बैकुण्ठपुर@विभाजन के आंकड़े को देखकर ऐसा नहीं लगता कि कोरिया के साथ कहीं से न्याय हुआ है?

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  • सौ साल बाद पुन: दो भागों में विभाजित हुआ कोरिया:डॉ पांडेय
  • मुख्यमंत्री कहते हैं कि कोरिया को छोटा नहीं किया गया, यदि छोटा नहीं किया गया तो फिर कोरिया के साथ भेदभाव क्यों?
  • एमसीबी जिला का मुख्यालय हुआ तय, मनेंद्रगढ आईटीआईमें कलेक्ट्रेट बनेगा, 174.56 लाख से भवन का रेनोवेशन होगा।
  • नवीन जिला मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जल्द अस्तित्व में आएगा,जिसको मिला वह भी खुश नहीं जिसका गया वह भी खुश नहीं:संदर्भ कोरिया।
  • राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्रालय ने 174.56 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई, पुराने भवन का रेनोवेशन होगा।
  • कोरिया का अस्तित्व मिटाने के नाम से जाने जाएंगे कोरिया के दो विधायक व मुख्यमंत्री।


-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 31 जुलाई 2022 (घटती-घटना)। कोरिया जिले का विभाजन ठीक उसी प्रकार विवादों में है जैसा कि एक पिता की संपत्ति पर उनके बच्चों का बराबर संपत्ति का बंटवारा ना होना कुछ यही है कोरिया जिले के बंटवारे में भी बटवारा तो हुआ जिस शब्द को लेकर काफी हो हल्ला काफी आंदोलन देखे गए इस बंटवारे पर मुख्यमंत्री का कहना था कि हमने बंटवारा नहीं किया है पर सवाल यह उठता है तो फिर आखिर यह क्या हुआ? जिला बना जिले को दो भागों में करते समय दोनों को एक दृष्टि से नहीं देखा गया जिसका परिणाम यह है कि पुराने जिला ही अपेक्षित हो गया नए जिले को सब कुछ मिल गया, यदि बंटवारा होना था तो फिर बराबर होना था जो अब जिले को बनने का मुद्दा नहीं अब जिले का बराबर होने का मुद्दा गरमाने लगा है, वहीं नए जिले में मुख्यालय बनाने का मामला अलग चल रहा है एक नाम में 3 को शामिल किया गया है पर तीनों अभी भी जिले के विभाजन से तो खुश हैं पर मुख्यालय को लेकर खींचातानी जारी है।
नवीन जिला मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर का मुख्यालय चैनपुर (मनेंद्रगढ़) में बनाया जाएगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग रायपुर ने 174.56 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। जिससे मनेंद्रगढ़ आईटीआई भवन का रेनोवेशन कराने के बाद कलेक्ट्रेट बनाया जाएगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग रायपुर के अवर सचिव शत्रुहन यादव के हस्ताक्षर से नवीन कलेक्ट्रेट बनाने अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण उपकर निधि से व्यय की स्वीकृति दी गई है। जिससे बुनियादी सुविधाएं विकसित सहित अन्य निर्माण कार्य कराए जाएंगे। मामले में निर्माण कार्यों का उपयोगिता प्रमाण पत्र संचालक भू-अभिलेख रायपुर को शीघ्र उपलब्ध कराने निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 15 अगस्त 2021 को मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर को नवीन जिला बनाने घोषणा की थी। फिलहाल ओएसडी प्रशासन और ओएसडी पुलिस की पदस्थापना कर दी गई है। गौरतलब है कि अविभाजित सरगुजा जिला से अलग होकर 25 मई 1998 को नवीन कोरिया जिला का गठन हुआ था। जिसका मुख्यालय बैकुंठपुर में बना है। जिसका क्षेत्रफल 5977.70 वर्ग किलोमीटर था जब अब विभाजन के बाद कम हो गया।

