लखनपुर 08 जुलाई 2022(घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के आदेश उपरांत लखनपुर थाने में प्रधान पाठक के खिलाफ धारा 420, 467, 468 ,471 ,120 (बी) के तहत लखनपुर थाने में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लखनपुर निवासी महेंद्र पाल पड़वार पिता स्व सीएल पड़वार के द्वारा ग्राम ग्राम कटिण्डा में वन अधिकार तिरंगा पट्टा भूमि को प्रधान पाठक के द्वारा षडयंत्र पूर्वक रजिस्ट्री करा लिया गया था जिसे लेकर हाईकोर्ट में आवेदक महेंद्र पाल पड़वार के द्वारा हाई कोर्ट बिलासपुर में डब्ल्यू पी सी आर नंबर 366 शद्घ 2022 विरुद्ध राकेश रजक के द्वारा ग्राम कटिण्दा लखनपुर के भूमि खसरा क्रमांक 964/3 रकबा 0.393 हेक्टेयर भूमि जो वन भूमि तिरंगा पट्टा प्रदत भूमि को राकेश रजक के द्वारा भूमि स्वामी गोवर्धन, मुरली ,विनोद बरगाह पिता स्वर्गीय चमरू बरगाह ग्राम कटिण्दा को धोखा देकर संयंत्र कर बगैर कलेक्टर महोदय के अनुमति के सन 2006-07 में रजिस्ट्री करा लिया।हाई कोर्ट बिलासपुर द्वारा 22/4 /2022 को आदेश पारित किया गया की राकेश कुमार रजक आत्माज स्वर्गीय दीनबंधु प्रसाद रजक उम्र 52 वर्ष पेशा नौकरी प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला घुईभावना विकासखंड लखनपुर जूना लखनपुर निवासी जिला सरगुजा द्वारा ग्राम कटिण्दा की भूमि को धोखाधड़ी कर रजिस्ट्री करा लिया गया। जबकि उक्त भूमि पर कलेक्टर की बिना अनुमति के उक्त भूमि को विक्रय या क्रय नहीं किया जा सकता है। वन अधिकार की मान्यता अधिनियम 2006 एवं नियत 2007, 4 था संशोधित नियम 2012 के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को अभियोग के अधीन वन भूमि के लिए वन अधिकार पत्र दिया जाता है। जिसका विक्रय नहीं किया जा सकता इसके अतिरिक्त शासन से पट्टे पर प्रदत भूमि का विक्रय छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 165 7 ख शासन के पट्टे पर प्राप्त भूमि का विक्रय कलेक्टर के अनुमति से किया जा सकता है जो कि बिना कलेक्टर के अनुमति के क्रय एवं विक्रय किया गया है। भारतीय दंड विधान की धारा 420 467 468 471 120 बी के साथ अन्य सुसंगत धाराओं के अंतर्गत दंडित करते हुए राष्ट्रीय को अवैध मानते हुए उक्त भूमि को शासकीय मद में दर्ज की जावे खरीदी बिक्री का अवैध कार्य शासकीय कर्मचारी के लिए दंनात्मक एवं अनुशासन को भंग करने का कार्य आवेदक द्वारा किया जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश डब्ल्यू पी सी आर नंबर 366 ऑफ 2022 के सूचना एवं अनुपालन को दृष्टिगत रखते हुए अनावेदक के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध करते हुए विवेचना में लिया गया है।
