गणेशोत्सव के लिए मूर्तियो की ऊचाई की सीमा भी खत्म
नई दिल्ली, 22 जुलाई 2022। राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घोषणा की है कि इस साल गणेशोत्सव, जन्माष्टमी और मुहर्रम जैसे त्योहार बिना किसी कोविड-19 प्रतिबध के मनाए जाएगे. राज्य का सबसे बड़ा 10 दिवसीय सार्वजनिक उत्सव गणेशोत्सव 31 अगस्त से 9 सितबर तक मनाया जाएगा, जबकि जन्माष्टमी का उत्सव 18-19 अगस्त को और मुहर्रम 9 अगस्त को मनाया जाएगा.
राज्य शासन ने सरकारी विभागो, नगर निकायो, विभिन्न सगठनो के प्रतिनिधियो, पुलिस और अन्य निकायो के साथ बैठक के बाद बहुप्रतीक्षित घोषणाए की. जिसमे बिना किसी प्रतिबध के उत्सव मनाए जाने की घोषणा भी शामिल है. हालाकि इसे सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशो का पालन करते हुए मनाया जाएगा.
मूर्ति की ऊचाई की सीमा भी हटाई
दरअसल, महाराष्ट्र के मुख्यमत्री एकनाथ शिदे और उप-मुख्यमत्री देवेद्र फडणवीस ने आज हुई बैठक मे ये निर्णय लिया है. सीएम शिदे ने कहा कि कोविड -19 प्रतिबध हटा दिए गए है, साथ ही भगवान गणेश की मूर्तियो की ऊचाई की सीमा भी हटा दी गई है. सरकार ने सबधित निकायो को सिगल-विडो प्रारूप मे ऑनलाइन अनुमोदन प्रदान करने, पजीकरण शुल्क माफ करने और गणेशोत्सव सगठनो से गारटी पत्र देने का निर्देश दिया है.
पीओपी की मूर्ति के उपयोग से बचने निकालेगे समाधान
सरकार पीओपी के पर्यावरणीय खतरो को देखते हुए प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) द्वारा बनाई गई मूर्तियो को बदलने के लिए एक समाधान विकसित करने मे मदद करने के लिए विभिन्न सगठनो के विशेषज्ञो की एक समिति भी बनाएगी. सीएम ने कहा कि पिछले दो वर्षो से हम कोरोनावायरस के खतरे मे थे और त्योहारो को उत्साह के साथ नही मना पा रहे थे. इस वर्ष, गणेशोत्सव और जन्माष्टमी पूरे उत्साह के साथ मनाई जाएगी।
अदालत के नियमो का करना होगा पालन
शिदे और फडणवीस ने ये भी कहा कि उत्सव मनाते समय, सभी नियमो का पालन किया जाना चाहिए। लेकिन नियम अनुचित’ नही होने चाहिए और सभी जिला समारोहो की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगे. जन्माष्टमी के दूसरे दिन लोकप्रिय दही-हाडी समारोह के लिए सरकार ने कहा है कि 14 साल से कम उम्र के बच्चो की भागीदारी को छोड़कर सभी सगठनो को अदालत के नियमो का पालन करना चाहिए.