अधीर रजन चौधरी के बयान पर सत्तापक्ष का जवाबी हमला
नई दिल्ली, 28 जुलाई 2022। ससद के मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच चल रहा सियासी सग्राम गुरूवार को नए चरम पर पहुच गया। महगाई के खिलाफ लगातार नौवे दिन हगामा कर रहे विपक्ष को सतापक्ष के जवाबी हगामाखेज हमले की चुनौती का सामना करना पड़ा। राष्ट्रपति के बारे मे काग्रेस नेता अधीर रजन चौधरी के बिगड़े बोल को लेकर भाजपा सासदो का जवाबी हगामा विपक्ष के महगाई के मुद्दे को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर भारी पड़ा। हालाकि, इसके बावजूद कई विपक्षी दलो के आक्रामक तेवर नही थमे और नतीजा यह हुआ कि हगामा करने के आरोप मे विपक्ष के तीन और सासदो को राज्यसभा मे निलबित कर दिया गया। इसमे आम आदमी पार्टी के दो सासदो के साथ एक निर्दलीय सासद भी है।
वैसे सरकार और विपक्ष के बीच तीखी हुई जग के चलते दोनो सदनो की कार्यवाही कई बार ठप होने के बाद पूरे दिन नही चल पायी। लोकसभा और राज्यसभा मे विपक्ष महगाई का मुद्दा उठा ही रहा था कि अधीर के बयान को लेकर भाजपा के साथ पूरे सतापक्ष ने काग्रेस पर हमला करते हुए आक्रामक हमला बोल दिया। इसके चलते दोनो सदनो मे भारी शोर-शराबा और नारेबाजी हुई।
हगामा के बाद सदन एक घटे को किया गया था स्थगित
राज्यसभा मे सतापक्ष के वार के बीच विपक्ष महगाई पर चर्चा की माग कर रहा था। इसी दरम्यान आदमी पार्टी के सासद गुजरात मे जहरीली शराब से हुई मौतो का मामला उठाते हुए प्लेकार्ड लेकर वेल मे हगामा कर रहे विपक्षी सासदो के साथ शामिल हो गए। सभापति वेकैया नायडू ने प्लेकार्ड लेकर आने वाले सासदो को ऐसा नही करने की चेतावनी दी। हगामा के बाद सदन एक घटे के लिए स्थगति हो गया और जब दुबारा बैठक शुरू हुई तो ससदीय कार्य राज्यमत्री वी मुरलीधरन के तीन विपक्षी सदस्यो के निलबन के प्रस्ताव को उपसभापति हरिबश ने हगामे मे ही पारित करा दिया।
पक्ष और विपक्ष के बीच नही थमा था हगामा
इसके बाद हरिबश ने आप के दो सासदो सुशील गुप्ता और सतोष पाठक तथा निर्दलीय सासद अजीत कुमार भुइया को सदन की इस हफ्ते की बाकी बची कार्रवाई से निलबित किए जाने की घोषणा की। विपक्षी खेमे ने इस पर एतराज जताते हुए मतविभाजन की माग की तो उपसभापति ने सदन मे वोटिग के लिए शाति व्यवस्था कायम करने की बात कही। लेकिन पक्ष और विपक्ष के बीच हगामा नही थमा।
निलबित तीनो सदस्यो ने सदन से बाहर जाने का निर्देश नही माना तब हगामे के बीच सदन दो बजे तक स्थगित हुआ और इसके बाद पूरे दिन के लिए उच्च सदन की कार्रवाई ठप हो गई।
सतापक्ष का आक्रामक हमला पड़ा भारी
तृणमूल काग्रेस की निलबित सासद मौसम नूर सुबह रिले धरना पर बैठे अन्य सदस्यो के लिए घर से चाय लेकर आयी। लोकसभा मे भी विपक्ष ने गुरूवार को महगाई के मुद्दे को उठाते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की मगर अधीर के बयान को लेकर उद्वेलित सतापक्ष का आक्रामक हमला उस पर भारी पड़ा।
केद्रीय महिला बाल विकास मत्री स्मृति ईरानी की अगुआई मे भाजपा सासदो ने काग्रेस पर चौतरफा हमला बोला और हगामा बेहद तीखा हो गया। सदन स्थगित होने के बाद सोनिया गाधी के खिलाफ स्मृति ईरानी के आक्रामक तेवरो और व्यवहार ने सरकार और विपक्ष के बीच घमासान को कुछ ज्यादा ही तीखा कर दिया और इसके चलते लोकसभा भी कई बार स्थगति होने के बाद पूरे दिन नही चल पायी।
पिछले तीन दिनो मे विपक्ष के 23 सासदो को किया जा चुका निलबित
तीन सासदो के ताजा निलबन के बाद अब तक राज्यसभा मे पिछले तीन दिनो मे विपक्ष के 23 सासदो को निलबित किया जा चुका है। जबकि लोकसभा मे काग्रेस के चार निलबित सदस्यो की सख्या को मिलाकर मानसून सत्र मे अब तक विपक्ष के कुल 27 सासद हगामे के आरोप मे निलबित किए जा चुके है। इस बीच, विपक्ष के निलबित सासदो का ससद परिसर मे 50 घटे का रिले धरना जारी है। बुधवार रात को कुछ निलबित सासद उमसभरी गर्मी मे गाधी प्रतिमा के सामने खुले आकाश मे ही सोने को बाध्य हुए क्योकि उन्हे यहा टेट लगाने की अनुमति नही दी गई।