हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली 12 जुलाई 2022। शरीर और मन दोनों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सभी लोगों को आहार और जीवनशैली पर विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। पर क्या इतना ही काफी है? हालिया अध्ययन बताते हैं कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए आहार और व्यायाम के साथ बेहतर नींद प्राप्त करना भी बहुत आवश्यक माना जाता है। नींद की अवधि और गुणवत्ता में सुधार करने से कई तरह की क्रोनिक बीमारियों के जोखिम से बचा जा सकता है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई कारणों से पिछले कुछ वर्षों में लोगों के लिए अच्छी नींद प्राप्त करना बड़ी चुनौती बन गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पहले से ही अगर आप किसी तरह की बीमारी के शिकार हैं, अधिक तनाव लेते हैं या फिर आपकी सेंडेंटरी लाइफस्टाइल है तो ये स्थितियां नींद विकारों का कारण बन सकती हैं। ऐसी स्थिति में सेहत को लेकर विशेष अलर्ट हो जाने की आवश्यकता होती है। नींद की गुणवत्ता को कैसे सुधारा जाए इसको लेकर टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने कुछ टिप्स दिए हैं, आइए इस बारे में जानते हैं।
क्या कहते हैं एलन मस्क?
एक ट्वीट में एलन मस्क ने नींद की गुणवत्ता पर जोर देते हुए इसे सुधारने के लिए दो उपाय सुझाए हैं। पहला- बिस्तर से सिर को 3-5 सेंटीमीटर की ऊंचाई पर रखें, इसके लिए आप तकिए का प्रयोग कर सकते हैं। दूसरा- सोने से तीन घंटे पहले तक कुछ भी न खाएं।
बेहतर नींद के लिए क्या है विशेषज्ञों की सलाह?
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के विशेषज्ञ कहते हैं, अगर हम कुछ बातों का ख्याल रख लें तो रात में अच्छी नींद पाना कठिन नहीं है। जो भी लोग नींद की समस्या से परेशान हैं उनके लिए ये टिप्स कारगर हो सकते हैं।
- सोने का समय निश्चित कर लें। एक ही समय पर बिस्तर पर जाएं और सुबह एक ही समय पर रोजाना उठें।
- सुनिश्चित करें कि आपका बेडरूम शांत, अंधेरा और आरामदायक तापमान वाला है।
- टीवी, कंप्यूटर और स्मार्टफोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नींद की अवधि में इस्तेमाल न करें।
- सोने से पहले हल्का भोजन ही करे। कैफीन और शराब से बचें।
- सोने से पहले वॉक करने की आदत बनाएं। दिन के दौरान शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के उपाय करने से अच्छी नींद में मदद मिल सकती है।
नींद की गुणवत्ता प्रभावित होने से खतरा
अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती है उनमें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का खतरा हो सकता है।
- नींद पूरी न होने से दिनभर सतर्कता का अभाव रहता है, काम करने का मन नहीं करता।
- रात की नींद पूरी न होने से आपको दिन में बहुत नींद और थका हुआ महसूस हो सकता है।
- नींद की कमी आपके सोचने, याददाश्त और सूचनाओं को संसाधित करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
- नींद पूरी न होने से जीवन की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक असर हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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