बैकुण्ठपुर@इधर मुख्यमंत्री ने पटना को नगर पंचायत का दर्जा देने की बात कही उधर विरोध में हस्ताक्षरित सौंपा गया ज्ञापन

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165 लोगों के हस्ताक्षर के साथ पटना को ग्राम पंचायत रहने दिए जाने की हुई मांग।
आखिर क्यों नगरपंचायत बनाये जाने को लेकर ग्रामीणों ने किया है विरोध दर्ज।
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 04 जुलाई 2022(घटती-घटना)।
कोरिया जिले के अपने भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान ग्राम पटना पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बैकुंठपुर विधायक की मांग पर जहां पटना ग्राम पंचायत को नगरपंचायत का दर्जा देने की घोषणा की वहीं अब इस घोषणा पर विरोध भी दर्ज हो रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जहां एक तरफ फटाखे फोड़कर कुछ ग्रामवासियों ने खुशियां मनाई वहीं कुछ ने मुख्यमंत्री से ज्ञापन सौंप कर नगरपंचायत का दर्जा नहीं देने की बात कहते हुए पटना को ग्राम पंचायत ही रहने दिए जाने की वकालत की। 165 लोगों ने हस्ताक्षर कर मुख्यमंत्री को ग्राम पटना को नगरपंचायत का दर्जा नहीं दिए जाने की मांग की और अपने ज्ञापन में इसबात का उल्लेख किया कि पटना ग्राम पंचायत पटना को ग्राम पंचायत ही रहने दिया जाए।
आखिर क्या है नगर पंचायत की घोषणा का विरोध करने वाले ग्रामीणों का कहना
पटना के जिन ग्रामीणों ने नगरपंचायत की घोषणा पर अपना विरोध मुख्यमंत्री के समक्ष दर्ज किया है उनका ज्ञापन में मुख्यमंत्री से कहना है कि पटना ग्राम की 75 प्रतिशत आबादी ग्रामीण एवम खेती किसानी से आय अर्जित करने वाली आबादी है और नगरपंचायत बन जाने से ग्राम पंचायत अंतर्गत मिलने वाली सुविधाओं से ग्रामीण वंचित हो जाएंगे। ग्रामीणों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि खेत समतलीकरण, डबरी निर्माण और अन्य शासन से मिलने वाली सुविधाओं से किसान तबका वंचित रह जायेगा वहीं अन्य कई शासकीय योजनाएं जो ग्राम पंचायत में मिलती हैं वह भी बंद हो जाएंगी जिससे ग्रामीणों को नुकसान होगा।
ज्ञापन में ग्राम पंचायत पटना में उपलब्ध सुविधाओं को भी बताया गया है
मुख्यमंत्री को नगरपंचायत की घोषणा वापस लिए जाने की मांग के संबंध में सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया है की ग्राम पटना में मूलभूत सुविधाओं को लेकर कोई समस्या ग्रामीणों को नहीं है और सड़क बिजली पानी की आपूर्ति बराबर घर घर हो रही है,पटना में दो दिवस साफ़्ताहिक बाजार भी संचालित होता है और बाजार में फर्शीकरण का काम भी पूरा हो चुका है कुल मिलाकर ग्राम पंचायत में सुविधाओं का आभाव बिल्कुल नहीं है यह ग्रामीणों का कहना है।
तहसील सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी है मौजूद ग्रामीणों ने बताया मुख्यमंत्री को
ग्रामीणों ने अपने सौंपे गए ज्ञापन में जिसमे उनके द्वारा ग्राम पंचायत पटना को नगरपंचायत बनाये जाने का विरोध किया गया उस ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पटना में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित तहसील कार्यालय भी उपलब्ध है और ऐसे में विकास की दृष्टि से पटना पिछड़ा बिल्कुल भी नहीं।
सर्व आदिवासी समाज के तत्वाधान में सौंपा गया ज्ञापन
जैसा कि बताया जा रहा है कि यह ज्ञापन सर्व आदिवासी समाज की तरफ से सौंपा गया है। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री को बैकुंठपुर में आदिवासी सम्मलेन के दौरान सौंपा गया और ग्राम पंचायत पटना को नगरपंचायत नहीं बनाए जाने की मांग की गई।
मुख्यमंत्री ने विधायक से पूछा आखिर विरोध क्यों हो रहा नगरपंचायत का
सूत्रों की माने तो जब ग्राम पटना को नगरपंचायत नहीं बनाए जाने को लेकर ज्ञापन सौंपा जा रहा था तब मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विधायक से पूछा कि आखिर विरोध क्यों हो रहा है,जबकि मैंने तो सबकी सहमति जानकर घोषणा की थी, मुख्यमंत्री के प्रश्न पर विधायक ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया ऐसा भी बताया जा रहा है।
ग्रामीणों ने कुछ ग्रामों को नगरपालिका से बाहर किये जाने का उदाहरण भी दिया
मुख्यमंत्री को सौपें गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को इसबात से अवगत कराया कि बैकुंठपुर और शिवपुर चरचा नगरपालिका में पूर्व में कुछ ग्रामों को शामिल किया गया था बाद में उन ग्रामों को नगरपंचायत से बाहर किया गया जो ग्रामीणों के विरोध की ही वजह से हुआ था।


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