बागी भाजपा पार्षदो के निष्कासन की पार्टी ने की अनुशसा
महासमुद, 04 जुलाई 2022। नगर पालिका महासमुद मे काग्रेसी पार्षदो द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया। यहा के कुल तीस पार्षदो मे से एक भाजपा पार्षद हेमलता यादव अनुपस्थित रही, वही 29 पार्षदो मे से 20 ने काग्रेस के पक्ष मे मतदान किया। शेष 9 पार्षदो मे से छह के वोट निरस्त हो गए और सिर्फ तीन मत भाजपा के पक्ष मे आये।अविश्वास प्रस्ताव की इस प्रक्रिया मे भाजपा समर्थित अध्यक्ष प्रकाश चद्राकर को अपनी कुर्सी खोनी पड़ी।
स्ष्ठरू की मौजूदगी मे हुआ सम्मिलन -बीते 20 जून को काग्रेस के 10 पार्षदो ने जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर निलेशकुमार को नपाध्यक्ष प्रकाश चद्राकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए आवेदन सौपा था। जिस पर कलेक्टर ने आज चार जुलाई को सम्मिलन कराने के लिए एसडीएम भागवत जायसवाल को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया था। सम्मिलन और चुनाव की प्रक्रिया आज पालिका परिसर मे सुबह शुरू हुई। यहा लगभग 12 बजे चुनाव शुरू हुआ और साढ़े बारह बजे मतगणना हुई। और फिर परिणाम की घोषणा कर दी गई। इसके मुताबिक 29 पार्षदो मे से 20 ने काग्रेस के पक्ष मे मतदान किया। शेष 9 पार्षदो मे से छह के वोट निरस्त हो गए और सिर्फ तीन मत भाजपा के पक्ष मे आये। इस तरह भाजपा समर्थित अध्यक्ष प्रकाश चद्राकर को अपनी कुर्सी गवानी पड़ी। काग्रेस के चुनाव जीतते ही विधायक एव ससदीय सचिव विनोद चद्राकर, त्रिभुवन महिलाग अपने समर्थको के साथ पालिका पहुचे।
2 वर्ष पूर्व भारी बहुमत से जीते थे प्रकाश -आप को बता दे कि जनवरी 2020 मे भाजपा के प्रकाश चन्द्राकर ने अध्यक्ष पद की शपथ ली थी । उस समय भाजपा के 14 पार्षद , काग्रेस के 08 पार्षद, 02 जोगी काग्रेस के पार्षद, 01 आप का पार्षद एव 05 निर्दलीय पार्षद थे। भाजपा ने 30 मे से 19 पार्षदो के समर्थन से अपना अध्यक्ष बनाया था। जैसे-जैसे समय बीतता गया राजनीतिक समीकरण बदलता गया। 05 निर्दलीय पार्षदो मे से 03 ने काग्रेस का दामन थाम लिया तो 02 निर्दलीय भाजपा के समर्थन मे आ गए। वही 02 जोगी काग्रेस के पार्षदो ने काग्रेस का दामन थाम लिया। इसके बाद काग्रेस के 13 पार्षद, भाजपा के 16 पार्षद एव आप का 01 पार्षद थे। 20 जून 2022 को काग्रेस के 10 पार्षदो ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी को आवेदन सौपा। उसके बाद भाजपा के 02 और पार्षदो ने काग्रेस का दामन थाम लिया। इस तरह वर्तमान मे काग्रेस के पास 15 पार्षद, भाजपा के पास 14 एव आप का 01 पार्षद थे। आज 4 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर मत डाले गये तो काग्रेस को 20 मत, भाजपा को 03, वही 06 मत रिजेक्ट हो गये। इस प्रकार काग्रेस बाजी पलटने मे कामयाब हो गयी।
नए अध्यक्ष की घोषणा आलाकमान करेगी
जीत के बाद काग्रेस के खेमे मे जश्न का माहौल था। नगरपालिका अध्यक्ष के सदर्भ मे काग्रेस के विधायक विनोद चद्राकर का कहना है कि अध्यक्ष के नाम की घोषणा आला कमान करेगी, तो वही हार का सामना करने वाले भाजपा के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश ने कहा कि “काग्रेस ने साा व धनबल से ये जीत हासिल की है। जीत या हार मायने नही रखता। मै महासमुद की जनता के साथ आजीवन खड़ा रहूगा।”
बागी भाजपा पार्षदो के खिलाफ कार्रवाई की अनुशसा
इस बीच महासमुद नगर पालिका परिषद के 8 बागी भाजपा पार्षदो को पार्टी से निष्कासित करने की अनुशसा प्रदेश कार्यालय को भेज दी गई है। पार्टी विरोधी गतिविधियो के लिए गठित जिला भाजपा की समन्वय समिति ने इसकी अनुशसा की है। इन पार्षदो मे हाफिज कुरैशी, मीना वर्मा, महेद्र जैन, पवन पटेल, मगेश टाकसाले, बड़े मुन्ना देवार, माधवी सिका व मनीष शर्मा शामिल है।
बॉउन्सरो की सुरक्षा मे पहुचे काग्रेस समर्थित पार्षद
महासमुद नगर पालिका मे अविश्वास प्रस्ताव का सम्मिलन काग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बना हुआ था। यही वजह थी कि प्रदेश काग्रेस कमेटी क्कष्टष्ट ने इसके लिए सुबोध हरितवाल, पीयूष केशरवानी, अमरजीत चावला और स्थानीय विधायक ससदीय सचिव विनोद चद्राकर को जिम्मेदारी दे रखी थी। काग्रेस पार्टी ने पूरी रणनीति और तामझाम के साथ तैयारी की। यहा तक कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए आयोजित सम्मिलन मे काग्रेस समर्थित पार्षदो को कार्यालय तक पहुँचाने के लिए सुरक्षा के बतौर दर्जन भर बाउसर भी साथ पहुचे। बताया जा रहा है कि इससे पूर्व ये सारे पार्षद शहर से बाहर किसी अज्ञात स्थान पर थे।
