अम्बिकापुर 26 जून 2022 (घटती-घटना)। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष खाद की सप्ताई कम होने के कारण किसानों की परेशानी हो रही है। वर्ष 2021-22 में प्रदेश में 6 लाख 49 हजार मिट्रिक टन की आवंटन हुआ था। इस वर्ष इसे कम कर 4 लाख 39 हजार मिट्रिक टन ही का आवंटन है। कुल 32.55 प्रतिशत का गैप आने से किसानों को खाद के लिए परेशानी बढ़ गई है। उक्त बातें रविवार को खाद्य मंत्र अमरजीत भगत ने खाद के संबंध में विभागीय बैठक के बाद सर्किट हाउस में पत्रारों से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि खाद की सप्लाई कम होने से किसानों को दिक्कत हो रही है। सप्लाई और आवंटन भारत सरकार को करना होता है। हमारी कोशिश है कि सप्लाई का अंतर पूरा करने की ओर है। गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष हमने आवंटन बढ़ाया है, परंतु सप्लाई नहीं हो सकी है। उन्होंने माना कि समय पर अगर खाद नहीं मिलेगा तो किसानों का उग्र होना स्वभाविक है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश रहेगी कि व्यवस्थित ढंग से किसानों को सही समय पर खाद की आपूर्ति हो सके। इसके लिए हमने अधिकारियों को निर्देशित भी किया है। उन्होंने कहा कि खाद की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी और किसानों से अधिक पैसा लेने की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
सरगुजा में 50 प्रतिशत का गैप
प्रेस वार्ता के दौरान खाद्य मंत्र अमरजीत भगत ने खाद को लेकर सरगुजा के संबंध में बताया कि पिछले वर्ष सहकारिता में 8 हजार 506 मिट्रिक टन व निजी में 13 हजार मिट्रीक टन कुल 31 हजार 506 मिट्रिक टन खाद आवंटन था। पर इस वर्ष जो आपूर्ति की गई है वह सहकारिता में 10 हजार 55 मिट्रिक टन व निजी में 6 हजार मिट्रिक टन कुल आवंटिन 16 हजार 55 मिट्रिक टन हुआ है। आवंटन है 33 हजार 700 जो अभी सप्लाई हो पाया है 16 हजार 55 मिट्रिक टन हुआ है। जो 50 प्रतिशत का गैप है। इस वजह से समिति में किसानों को दिक्कत हो रहा है। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द खाद की समस्या को दूर किया जाए।

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