इतिहासकार डॉ विनय विनोद पांडेय

सौ साल बाद पुनत्नदो भागों में विभाजित हुआ कोरिया डॉ पांडेय
इतिहासकार डॉ विनय विनोद पांडेय ने नवगठित एमसीबी जिले के इतिहास का विवरण बताया है। उनका कहना है कि कोरिया रियासत में 1600 ई तक बालंदो का शासन था। 1750 के मैनुपरी के चौहान वंश के दलथम्बन शाही व धारामल शाही कोरिया पहुंचे। कोरिया में गोड़ों के बाद चौहान वंश का राज्य हुआ। वहीं ईस्ट इंडिया कंपनी के हाथों नागपुर के मोंडेजी भोसले के परास्त होने के बाद सभंवत: छत्तीसगढ़ के राज्य ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन आ गए। इसी के साथ 1818 में कोरिया रियासत भी आ गया। 24 दिसंबर 1819 में राजा गरीब सिंह के स्वीकृत करारनामा के अनुसार कोरिया राज्य 400 रुपए वार्षिक अंग्रेजों को देगा। चांगभखार कोरिया की सांमती अधीनता होने के कारण 386 रुपए कोरिया राज्य के माध्यम से कंपनी को देगा। वर्ष 1848 में एक अन्य अनुबंध के अनुसार चांगबखार रियासत देय राशि सीधे ईस्ट इंडिया कंपनी को देने लगा और कोरिया रियासत से अलग होकर चांगबखार स्वतंत्र अस्तित्व में आ गया। यहां के राजा को भैया की उपाधि से सम्मानित किया गया। अब कोरिया लगभग सौ वर्षो बाद पुन: दो भागों में बंट गया और नवीन जिले का निर्माण किया गया है। जिसका मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में बनाया गया है। उन्होंने कहा कि मनेन्द्रगढ़ का मूल नाम कारीमाटी था। क्योंकि इसके आस-पास भूमि पर कोयला का भण्डार तथा यहां की भू-भाग की मिट्टी काली थी। वर्ष 1927 में कारीमाटी में भीषण आग लग गई थी। जिससे यह क्षेत्र जलकर राख हो गया। वर्ष 1930 में रेलवे लाइन पहुंची, तब राजा ने रेल्वे स्टेशन के निकट नगर बसाने का निर्णय लिया। इस स्थान का नाम अपने तृतीय पुत्र महेन्द्र प्रताप सिंहदेव के नाम पर मनेन्द्रगढ़ कर दिया। रेलवे लाइन आने के कारण इस क्षेत्र का पर्याप्त विकास होगा। वर्ष 1936 में मनेन्द्रगढ़ को तहसील मुख्यालय बनाया गया। जनकपुर का चांगभखार रियासत से संबंध होने के कारण रियासत का नामकरण चांगदेवी के नाम पर किया गया था। यह रियासत की कुल देवी मानी गई है। चूंकि इतिहासकार कनिंधम ने कोरिया रियासत में स्थित रामगढ़ को चित्रकुट माना है। चांगभखार के मवई नदीं के तट पर एक गुफा है। जिसे सीमामढ़ी हरचौका नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि प्रभु श्रीराम के वनवास काल का पहला पड़ाव यहीं था। भरतपुर के पास सीता मढ़ी हरचौका अर्थात सीता की रसोई के नाम से प्रसिद्ध है। जिससे स्थानीय लोग इस स्थान को रामायण काल से जोड़ते है।

अनिल जायसवाल जिला उपाध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा कोरिया

विभाजन स्वच्छा दृष्टि से नहीं द्वेष की दृष्टि से किया गया जो आज विवाद का कारण है
अनिल जायसवाल जिला उपाध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा कोरिया ने कहा की विकास की दृष्टि से विभाजन अच्छा हो सकता था पर विभाजन के लिए दृष्टि साफ होने की जरूरत थी पर विभाजन साफ दृष्टि से नहीं द्वेष की दृष्टि से किया गया जो आज विवाद का कारण है जिसे मिला वह भी खुश नहीं जिसे नहीं मिला वह भी खुश नहीं जिसका गया वह भी खुश नहीं जिसे मिला वह भी खुश नहीं, इस हकीकत को समझने की जरूरत है पुराने जिले से यदि मनेंद्रगढ़ जिले को बनाना था तो उसे उतना ही देना था जितना वह चाहता था नाम में तो तीन चीजें छुपी हुई है पर खुशी तो सिर्फ एक को है और वही जिसके पास से सब कुछ चला गया वह भी दुखी जिसे मिला वह भी दुखी अब आगामी चुनाव में इसके परिणाम क्या होंगे यह भी सोचने वाली बात है।

शैलेश शिवहरे जिला उपाध्यक्ष भाजपा

जिला विभाजन में प्रदेश सरकार ने न्याय पूर्वक विभाजन नहीं किया
शैलेश शिवहरे जिला उपाध्यक्ष भाजपा ने कहा की जिला विभाजन में प्रदेश सरकार ने न्याय पूर्वक विभाजन नहीं किया, विभाजन में कहीं न कहीं द्वेष छुपी हुई है यही वजह है कि पुराने जिला को ही अलग नजर से देखते हुए जिला का विभाजन हुआ और नए जिले को सब कुछ दिया गया जबकि पुराने जिले से नया जिला टूटा है नए के पास सब कुछ पुराने के पास कुछ नहीं जो आंकड़े को देखकर समझा जा सकता है जनप्रतिनिधियों ने बटवारा तो किया पर बंटवारे में एकरूपता नहीं दिखी किसी को ज्यादा तो किसी को कम पर विभाजन कर दिया।

यह है अविभाजित कोरिया
जनसंख्या 658943
तहसील 08
रकबा 246420 हेक्टेयर
गांव 662
ग्राम पंचायत 363
पटवारी हल्का 158
ब्लॉक 05
ये है नवीन एमसीसी जिला
विवरण एमसीबी

रकबा(हे) 163087
जनसंख्या 411515
पटवारी हल्का 101
गांव 412
ग्राम पंचायत 233
तहसील 07
(कोटाडोल व बचरापोंड़ी घोषित)
ब्लॉक 03(कोटाडोल प्रस्तावित)


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