अम्बिकापुर, 13 जुलाई 2022(घटती-घटना)। अवधूत भगवान राम सेवा संस्थान ललमाट्टी में प्रतिवर्ष की भांति गुरु आराधना महापर्व गुरु पूर्णिमा सर्व प्रथम ध्वज पूजन सफल योनि पाठ के साथ आररंम्भ हुआ। तत्पश्चात सुंदरकांड का भी पाठ भजन मंडली द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में अंबिकापुर, बनारस, झारखंड बिहार महाराष्ट्र से अनेको आश्रम के अनुयायियों का आगमन हुआ। बाबा अवधूत कुमार राम ने अपने आशीर्वचन मे संदेश देते हुए कहा कि इस भारतवर्ष की आदिकालीन परंपरा गुरु शिष्य परंपरा रही है गुरु जब किसी को अपना शिष्य बनाता है तो वह शिष्य के जीवन का भार वहन करता है। गुरु शिष्य के जीवन में ईश्वर का वरदान है व गुरु बिना जीवन के भवसागर को पार करना अति कठिन है गुरु एक मार्गदर्शक है।
