बेगलुरु, 11 जुलाई 2022। कर्नाटक के मुख्यमत्री बसवराज बोम्मई के बेगलुरु स्थित आवास की घेराबदी करने का प्रयास करने वाले गन्ना किसानो को सोमवार को हिरासत मे ले लिया गया। राज्य भर से हजारो गन्ना किसान अपनी मागो को पूरा करने की माग को लेकर बेगलुरु पहुचे थे। प्रदर्शनकारी 4,500 रुपये प्रति टन गन्ना, पुराने बिलो का तत्काल भुगतान और बिजली बिलो का भुगतान न करने पर कार्रवाई रोकने की माग कर रहे है।
प्रदर्शनकारियो का कहना है कि सरकार उनकी समस्याओ से आखे मूद चुकी है। उनका कहना है कि कई कैबिनेट मत्री चीनी फैक्टि्रयो के मालिक है, उन्हे गन्ना किसानो को न्याय दिलाने के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होने कहा कि सरकार ने 4 साल तक गन्ने पर राज्य सलाहकार मूल्य (एसएपी) देने की जहमत नही उठाई। राज्य किसान सघ के अध्यक्ष बड़गलपुरा नागेद्र ने कहा कि सरकार लबित बिजली बिलो को लेकर किसानो के साथ उलझी हुई है। उन्होने चुनौती देते हुए कहा, हम चाहते है कि सीएम बोम्मई इस मुद्दे को हल करे। लेकिन सभी किसानो को हिरासत मे लिया जा रहा है। किसानो को गिरफ्तार करना एक अस्थायी समाधान है।
उन्होने कहा कि जब सीएम बोम्मई माड्या जिले आएगे तो हजारो किसान विरोध करेगे और उन्हे काले झडे भी दिखाए जाएगे। किसान नेता ने कहा कि इस पर पुलिस को वहा कार्रवाई करने दे, उन्हे इसकी कोई चिता नही है। राज्य सरकार ने गन्ना किसानो से वादा किया था कि 2017 से पहले के बिजली बिल माफ कर दिए जाएगे। सरकार ने उन्हे आश्वासन भी दिया है कि बाद मे नए मीटर लगाए जाएगे और किसानो को वहा से बिजली बिलो का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
हालाकि सरकार ने अचानक से पुराने बिल जमा करना शुरू कर दिया है। इससे पहले कर्नाटक किसान सघ के अध्यक्ष दिवगत एम. डी. नजुदास्वामी ने एक आदोलन चलाया था और किसानो से बिजली शुल्क का भुगतान नही करने का आह्वान किया था। दिवगत एस. बगारप्पा ने काग्रेस के मुख्यमत्री के रूप मे अपने कार्यकाल के दौरान किसानो के बिजली बिल माफ कर दिए थे।
