-पृथ्वीलाल केशरी-
रामानुजगंज 20 जून 2022 (घटती घटना)। दैनिक अखबार की आड़ में अधिकारियों कर्मचारियों को डरा धमका कर पैसा लेने के मामले में पीडç¸त व्यक्ति के द्वारा अखबार के महाप्रबंधक से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीडç¸त अधिकारियों कर्मचारियों ने अखबार के महाप्रबंधक से शिकायत करते हुए कहा है कि हम सभी अधिकारियों कर्मचारियों का कुछ ना कुछ मजबूरी के कारण हाथ दबा रहता है उसी का फायदा आपके द्वारा नियुक्त किए गए प्रतिनिधि उठा रहे हैं उनकी मांग इतनी अधिक होती है कि हम लोग भरपाई करने में समर्थ नहीं होते इसी का फायदा उठाते हुए डराने धमकाने का काम किया जा रहा है। कभी सूचना के अधिकार लगाया जाता है तो कभी समाचार प्रकाशन करने की धमकी दी जाती है तो कभी अच्छे कार्यों के लिए समाचार प्रकाशन करने के एवज में पैसे की मांग की जाती है ऐसे लोगों की नियुक्ति समाज के लिए घातक एवं प्रतिष्ठित समाचार पत्र का दामन पर भी दाग लगाने का कार्य आपके प्रतिनिधि के द्वारा किया जा रहा है। जो न्याय संगत नहीं है कृपया उचित कार्रवाई करते हुए समाज के चौथे स्तंभ की श्रेणी में आने वाले ऐसे प्रतिनिधि की नियुक्ति की जाए जो अपने लिए नहीं अपितु समाज के लिए अपना बेहतर दायित्व का निर्वहन कर सकें।
पत्रकारिता की आड़ में अवैध गतिविधि
पत्रकारिता के आड़ में अपराधी,छुटभैय्ये नेता, असामाजिक गतिविधि वाले लोग अपने काले कारोबार को चला रहे है। सरकार में बैठे लोगों के नज़दीकी और संबंधों का फायदा खुलेआम उठा रहे है। छुटभैय्ये नेता,अवैध कारोबारियों,यहां तक बिल्डर के लिए भी यह धंधा फायदे का साबित हो रहा है। पत्रकार का टैग लगाकर आसानी से अधिकारियों को धौंस दिखाकर उगाही करना आसान हो गया है।
स्वार्थियों के कारण पत्रकारिता हो रही कलंकित
मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। व्यवस्थागत कमियों को दूर करने की पहल के साथ समाज और लोकहित में शोषितों-वंचितों और पीडि़तों के लिए आवाज उठाना पत्रकारिता का धर्म है,लेकिन आज पत्रकारिता का स्वरूप बदल गया है। मीडिया भी पूरी तरह से व्यवसायिक हो गई है। लोग इसका इस्तेमाल व्यक्तिगत फायदे के लिए करने में लगे हुए हैं। पत्रकार भी अब पत्रकार नहीं रहा। स्वतंत्र पत्रकारिता करने वाले जहां अखबार की आड़ में आर्थिक लाभ के रास्ते तलाशते रहते हैं। जिन्हें ये विशेषज्ञता हासिल नहीं है उनकी पत्रकारिता ही संकट में है। अब कोई भी आदमी पत्रकारिता के आड़ में व्यवसाय के साथ ब्लेमेलिंग और धौंस दिखाकर वसूली जैसा कृत्य कर रहे हैं।
