कौन है राकेश सचान?
राकेश सचान कानपुर के रहने वाले है। उन्होने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत समाजवादी पार्टी से की थी। घाटमपुर विधानसभा से वह 1993 और फिर 2002 मे विधायक चुने गए। 2009 मे उन्होने फतेहपुर सीट से लोकसभा चुनाव जीता। 2022 विधानसभा चुनाव से पहले वह काग्रेस छोड़कर भाजपा मे शामिल हो गए। इस वक्त वह कानपुर देहात की भोगनीपुर सीट से विधायक है। इसके अलावा योगी कैबिनेट मे खादी ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा और वस्त्रोद्योग मत्री है।
लखनऊ, 07 अगस्त 2022। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व मे दोबारा सत्ता मे आई उत्तरप्रदेश की भाजपा सरकार को घेरने के लिए विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। दर असल उत्तर प्रदेश मे योगी आदित्यनाथ सरकार के दो बड़े मत्री राकेश सचान और सजय निषाद बुरी तरह से फस गए है। दोनो पर अलग-अलग मामले मे गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। सजय निषाद के खिलाफ गोरखपुर की सीजेएम कोर्ट ने गैर जमानती वारट जारी किया है। वही, राकेश सचान को 31 साल पुराने एक मामले मे कोर्ट ने दोषी ठहराया है। आरोप ये भी है कि कोर्ट मे सजा सुनाए जाने से पहले ही मत्री भाग खड़े हुए। इस मामले मे भी उनके खिलाफ कोर्ट की पेशकार ने एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर दी है।
राकेश सचान पर क्या आरोप लगे है? राकेश सचान इस वक्त योगी कैबिनेट मे खादी ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा और वस्त्रोद्योग मत्री है। मत्री राकेश सचान को 31 साल पुराने अवैध असलहा रखने के एक मामले मे कोर्ट ने दोषी ठहराया है। इसके बाद अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट-3 कोर्ट राकेश सचान को सजा सुनाती, इससे पहले वह अपने वकील की मदद से सजा के आदेश की मूल प्रति लेकर फरार हो गए। अब कोर्ट की रीडर ने मत्री पर एफआईआर के लिए कोतवाली मे तहरीर दी है।
मामला सामने आते ही समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर हमला बोल दिया। समाजवादी पार्टी के नेता भूपेद्र श्रीवास्तव पीयूष ने कहा है कि भाजपा सरकार के मत्री अपराधी है। उन्होने सीएम योगी से पूछा कि क्या वह अपने मत्री के घर पर बुलडोजर चलवाने का काम करेगे?
सजय निषाद के खिलाफ क्या है मामला – राकेश सचान के बाद कैबिनेट मत्री सजय निषाद भी कानूनी फेर मे फस गए है। गोरखपुर की सीजेएम कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारट जारी किया है। उन्हे गिरफ्तार कर 10 अगस्त तक कोर्ट मे पेश करने के लिए दिए आदेश जारी हुआ है। ये मामला 2015 का है। निषाद आरक्षण आदोलन के दौरान उग्र होने पर सजय निषाद और कुछ अन्य लोगो पर मुकदमा दर्ज हुआ था। सजय निषाद के ऊपर भीड़ को भड़काने का आरोप है।
इसको देखते हुए अब अदालत ने गोरखपुर की सीजेएम कोर्ट ने गैर जमानती वारट जारी किया है।
आरोप है कि 2015 मे सरकारी नौकरियो मे निषाद जाति को आरक्षण देने की माग को लेकर सहजनवा थानाक्षेत्र के कसरवाल मे आदोलन चल रहा था। इस दौरान भीड़ हिसक हो गई थी। इस आदोलन मे गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। आरोप लगा कि पुलिस की गोली से उसकी मौत हुई है। इसके बाद आदोलन और उग्र हो गया था। आदोलनकारियो ने पुलिस की कई गाडि़यो को आग के हवाले कर दिया था। इस दौरान वहा मौजूद सजय निषाद पर भीड़ को भड़काने का आरोप लगा था। इसके बाद उन्होने 21 दिसम्बर 2015 को कोर्ट मे सरेडर किया था। जिसके बाद वो जेल भेज दिए गए थे। 2016 मे वो जमानत पर बाहर आए थे।
