इजरायल, यूएस और यूएई की होगी बड़ी भूमिका
नई दिल्ली, 14 जुलाई 2022। २२ के चारो सदस्य देशो भारत, इजरायल, यूएई और अमेरिका के शीर्ष नेताओ की गुरुवार को हुई बैठक मे इस समूह के आर्थिक एजेडे पर सहमति बन गई है। इस बैठक मे यह फैसला किया गया है कि वैश्विक खाद्य सकट की सभावना को देखते हुए भारत मे दो अरब डालर की लागत से कई समग्रित फूड पार्क स्थापित किये जाएगे। यह निवेश यूएई करेगा जबकि इजरायल व अमेरिका की कपनियो की तकनीकी व दूसरी जरूरी आवश्यकताओ को पूरा करने मे अहम भूमिका होगी।
इसी तरह से एक दूसरा फैसला किया गया है कि गुजरात मे रिनीवेबल ऊर्जा (सोलर व पवन) से 300 मेगावाट का बैट्री स्टोरेज सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इस पर सभाव्यता अध्ययन के लिए अमेरिका की ट्रेड व डेवलपमेट एजेसी 33 करोड़ डालर उपलध कराएगी। चारो देशो की तरफ से जारी सयुक्त बयान मे कहा गया है कि इस तरह की परियोजनाओ की मदद से भारत को रिनीवेबल ऊर्जा सेक्टर मे एक वैश्विक हब बनाने मे मदद मिलेगी।
आइ2यू2 की यह पहली शीर्षस्तरीय बैठक थी। इसमे पीएम नरेन्द्र मोदी, इजरायल के पीएम येर लापिड, यूएई के प्रसिडेट शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने हिस्सा लिया। इस सगठन की परिकल्पना इन देशो के विदेश मत्रियो की 18 अक्टूबर, 2021 को हुई एक बैठक मे की गई थी। चारो देशो की गभीरता को इस तथ्य से समझा जा सकता है कि राष्ट्रपति बाइडन ने इजरायल व खाड़ी देशो की अपनी बहुप्रतीक्षित यात्रा के दौरान इसका आयोजन किया है।
सयुक्त बयान और बैठक के बाद चारो देशो के विदेश मत्रालयो की तरफ से अलग अलग की गई ब्रीफिग से साफ है कि अभी इस सगठन का उद्देश्य पूरी तरह से आर्थिक, खास तौर पर खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियो को देखते हुए दीर्घकालिक समाधान खोजना है।
हिद प्रशात क्षेत्र मे अमेरिका, जापान व आस्ट्रेलिया के साथ भारत पहले से ही मड (चार देशो का सगठन) का सदस्य है और अब पश्चिमी खाड़ी क्षेत्र मे भी वह अमेरिका के साथ एक बड़े एजेडे पर काम कर रहा है। भारत आइ2यू2 के अन्य सभी तीनो देशो के साथ पहले से ही रणनीतिक साझेदारी स्थापित कर चुका है।
पीएम मोदी ने अपने भाषण मे कहा कि यह सही मायने मे रणनीतिक साझेदार देशो की बैठक है। हम मित्र है और हमारे हित भी एक समान है। हमने पहली बैठक मे ही सकारात्मक एजेडा तय कर लिया है। कई क्षेत्रो की पहचान की है और इसके आगे का रोडमैप तैयार किया है। मोदी ने आगे कहा कि वैश्विक अनिश्चिताओ के बीच हमारा कॉपरेटिव फ्रेमवर्क व्यावहारिक सहयोग का एक अच्छा मॉडल भी है। मोदी ने पूरा विश्वास जताया कि चारो देश वैश्विक स्तर पर ऊर्जा व खाद्य सुरक्षा और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण योगदान देगे।
बाद मे विदेश सचिव विनय मत्रा ने बताया कि मोदी ने बैठक मे फिनटेक सेक्टर मे चारो देशो के बीच व्यापक सहयोग की जरूरत बताते हुए कहा कि सभी देशो को अपने यहा भारत मे निर्मित पेमेट गेटवे यूपीआइ के भुगतान को स्वीकार करना चाहिए।
चारो देशो ने जिन क्षेत्रो मे सहयोग की सहमति बनी है उसमे जल, ऊर्जा, ट्रासपोर्टेशन, अतरिक्ष, स्वास्थ्य व खाद्य सुरक्षा के अलावा फिनटेक भी है। इन सभी क्षेत्रो मे निजी सेक्टर के जरिए सयुक्त निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। मत्रा ने बताया कि फूड फार्क के लिए अभी गुजरात और मध्य प्रदेश राज्य का चयन किया गया है। यहा से दूसरे देशो को केला, मसाले, प्याज, चावल जैसे खाद्य उत्पादो के उत्पादन व निर्यात पर ज्यादा जोर होगा।
फूड पार्क भारतीय किसानो की आमदनी को दोगुनी करने के साथ ही भारत मे खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ाने और खाड़ी क्षेत्रो मे खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा। इस बारे मे इजरायल की तकनीकी काफी महत्वपूर्ण साबित होगी। यूएई की तरफ से होने वाले दो अरब डालर के निवेश के अलावा इजरायल व अमेरिकी कपनियो की भी बड़ी भूमिका होगी। सदस्य देशो के बीच खाद्य कारोबार की रुकावटो को दूर करने और खाद्यान्नो की गुणवाा सबधी मानको को एक जैसा बनाने पर काम होगा। यह दक्षिण एशिया से लेकर पूरे खाड़ी क्षेत्र मे खाद्य आपूर्ति से जुड़े मौजूदा सकट का समाधान निकाल सकता है।
