नई दिल्ली 23 जून 2022। काग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी शैलजा और पार्टी के प्रमुख कानूनी विशेषज्ञ अभिषेक सिघवी को ताजा फेरबदल मे पार्टी की शीर्ष कार्यकारी निकाय काग्रेस कार्य समिति (सीडल्यूसी) मे शामिल किया गया है। शैलजा को हरियाणा से राज्यसभा सीट से चूकने के बाद सीडल्यूसी मे शामिल किया गया है, जबकि शीर्ष समिति मे सिघवी की एट्री नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्डि्रग केस मे काग्रेस की भविष्य मे होने वाली कानूनी लड़ाई के मद्देनजर की गई है। इसके अलावा आध्र प्रदेश के पूर्व सासद टी सुबारामी रेड्डी को भी सीडल्यूसी का स्थायी सदस्य बनाया गया है और यूपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को विशेष आमत्रित सदस्य बनाया गया है।
अभिषेक सिघवी को काग्रेस कार्यसमिति मे एट्री अन्य प्रमुख कानूनी विशेषज्ञ कपिल सिबल के अलगाव के बाद हुआ है, जिन्होने समाजवादी पार्टी की मदद से एक स्वतत्र सदस्य के रूप मे राज्यसभा मे लौटने के लिए पार्टी छोड़ दी थी। सिघवी की सीडल्यूसी मे एट्री इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योकि इस पार्टी के दो शीर्ष नेता सोनिया गाधी और राहुल गाधी नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्डि्रग केस मे ईडी की पूछताछ का सामना कर रहे है।
सुबारामी रेड्डी और अजय कुमार लल्लू को भी पद
काग्रेस ने आध्र प्रदेश के पूर्व सासद टी सुबारामी रेड्डी को भी सीडल्यूसी का स्थायी सदस्य घोषित किया है, जबकि उार प्रदेश के पूर्व पार्टी प्रमुख अजय कुमार लल्लू को विशेष आमत्रित सदस्य बनाया गया है।
गौरतलब है कि उार प्रदेश के तीन अन्य नेताओ राजीव शुक्ला, प्रमोद तिवारी और इमरान प्रतापगढ़ी को नामाकित किए जाने के बावजूद अजय कुमार लल्लू राज्यसभा मे जाने से चूक गए थे।
कुमार शैलजा की एट्री से हरियाणा चुनाव पर फोकस
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, सीडल्यूसी मे शैलजा को शामिल करना हरियाणा मे साा समीकरणो को सतुलित करने का एक प्रयास है, मुख्य रूप से भूपिदर हुड्डा और शैलजा के बीच सामजस्य स्थापित करना। हुड्डा हरियाणा मे निशाना साध रहे है। उनके बेटे दीपेद्र हुड्डा राज्यसभा सासद है। इसलिए, शैलजा को सीडल्यूसी के सदस्य के रूप मे समायोजित करना आवश्यक था।
