नई दिल्ली, 13 जुलाई 2022। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद असारी ने बुधवार को इस आरोप का खडन किया कि उन्होने एक पाकिस्तानी पत्रकार को भारत मे आमत्रित किया था, जिसने आईएसआई के लिए जासूसी करने का दावा किया है। असारी ने कहा कि उनके खिलाफ मीडिया के एक तबके और भाजपा के एक प्रवक्ता द्वारा ‘‘एक के बाद एक झूठ” फैलाया जाता रहा है। उन्होने एक बयान जारी कर भाजपा द्वारा रॉ के एक पूर्व अधिकारी की टिप्पणियो के हवाले से लगाए गए इन आरोपो को भी खारिज किया कि उन्होने ईरान मे भारत के राजदूत के रूप मे राष्ट्रीय हितो से समझौता किया था।
असारी ने गौरव भाटिया के सभी दावो को नकारा
इससे पहले आज दिन मे, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पाकिस्तानी पत्रकार नुसरत मिर्जा के उस दावे को लेकर असारी और काग्रेस से स्पष्टीकरण मागा, जिसमे उसने कहा है कि उसने सप्रग सरकार के कार्यकाल मे पाच बार भारत की यात्रा की और यहा से एकत्रित सवदेनशील सूचनाए अपने देश की खुफिया एजेसी आईएसआई को उपलध कराई। भाटिया ने पाकिस्तानी पत्रकार की उस कथित टिप्पणी का भी उल्लेख किया कि उसने असारी के निमत्रण पर भारत की यात्रा की थी और उनसे मुलाकात भी की थी। असारी ने इन दावो को खारिज किया।
सरकार की सलाह पर भेजा जाता था न्योता
अपने खडन मे, असारी ने कहा, ‘‘यह एक ज्ञात तथ्य है कि भारत के उपराष्ट्रपति द्वारा विदेशी गणमान्य व्यक्तियो को निमत्रण आम तौर पर विदेश मत्रालय के माध्यम से सरकार की सलाह पर दिया जाता है।” वर्ष 2007 से 2017 तक उपराष्ट्रपति रहे असारी ने कहा, ‘‘मैने 11 दिसबर, 2010 को आतकवाद पर ‘अतरराष्ट्रीय आतकवाद और मानवाधिकारो पर न्यायविदो के अतरराष्ट्रीय सम्मेलन’ का उद्घाटन किया था। जैसा कि सामान्य प्रथा है, आयोजको द्वारा आमत्रितो की सूची तैयार की गई होगी। मैने उसे (पाकिस्तानी पत्रकार) कभी आमत्रित नही किया या उससे मुलाकात नही की।
भारत सरकार के पास सारी जानकारी है
पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि ईरान मे राजदूत के रूप मे उनका काम, हर समय तत्कालीन सरकार की जानकारी मे था। उन्होने कहा कि वह ऐसे मामलो मे राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता से बधे है और उन पर टिप्पणी करने से बचेगे। असारी ने कहा, “भारत सरकार के पास सारी जानकारी है और सच्चाई बताने वाली वह एकमात्र प्राधिकार है। यह रिकॉर्ड की बात है कि तेहरान मे मेरे कार्यकाल के बाद, मुझे न्यूयॉर्क मे सयुक्त राष्ट्र मे भारत का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया था। वहा मेरे द्वारा किया गया काम देश और विदेश मे स्वीकार किया गया है।
