्लिम ऐसी चीजो मे शामिल है. हिदू समाज मजबूत है, कमजोर नही है. यदि हिदू समाज वास्तव मे खड़ा हो जाए, तो मुस्लिम गुडे नही बच पाएगे, लेकिन हिदू कानून को अपने हाथ मे नही लेना चाहते और चाहते है कि सरकार कार्रवाई करे।
