- अल्प बारिश से पिछड़ रही खेती कैसे होगा बोनी लक्ष्य पूरा यह भी चिंता का विषय।
- धान का रकबा 18500 हेक्टेयर घटाया कोदो-कुटकी व रागी का 850 बढ़ाया।
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 18 जुलाई 2022 (घटती-घटना)। सरकार ने जहां खरीफ फसलों के रकबा में जोड़ घटाव किया है जिसमें धान के रकबा को कम कर बाकी को बढ़ाया है इसके बावजूद जो लक्ष्य मिला है उस लक्ष्य पर अल्प बारिश का भी साया मंडरा रहा है अभी तक की स्थिति में 35 फीसदी ही बोनी हो पाई है और इसकी वजह बारिश का कम होना बताया जा रहा है औसतन वर्षा से 50 फ़ीसदी वर्षा कम है जो किसानों के लिए समस्या बनी पड़ी है किसान आसमानों के तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं की बारिश कब अच्छी होगी और कब वह धान का रोपाई कार्य पूरा कर पाएंगे।
नए विपणन वर्ष में प्रति म्टिल 2800 रुपए खरीदी करने की घोषणा के बाद अचानक धान का रकबा 18499 हेक्टेयर कटौती कर दी है। वर्ष 2022-23 में 53945 हेक्टेयर में धान की फसल होगी। हालाकि रकबा कटौती का मुख्य कारण कोदो-कुटकी व रागी को फसल को बढ़ावा देना है। लेकिन महज 850 हेक्टेयर ही रकबा बढ़ाया गया है। पिछले साल कोदो-कुटकी का रकबा 1778 हेक्टेयर, रागी 1252 हेक्टेयर निर्धारित था। मौजूदा खरीफ सीजन में कोदो कुटकी का लक्ष्य 2328, रागी 1552 हेक्टेयर लक्ष्य निर्धारित है। यह रकबा पिछले साल की अपेक्षा महज 850 हेक्टेयर बढ़ा है। वहीं दूसरी और धान का रकवा कई गुणा घटाया गया है। हालाकि किसान अपनी मर्जी से ही धान की खेती करते हैं।
इतना है फल और साग सब्जी का रकबा

कृषि विभाग ने मौजूदा खरीफ आंकड़ा 4740 हेक्टेयर अधिक है। पिछले साल निर्धारित रकबा 250 हेक्टेयर को बढ़ाकर 17727 हेक्टेयर रकबा निर्धारित है। यह रकबा अधिक है। सीजन में फल और साग सब्जी वहीं तिलहन की खेती का पिछले का रकबा कई गुणा बढ़ाया है। साल की निर्धारित रकबा 10700 हेक्टेयर को पार कर दिया गया हेक्टेयर रखा गया है। जो पिछले था। इसलिए मौजूदा वर्ष में 5000 साल की अपेक्षा 7027 हेक्टेयर रकबा अधिक है।
पिछले साल की अपेक्षा 25 फीसदी कम बारिश
जानकारी के अनुसार कोरिया में जुलाई 2022 में 225.68 साल से औसत वर्षा 293.63 मिलीमीटर रेकॉर्ड है। वहीं पिछले में 50 फीसदी से अधिक खेती साल 302.01 मिलीमीटर और 16 होती थी। पिछले दस साल के मुकाबले 23 मिलीमीटर बारिश रेकॉर्ड हुआ है। फीसदी कम और पिछले साल की कोरिया में बारिश कम होने से धान अपेक्षा 25 फीसदी कम बारिश हुई की खेती पिछड़ने लगी है। वर्तमान है। 16 जुलाई की अवधि में दस मैं धान की खेती 31 फीसदी हुई है। जबकि जुलाई के पहले सप्ताह 50 फीसदी से अधिक खेती होती है।