सावधान: रात में लाइट ऑन करके सोने की है आदत? इन समस्याओं के हो सकते हैं शिकार, विशेषज्ञों ने किया अलर्ट

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हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली 12 जुलाई 2022। बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ आहार और अच्छी दिनचर्या के साथ पर्याप्त मात्रा में नींद लेने की आवश्यकता होती है। नींद की अवधि और गुणवत्ता में आने वाली किसी भी तरह की कमी संपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को रोजाना रात में 6-8 घंटे की निर्बाध नींद प्राप्त करने की सलाह देते है। हालांकि अच्छी नींद के लिए उपयुक्त माहौल का होना बहुत आवश्यक माना जाता है। अध्ययनों में रात में सोते समय लाइट ऑफ करके सोने की आदत को बेहतर बताया गया है। जो लोग सोते समय किसी भी तरह की रोशनी को बनाए रखते हैं उनमें नींद संबंधी समस्याओं का जोखिम हो सकता है। 
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि सोते समय प्रकाश होने के कारण कुछ प्रकार के हार्मोन्स की गतिविधि प्रभावित हो सकती है, जो अच्छी नींद प्राप्त करने में समस्याओं का कारण बन सकती है। शोधकर्ताओं ने पया कि जो लोग सोते समय लाइट ऑन करके रखते हैं, उन्हें अन्य लोगों की तुलना में हर रात कम नींद आती है। इस तरह से नींद की कमी के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है। आइए जानते हैं कि सोते समय लाइट ऑन रखने से किस तरह के नुकसान हैं?
अध्ययन में क्या पता चला?
नींद की गुणवत्ता को लेकर किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि नींद के दौरान किसी भी तरह की रोशनी होने से मस्तिष्क के लिए गहरी नींद प्राप्त करना मुश्किल हो जाता है। रात में कृत्रिम प्रकाश मेलाटोनिन नामक हार्मोन के स्तर को भी प्रभावित कर सकता है, यह हार्मोन नींद की गुणवत्ता के लिए आवश्यक मानी जाती है। मेलाटोनिन के स्तर में होने वाली समस्या के कारण कैंसर और मधुमेह सहित कई तरह की अन्य बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है।आइए जानते हैं कि रात के समय रोशनी करके सोने से शरीर को कौन-कौन से नुकसान हो सकते हैं?
कई तरह की क्रोनिक बीमारियों का जोखिम
अध्ययन से पता चलता है कि रात में लाइट ऑन करके सोने के कारण नींद में बाधा आ सकती है। अगर लंबे समय तक नींद की समस्या इसी तरह से बनी रहती है इसके कारण कई तरह की क्रोनिक बीमारियों का जोखिम हो सकता है। ऐसे लोगों में समय के साथ उच्च रक्तचाप , हृदय रोग और टाइप-2 डायबिटीज जैसी समस्या होने का जोखिम कई गुना अधिक हो सकता है।
अवसाद का बन सकता है कारण
रात में लाइट ऑन करके सोने से मस्तिष्क के कार्यों पर प्रभाव हो सकता है, जिससे दीर्घकालिक तौर पर अवसाद विकसित होने का जोखिम होता है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाली नीली रोशनी आपके मूड पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। नींद की कमी भी मूड विकार और चिड़चिड़ापन का कारण बन सकती है। जो लोग किन्हीं कारणों से पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं, उनमें समय के साथ डिप्रेशन होने का खतरा रहता है।  
बढ़ सकता है मोटापा
महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग लाइट ऑन करके सोती हैं उनमें मोटापा अधिक पाया जाता है। अध्ययन के दौरान प्रतिभागियों में 1 वर्ष में लगभग 4.5 किग्रा तक बढ़े हुए वजन की समस्या देखी गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि लाइट ऑन करके सोने से दिमाग को पूरी तरह से आराम नहीं मिल पाता है। इससे शारीरिक हार्मोन्स के स्तर में गड़बड़ी आने के कारण वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 
अस्वीकरण: घटती-घटना की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को घटती-घटना के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। घटती-घटना लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।   


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